हाजमा ठीक करने के लिए बनाई गई, वर्ल्ड वॉर में दिवालिया हुई और फिर इस तरह बनी सबकी फेवरेट

Updated on 09-12-2023 02:25 PM
नई दिल्ली : क्या आप भी कोल्ड ड्रिंक के दीवाने हैं? अगर हां, तो आप पेप्सी (Pepsi) के भी दीवाने होंगे। कोल्ड ड्रिंक मार्केट में पेप्सी का एक बड़ा मार्केट शेयर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेप्सी की शुरुआत कैसे हुई थी? आइए आज पेप्सी की कहानी के बारे में जानते हैं। पेप्सी का इतिहास 125 साल पुराना है। इतने लंबे समय बाद भी पेप्सी लोगों की फेवरेट सॉफ्ट ड्रिंक बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि पेप्सी की जर्नी में उतार-चढ़ाव नहीं आए हैं। एक समय ऐसा भी था जब यह कंपनी दिवालिया हो गई थी। यह दोबारा उठ खड़ी हुई और लोगों की फेवरेट बनी।

गरीबी, जॉब और मेडिकल शॉप

अमेरिका में पैदा हुए मेडिकल स्टूडेंट कालेब डेविस ब्रैडहम का हमेशा से डॉक्टर बनने का सपना था। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन में एडमीशन ले लिया। एक समय ऐसा आया कि उनके पास कॉलेज की फीस देने के लिए भी पैसे नहीं थे। ऐसे में वे एक दवा की दुकान पर काम करने लगे। उनके पिता आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। पैसों की तंगी के कारण डेविस की पढ़ाई बीच में ही छूट गई। परिवार को आर्थिक तंगी से बचाने के लिए डेविस एक स्कूल में पढ़ाने भी लगे। धीरे-धीरे पैसा बचाकर एक साल बाद उन्होंने न्यूबर्न की पोलॉक स्ट्रीट में एक मेडिकल की दुकान खोल ली।

हाजमा ठीक करने के लिए बनाई गई थी ड्रिंक

ब्रैडहम ने ज्यादा पैसा कमाने के लिए एक डाइजेस्टिव सॉफ्ट ड्रिंक बनाई, जो हाजमा ठीक कर सके। उन्होंने सोडा फाउंटेन की मदद से कोला नट एक्सट्रैक्ट, और वनीला रेयर ऑयल को एक साथ मिलाकर यह ड्रिंक बनाई। इसे उनके ग्राहकों ने काफी पसंद किया। इसके बाद धीरे-धीरे यह पॉपुलर होती चली गई। उस समय इस डाइजेस्टिव ड्रिंक का ना ब्रैड्स ड्रिंक पड़ गया था।


और बन गई पेप्सी कोला

28 अगस्त 1898 को डेविस ब्रैडहम ने पेप्सी कोला को मिक्स कर बनाई गई इस ड्रिंक का नाम पेप्सी कोला रख दिया। चार साल बाद दिसंबर 1902 में इसी नाम से कंपनी बना दी। इसके बाद डेविस किराए की जगह पर शेड डालकर पेप्सी कोला बनाने लगे। साल 1905 में पेप्सी कोला को बोतल में भरकर बेचा जाने लगा। धीरे-धीरे पेप्सी कोला फेमस कोल्ड ड्रिंक बन गई।

दिवालिया हो गए थे डेविस

17 साल काफी तेज रफ्तार से भागने के बाद पेप्सी कोला के पहिए थम गए थे। वह फर्स्ट वर्ल्ड वॉर का समय था। उस समय चीनी की कीमतें आसमान छू रही थीं। वर्ल्ड वॉर से पहले जो चीनी 3 सेंट के भाव में मिल रही थी, वह बढ़कर 28 सेंट्स तक पहुंच गई थी। भाव बढ़ते देख डेविस ने चीनी का काफी बड़ा स्टॉक कर लिया था। लेकिन उल्टा हो गया। चीनी के रेफ अचानक काफी गिर गए। इससे डेविस को बड़ा घाटा हुआ और वे दिवालिया हो गए। आर्थिक संकट ऐसा आया कि उन्हें फिर से मेडिकल स्टोर की तरफ जाना पड़ा।


और उठ खड़ी हुई दोबारा

साल 1923 में लाफ्ट कैंडी कंपनी ने पेप्सी कोला को 35 हजार डॉलर में खरीद लिया। साल 1934 में एक बार फिर इसे बेच दिया गया। साल 1940 में इसकी लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए विज्ञापन जिंगल तैयार किए गए। इन्हें 50 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट कराया गया। इससे कंपनी को फायदा हुआ। हालांकि, 60 के दशक में पेप्सी का मुकाबला कोला कंपनी से था। ऐसे में कुछ समय के लिए बिक्री घट गई। बाद में पेप्सी ने फिर से धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया और आज दुनिया इसकी दीवानी है।

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