नितिन गडकरी के पास नहीं रह गया है बड़े हाइवे प्रोजेक्ट मंजूर करने का अधिकार! जानिए क्यों

Updated on 04-02-2025 01:07 PM
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को राहत देने के लिए एक समान टोल नीति पर काम कर रहा है। गडकरी ने यह भी कहा कि अब भारत का राजमार्ग बुनियादी ढांचा अमेरिका के बराबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सोशल मीडिया पर यात्रियों की शिकायतों को बहुत गंभीरता से ले रहा है और इसमें शामिल ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'हम एक समान टोल नीति पर काम कर रहे हैं। इससे यात्रियों को होने वाली समस्याओं का समाधान होगा।’ गडकरी अधिक टोल शुल्क और खराब सड़क की शिकायतों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वालों के बीच बढ़ते असंतोष पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक बाधा रहित वैश्विक नेविगेशन उपग्रह प्रणाली आधारित टोल संग्रह प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है।

शिकायतों का निपटारा

गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सोशल मीडिया पर यात्रियों की शिकायतों को बहुत गंभीरता से ले रहा है और इसमें शामिल ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। इस समय राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल यातायात में निजी कारों की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत हैं, जबकि इन वाहनों का टोल राजस्व संग्रह में हिस्सा मुश्किल से 20-26 प्रतिशत है।पिछले 10 साल में अधिक से अधिक खंडों पर टोल संग्रह शुरू होने से टोल शुल्क बढ़ा है, जिससे अक्सर यात्रियों में असंतोष बढ़ता है। भारत में कुल टोल संग्रह 2023-24 में 64,809.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2019-20 में संग्रह 27,503 करोड़ रुपये था।

बड़े प्रोजेक्ट मंजूर करने का अधिकार नहीं

गडकरी ने भरोसा जताया कि राजमार्ग मंत्रालय 2020-21 में प्रतिदिन 37 किलोमीटर राजमार्ग निर्माण के पिछले रिकॉर्ड को चालू वित्त वर्ष में पार कर जाएगा। चालू वित्त वर्ष में अबतक करीब 7,000 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। भारतमाला परियोजना की जगह लेने के लिए नई योजना के अभाव में राजमार्ग परियोजनाएं आवंटित करने की गति काफी धीमी हो गई है।
गडकरी के अनुसार पहले भारतमाला परियोजना के तहत मंत्रालय के पास 3,000 करोड़ रुपये तक की राजमार्ग परियोजनाएं आवंटित करने का अधिकार था, लेकिन अब मंत्रालय भारतमाला परियोजना के तहत किसी भी नई परियोजना को मंजूरी नहीं दे सकता है। उन्होंने कहा कि 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की किसी भी परियोजना के लिए अब हमें मंत्रिमंडल की मंजूरी लेनी होगी। हमने 50-60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 June 2026
नई दिल्ली: आपके घर में रखा सोना क्या देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी रुकावट बन रहा है? सीए नितिन कौशिक का मानना कुछ ऐसा ही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म…
 22 June 2026
नई दिल्‍ली: एनर्जी मार्केट में होर्मुज स्‍ट्रेट दोबारा सुर्खियों में है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। इसके बावजूद इस संकरे जलमार्ग से होने वाली आवाजाही…
 22 June 2026
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जल सुरक्षा को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को सीधी सैन्य कार्रवाई की…
 22 June 2026
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास फंसे उर्वरक से लदे 16 मालवाहक जहाजों में से करीब 10 से 12 जहाज इस जलमार्ग को पार करने में सफल…
 20 June 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में इस बार तगड़ी वाली गिरावट देखी गई है। एक ही सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार से करीब 10 अरब डॉलर…
 20 June 2026
नई दिल्ली: थर्मल पावर प्लांट से निकली राख ( Fly Ash ) कभी पावर प्लांट के लिए सर दर्द का सबब था। लेकिन जबसे इसका उपयोग सड़क बनाने, सीमेंट या…
 20 June 2026
नई दिल्‍ली: साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर दुनिया का झुकाव अब एक ज्‍यादा मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन में रुकावटें और एनर्जी सिक्‍योरिटी की…
 20 June 2026
नई दिल्ली: स्मार्टफोन और पैसेंजर वीकल्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय कंस्यूमर्स अब रीफर्बिश्ड और सेकंड हैंड सामानों की ओर रुख कर रहे हैं। मोबाइल…
 19 June 2026
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक सदस्य UPI और ATM के जरिए अपने पीएफ अकाउंट से फंड निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को…
Advt.