सबके लिए एक तरह का KYC सरकार और रेगुलेटर में बातचीत, जानिए क्या बदल जाएगा
Updated on
22-02-2024 02:42 PM
नई दिल्ली: नियम-कानूनों के दायरे से बाहर जाकर ऑनलाइन ऐप्स के जरिए कर्ज देने की हरकतों पर लगाम कसी जाए। फाइनैंशल सेक्टर में नो योर कस्टमर (KYC) प्रोसेस को सरल बनाया जाए और इसे डिजिटलाइज्ड किया जाए। देश-विदेश में जो आर्थिक स्थितियां उभर रही हैं, उन पर नजर बनाए रखी जाए, जिससे देश की माली हालत पर कोई आंच न आए। फाइनैंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ये निर्देश आरबीआई और सेबी सहित देश के फाइनैंशल सेक्टर के रेगुलेटरों को दिए। सीतारमण फाइनैंशल स्टेबिलिटी एंड डिवेलपमेंट काउंसिल (FSDC) की 28वीं मीटिंग की अध्यक्षता कर रही थीं। इस बैठक में मिनिस्ट्री के विभिन्न विभागों के सचिवों और चीफ इकनॉमिक अडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन के अलावा आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, सेबी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक मोहंती और इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI के चेयरपर्सन देबाशीष पंडा मौजूद थे।