मुंबई की अमीना ने पाकिस्तान के हैंडलर अहसान गाजी से करवाया था संपर्क, अहमद 14 दिन की कस्टडी में
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05-08-2023 02:05 PM
लखनऊ: हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) का गिरफ्तार संदिग्ध अहमद रजा का संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर अहसान गाजी से मुंबई की अमीना के जरिए हुआ था। अमीना, अहमद को सोशल मीडिया पर मिली थी। वह अमीना से जिहाद के अलावा अपनी पत्नी के बारे में भी बातचीत करता था। अहमद ने एटीएस को पूछताछ में बताया है कि उसने आतंकी वारदात के लिए एक पिस्टल भी खरीदी थी, जिसे मुरादाबाद में गांव के पास छिपाकर रखा है। एटीएस को अहमद रजा की 14 दिनों की कस्टडी रिमांड मिल गई है। इस दौरान एटीएस इस पिस्टल करेगी और यह पता करने की कोशिश करेगी कि अहमद ने यह असलहा कैसे हासिल किया। इस साल रमजान के महीने में अहमद हथियारों की ट्रेनिंग के लिए जम्मू कश्मीर गया था। वहां वह करीब महीने भर रहा था। इससे पहले भी वह 2022 में भी ट्रेनिंग के लिए कश्मीर गया था।
अहमद ने एटीएस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर लोगों की तलाश करते हुए जिहादी सोच रखने वाले काफी लोगों से मिला, उसने फेसबुक पर सालार केएचआर, मुसाफिर हूं टूटा हुआ और मुसाफिर मुसाफिर पेज बनाए थे। इंस्टाग्राम पर भी एक अकाउंट बनाया था। अहमद ने पाकिस्तान के खादिम हुसैन रिजवी की पाकिस्तानी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक की तर्ज पर लब्बैक आर्मी नाम का वॉट्सऐप ग्रुप भी बनाया था। एटीएस के मुताबिक अहमद पाकिस्तान के खादिम हुसैन रिजवी और हसन रजा नक्शबंदी से काफी प्रभावित था, उसके मोबाइल फोन में इनके कई जिहादी वीडियो भी मिले हैं। बताया कि वह 2020 से इन दोनों की तकरीरें सुनता आ रहा है। ये तकरीरें तकरीर भारत के खिलाफ थीं। अहमद ने बताया कि उनकी जिहादी सोच को वह अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करता था।
सहारनपुर, जम्मू-कश्मीर और मुरादाबाद ले जाएगी एटीएस
एटीएस अहमद कस्टडी रिमांड के दौरान सहारनपुर, जम्मू-कश्मीर और मुरादाबाद ले जाएगी। इस दौरान उससे हिजबुल मुजाहिद्दीन की तंजीम से जुड़े लोगों की पहचान भी करवाई जाएगी। एटीएस यह भी पता लगाएगी कि अहमद सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर किन-किन ऐप के जरिए और कौन-कौन से लोगों से जुड़ा था। साथ ही जम्मू कश्मीर में वह और किन संगठनों के संपर्क में था।