बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने NEET-UG 2026 एग्जाम पेपर लीक पर मोदी सरकार को फिर से घेरा है। एक ताजा इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जो खुद अनपढ़ हैं, वो पढ़ाई की अहमियत नहीं जानते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'झूठा' और उनकी सरकार को 'बहरी, गूंगी और अंधी' कहते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि वह मोदी को गंभीरता से नहीं लेते। 76 साल के एक्टर ने दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई, बिहार, पंजाब, मिजोरम से होते हुए तिरुवनंतपुरम तक, छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सपोर्ट किया। 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और दो टूक कहा है जो पुलिस दिन-दहाड़े रेप, हत्याओं को रोक नहीं सकती, वो छात्रों पर रैपिड एक्शन फोर्स से कार्रवाई करती है।नसीरुद्दीन शाह ने 'द प्रिंट' के लिए करण थापर से बातचीत की है। उन्होंने यह तब कहा है कि जब एक दिन पहले ही उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर प्रदर्शनकारी छात्रों के सपोर्ट में एक वीडियो पोस्ट भी शेयर किया था। जब इंटरव्यू में नसीर साहब से पूछा गया कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह से छात्राें के आंदोलन के इस मुद्दे को संभाला है, उसे आप कैसे देखते हैं? तो दिग्गज एक्टर ने कहा, 'मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं है।'नसीरुद्दीन शाह बोले- मोदी तो दिव्य हैं, क्या कभी उन्होंने गलती मानी है?
नसीरुद्दीन शाह प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आगे कहते हैं, 'उन्होंने कभी किसी बात पर ईमानदारी से बात की है? क्या उन्होंने अपनी किसी गलती की जिम्मेदारी ली है? क्या उन्होंने कभी माना है कि शायद वे गलत थे? नहीं। वे तो दिव्य हैं और उनकी इस तथाकथित दिव्यता का असर उनके सभी समर्थकों पर पड़ा है। मुझे यह सब सुनकर, या देखकर हैरानी होती है कि उन्होंने कैसा जादू किया है। वे वैज्ञानिकों के एक समूह से 'गटर गैस' के बारे में बात करते हैं और वे तालियां बजाते हैं। वे कहते हैं कि भगवान गणेश का सिर प्लास्टिक सर्जरी का नतीजा था। कर्ण और कौरव IVF से पैदा हुए थे, और इस पर डॉक्टर तालियां बजाते हैं। हमारे साथ क्या हो रहा है? क्या कोई ऐसा नहीं है जो इस आदमी से सवाल पूछे? झूठ पर झूठ, झूठ पर झूठ।'
'मोदी डरते हैं, इसलिए प्रेस से बात नहीं करते'
नसीरुद्दीन शाह आगे कहते हैं, 'वे कभी प्रेस से बात नहीं करते, क्योंकि वे डरते हैं। उनसे 2002 के बारे में पूछा जाएगा। उनसे उनके तथाकथित 35 साल तक भीख मांगने, हिमालय में ध्यान लगाने और किसी खास पद पर पहुंचने से पहले पेरिस, न्यूयॉर्क और अमेरिका के 20 अन्य राज्यों की यात्रा करने के बारे में पूछा जाएगा। फिर भी वे एक बहुत गरीब परिवार से आते हैं।''वो हमें पेट्रोल बचाने, विदेश नहीं घूमने कहते हैं और खुद...'
हाल ही 'मैं वापस आऊंगा' में नजर आए एक्टर ने कहा, 'हिंदी फिल्मों में ऐसा होता है। आप जानते हैं कि कैसे एक्टर्स के नकली आंसू लोगों को सच में भावुक कर देते हैं। रोते समय वे जो भयानक एक्टिंग करते हैं और वह भी सिर्फ अपने लिए। वे कभी पुलवामा में मारे गए जवानों या पहलगाम में मरे पर्यटकों के लिए नहीं रोए। मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं है कि उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने किस मुद्दे पर बात की है? वे हमें पेट्रोल बचाने के लिए कहते हैं और खुद 10 SUV के काफिले में घूमते हैं। वे हमें विदेश यात्रा न करने के लिए कहते हैं और अगली ही रात छह देशों के दौरे पर निकल जाते हैं, जहां वे कोई फर्जी मेडल लेते हैं। सोना मत खरीदो। पैसे बचाओ। यह सब उनके लिए नहीं है। वे तो दिव्य हैं।''मैं उन्हें सीरियसली नहीं लेता, जो अनपढ़ वो पढ़ाई की अहमियत नहीं जानते'
जब नसीरुद्दीन शाह से पूछा गया कि क्या वो प्रधानमंत्री मोदी को 'धोखेबाज' मानते हैं, तो उन्होंने कहा, 'वे धोखेबाज जैसे ही हैं, लेकिन मुझे उनकी किसी भी बात को गंभीरता से लेना मुश्किल लगता है। खुद अनपढ़ होने के कारण, उन्हें छात्रों और पढ़ाई की अहमियत का अंदाजा नहीं है। वे परीक्षाओं के बारे में सीख देते हैं। जिस व्यक्ति ने शायद खुद कभी कोई परीक्षा नहीं दी, वह छात्रों को सिखाता है कि परीक्षा कैसे दी जाए। वे अपने जैसे ही किसी व्यक्ति से एक साफ तौर पर फर्जी डिग्री दिखाते हैं और उसी का सहारा लेते हैं। उन्होंने कभी इस बारे में साफ-साफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने कभी अपनी शादीशुदा जिंदगी, अपने माता-पिता, अपने भाई-बहनों या अपनी जिंदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने बस झूठ ही बोला है।'नसीरुद्दीन शाह बोले- स्कूलों में बकवास सिलेबस, मैं छात्रों को सलाम करता हूं
छात्रों के आंदोलन और देश में शिक्षा के हालात पर एक्टर ने कहा, 'मैं छात्रों को सलाम करता हूं। उनका यकीन और उनका जोश असली है। यह कोई राजनीतिक फायदा उठाने या ऐसी किसी चीज के लिए नहीं है। यह उनके भविष्य का सवाल है। हमारे देश का भविष्य उनके हाथों में है और स्कूलों में सिलेबस के जरिए उन्हें बकवास बातें सिखाई जा रही हैं। उन्हें 15वीं सदी में वापस ले जाया जा रहा है। ऐसे में जब वे बड़े होंगे और साइंस, जियोलॉजी, जियोग्राफी या हिस्ट्री में नौकरी करना चाहेंगे, तो उनकी तैयारी कैसी होगी? इससे एजुकेशन सिस्टम को कभी न ठीक होने वाला नुकसान हो रहा है। ये बच्चे यह बात जानते हैं। ये बच्चे इतने समझदार हैं कि उन्हें पता है कि उनके साथ क्या हो रहा है। उनका यकीन सच्चा है। मैं उनके साथ खड़ा हूं।'दिल्ली पुलिस पर भड़के नसीरुद्दीन शाह- वर्दी का कुछ तो सम्मान होता
नसीरुद्दीन शाह ने 20 जुलाई की घटना पर दिल्ली पुलिस को आड़े हाथों लिया। कहा, 'ये पुलिस वाले नहीं हो सकते। उन्हें अपनी वर्दी का कुछ तो सम्मान होता। वे हमारे नागरिकों की रक्षा और बचाव की शपथ लेते हैं। यह दिल्ली पुलिस, जो दिन-दहाड़े होने वाली हत्याओं, रेप और अपहरण को नहीं रोक पाती, वह रैपिड एक्शन फोर्स के साथ मिलकर उन छात्रों को बुरी तरह पीटती है जो किसी भी तरह से उकसावा नहीं दे रहे थे। आज सुबह मैंने देखा कि छात्र पलटवार कर रहे थे। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। मेरा मतलब है, जब चूहे को भी दीवार से सटा दिया जाता है, तो वह भी लड़ता है।''सरकार बहरी, गूंगी और अंधी है, बच्चों की मांग और गुस्सा जायज'
बातचीत में नसीरुद्दीन शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी जायज बताया। कहा, 'ये बच्चे जो मांग कर रहे हैं, वह सही है। उनका गुस्सा बिल्कुल जायज है। यह सरकार बहरी, गूंगी और अंधी होगी जो उन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। ये युवा बच्चे शिक्षा की मांग कर रहे हैं। यह बात कभी भी इन लोगों के एजेंडे में नहीं रही है। छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो इसमें क्या गलत है। मुझे हैरानी है कि असली गोलियां चलने में अब कितना समय लगेगा।'