ट्रूडो की बधाई पर मोदी का 4 दिन बाद जवाब:कनाडाई PM ने लिखा था- मानवाधिकारों पर काम करेंगे

Updated on 10-06-2024 01:42 PM

नरेंद्र मोदी ने रविवार को तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। चुनाव जीतने के बाद से ही उन्हें काफी बधाईयां मिल रही हैं। मोदी उन्हें स्वीकार करते हुए सबका जवाब भी दे रहे हैं। कल प्रधानमंत्री मोदी ने 4 दिन बाद एक बधाई को स्वीकार किया। ये बधाई भारत पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की थी।

ट्रूडो ने 6 जून को मोदी को चुनाव जीतने पर बधाई दी थी। उन्होंने लिखा था- कनाडा दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी की सरकार के साथ काम करने को तैयार है। हम मानवाधिकारों, विविधता और कानून के पालन को लेकर काम करेंगे। मोदी ने कल 4 दिन बाद इसका जवाब दिया।

'कनाडा के साथ काम करने को तैयार'
मोदी ने ट्रूडो के मैसेज का जवाब देते हुए लिखा, "बधाई के लिए ट्रूडो का धन्यवाद। भारत कनाडा के साथ आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं की इज्जत करते हुए काम करने को तैयार है।"

दरअसल, भारत लगातार कनाडा में होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों पर आपत्ति जताता रहा है। जबकि कनाडा फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन यानी बोलने की आजादी के नाम पर उन पर कार्रवाई नहीं करता है। मोदी ने अपने जवाब के जरिए फिर से ये दोहराने की कोशिश की है कि कनाडा और भारत को रिश्ते सुधारने के लिए एक-दूसरे की चिंताओं को समझना होगा।

ट्रूडो और मोदी के बीच ये बातचीत उस वक्त हुई है जब कुछ दिन पहले ही कनाडा के संसदीय पैनल ने भारत को उसके लिए दूसरा सबसे बड़ा खतरा बताया था।

भारत में दो दिन अटके रहे थे ट्रूडो, भारत पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया

कनाडा में लगातार खालिस्तानी आतंकी भारत विरोधी रैलियां निकाल रहे थे। भारत के बार-बार इन रैलियों पर आपत्ति जताने के बावजूद कनाडा कोई एक्शन नहीं ले रहा था। इससे दोनों देशों के बीच रिश्ते बिगड़ने लगे थे। तभी सितंबर 2023 में भारत में G20 समिट हुई। इसके लिए ट्रूडो भी भारत आए। हालांकि, खालिस्तानियों पर विवाद के चलते G20 के लगभग सभी इवेंट्स में वे अलग-थलग दिखाई दिए। यहां तक कि वे G20 के डिनर में भी शामिल नहीं हुए थे। दोनों देशों में ट्रेड को लेकर भी कोई डील नहीं हो पाई थी।

ट्रूडो को समिट खत्म होने के तुरंत बाद वापस कनाडा जाना था। इसके बावजूद वे 2 दिन भारत में फंसे रहे थे। इसकी वजह उनके विमान में आई तकनीकी खराबी थी। इस पर ट्रूडो को भारत ने अपना IAF वन प्लेन ऑफर किया था, लेकिन कनाडा ने इसे स्वीकर करने से इनकार कर दिया।

ट्रूडो के लिए कनाडा से एक दूसरा प्लेन बुलाया गया, लेकिन किसी वजह से उसे बीच रास्ते से डायवर्ट कर दिया गया। वो समय पर भारत नहीं पहुंच पाया। अंत में 36 घंटे बाद खराब प्लेन के ठीक होने के बाद ही ट्रूडो अपने देश लौट पाए थे।

G20 समिट से लौटने के 8 ही दिन बाद ही अपनी संसद में ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगा दिया। इससे दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बने मुहाफिज-V बख्तरबंद वाहनों को कथित तौर पर सूडान की राजधानी खार्तूम में एक मिलिट्री परेड में देखा गया है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह…
 07 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी अगले हफ्ते की शुरुआत (10 अगस्त) में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे। त्रिवेदी की बांग्लादेश के पीएम से मुलाकात दोनों देशों…
 07 August 2026
बैंकॉक: थाईलैंड के एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार ने बांग्लादेश में आईएसआई के प्रभाव की बात को नकार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि शेख हसीना और उनके बेटे…
 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
Advt.