सरेंडर की तैयारी कर रहे नक्सली: 3 राज्यों के सीएम को भेजा पत्र, मांगा समय...

Updated on 24-11-2025 01:27 PM

रायपुर। सुरक्षाबलों के लगातार आपरेशन, जंगल क्षेत्रों में बढ़ते दबाव और अपने साथियों के मारे जाने की संख्या में तेज बढ़ोतरी से नक्सल संगठन में दहशत का माहौल है। इसी बदलती स्थिति के बीच नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने पहली बार सरकारों के सामने आत्मसमर्पण का स्पष्ट प्रस्ताव रखा है। इसके लिए संगठन की ओर से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के नाम एक विस्तृत पत्र जारी किया गया है, जिस पर हस्ताक्षर प्रवक्ता अनंत के हैं।

पत्र में नक्सलियों ने तीनों राज्यों की सरकारों से हथियार डालने के लिए 15 फरवरी 2026 तक का समय देने की मांग की है। अनंत की प्रेस रिलीज में कहा गया है कि वे सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे। यदि प्रतिक्रिया सकारात्मक रहती है, तो अगली प्रेस रिलीज में आत्मसमर्पण की तारीख सार्वजनिक कर दी जाएगी।

संघर्ष पर अस्थायी विराम का फैसला
पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय कमेटी और पोलित ब्यूरो मेंबर कॉमरेड सोनू दादा ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इस फैसले का समर्थन CCM सतीश दादा और CCM चंद्रन्ना ने भी किया है। संगठन के अनुसार यह एक बड़ा निर्णय है और इसी कारण उन्हें अपने कैडरों तक संदेश पहुंचाने के लिए समय चाहिए।

एंटी नक्सल ऑपरेशनों पर रोक की मांग
जारी पत्र में नक्सलियों ने सरकारों से एंटी नक्सल अभियान पर फिलहाल रोक लगाने की अपील की है। उनका तर्क है कि दूर-दराज के इलाकों में मौजूद कैडरों तक संदेश पहुंचाने के लिए उन्हें रेडियो पर अपने संदेश प्रसारित करने की अनुमति दी जाए, क्योंकि यह उनका एकमात्र विश्वसनीय माध्यम है।

पत्रकारों व जनप्रतिनिधियों से मिलने की इच्छा
नक्सलियों ने सरकारों से अनुरोध किया है कि इस दौरान उन्हें चुनिंदा पत्रकारों, कुछ जनप्रतिनिधियों और कुछ यूट्यूबरों से मिलने का अवसर दिया जाए। संगठन का कहना है कि ऐसा होने पर वे बातचीत के माध्यम से सरेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे और जल्द तारीख तय करेंगे।

पत्र में पहले भी उठाए कई सवाल
इससे पहले सामने आए पत्र में संगठन ने यह स्वीकार किया था कि सुरक्षा बलों के लगातार दबाव, विकास कार्यों की पहुंच और स्थानीय समुदायों में बदलते रुझानों के कारण पुरानी रणनीति पर टिके रहना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्होंने तीनों राज्यों की सरकारों को लिखा कि 2026 तक का समय दिया जाए ताकि वे आंतरिक प्रक्रिया पूरी कर सकें।

सरकारों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर
अब सभी की नजर इस बात पर है कि तीनों राज्यों की सरकारें नक्सलियों के इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती हैं। संगठन के अनुसार प्रतिक्रिया मिलने के बाद वे हथियार डालने की आधिकारिक तारीख की घोषणा करेंगे।



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