ऑस्ट्रेलिया में गुम हुआ रेडियोएक्टिव कैप्सूल, विकिरण की आशंका से मचा हड़कंप, रेड अलर्ट जारी

Updated on 29-01-2023 06:30 PM
केनबरा: ऑस्ट्रेलिया में एक रेडियोएक्टिव कैप्सूल के गुम होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस कैप्सूल की खोज के लिए कई टीमों का गठन भी किया है। बताया जा रहा है कि यह रेडियोएक्टिव कैप्सूल काफी छोटा है। इसके बाहरी आवरण पर थोड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी सीज़ियम -137 होता है, जिसे छूने पर गंभीर बीमारी हो सकती है। यह जनवरी के मध्य में न्यूमैन शहर और पर्थ शहर के बीच 1,400 किमी की दूरी में कहीं खो गया था। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि यदि वे इसे देखते हैं तो कैप्सूल से दूर रहें। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा है कि अगर किसी को भी ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो उसे हमें जानकारी देनी चाहिए। अगर किसी को लगता है कि वे इसके संपर्क में आए हैं तो उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की जरूरत है।

न्यूमैन से पर्थ लेकर जाते समय ट्रक से गिरा


रिपोर्ट के अनुसार, यह रेडियोएक्टिव कैप्सूल 10-16 जनवरी के बीच पिलबारा क्षेत्र में न्यूमैन के उत्तर में एक खदान स्थल से ट्रक के जरिए पर्थ लेकर जाया जा रहा था। इसी दौरान यह गलती से ट्रक से नीचे गिर गया। सीजियम-137 आमतौर पर खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ है। डिपार्टमेंट ऑफ फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (DFES) ने कहा है कि कैप्सूल को हथियार नहीं बनाया जा सकता है, लेकिन इससे रेडिएशन फैल सकता है और कैंसर जैसे अन्य दीर्घकालिक जोखिम हो सकते हैं।

रेडियोएक्टिव पदार्थ के संपर्क में आने का है डर


पर्थ के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और रेडियोलॉजिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ एंड्रयू रॉबर्टसन ने कहा कि यह वस्तु विकिरण की उचित मात्रा का उत्सर्जन करती है। "हमारी चिंता यह है कि कोई भी इसे उठा सकता है, बिना जाने कि यह क्या है। वे सोच सकते हैं कि यह कुछ दिलचस्प है और इसे रख सकते हैं, या इसे अपने कमरे में रख सकते हैं, इसे अपनी कार में रख सकते हैं, या इसे किसी को दे सकते हैं।"

पूरे रास्ते को किया जा रहा स्कैन


डीएफईएस ने गायब हुए रेडियोएक्टिव कैप्सूल का चित्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि इस कैप्सूल का आकार 6 मिमी गुणा 8 मिमी है। जिस स्थान से इसे ट्रक पर लोड किया गया और जहां इसे पहुंचना था, उसकी जांच की जा चुकी है। अब खोज के क्षेत्र को कम करने के लिए बनाए गए सटीक मार्ग और स्टॉप का पता लगाने के प्रयास चल रहे हैं।

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