तीन महीने में एक लाख बन गए एक करोड़ रुपये... क्रिप्टोकरेंसी का तगड़ा रिटर्न निवेशकों को खींच रहा, लेकिन सावधान

Updated on 28-06-2025 02:24 PM
नई दिल्ली: तीन महीने में एक लाख रुपये के एक करोड़ रुपये! स्टोरी की यह हैडिंग पढ़ने के बाद आपको शायद लगा होगा कि कहीं यह झूठ तो नहीं। नहीं, यह झूठ नहीं है। मुबारक (Mubarak) नाम की क्रिप्टोकरेंसी ने इतना, यहां तक कि इससे ज्यादा रिटर्न दिया है। लेकिन रुकिए। इसका मतलब यह नहीं कि आप भी आंख बंद करके इसमें पैसा लगा दें। 24 घंटे चलने वाला क्रिप्टो का यह बाजार आपको एक दिन में कंगाल भी कर सकता है। चलिए, आपको एक उदाहरण बताते हैं।

नोएडा में रहने वाले विवेक की नई नौकरी लगे 6 महीने ही हुए थे। ऑफिस में एक दिन दोस्तों के साथ चर्चा में क्रिप्टोकरेंसी का जिक्र छिड़ गया। विवेक ने अभी अपना इन्वेस्टमेंट शुरू नहीं किया था। वह इसकी प्लानिंग कर रहे थे। दोस्तों के साथ चर्चा के दौरान उन्हें लगा कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश फायदे का सौदा है। इसमें कम समय में ज्यादा रिटर्न कमाया जा सकता है।
विवेक ने बिना कुछ रिसर्च किए या इसकी बहुत ज्यादा जानकारी लिए कुछ क्रिप्टोकरेंसी में एक लाख रुपये निवेश कर दिए। वह रोजाना अपने फोन पर चेक करते थे कि उनकी रकम आज कितनी बढ़ गई। 6 महीने में उनके एक लाख रुपये करीब डेढ़ लाख रुपये हो गए थे। अच्छा रिटर्न देख उन्होंने उन्हीं क्रिप्टो में 50 हजार रुपये और निवेश कर दिए। एक दिन सुबह जब उनकी आंख खुली और मोबाइल में क्रिप्टो का रिटर्न देखा तो उन्हें गहरा शॉक लगा। उनके करीब दो लाख रुपये मात्र 50 हजार रुपये रह गए थे। एक क्रिप्टो जो बहुत तेजी से बढ़ रही थी, अचानक धड़ाम हो गई और विवेक का पैसा डूब गया।

निवेश से पहले रिसर्च जरूरी

सिर्फ विवेक ही नहीं, ऐसे न जानें कितने निवेशक हैं जिन्होंने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर अपना पैसा डुबो दिया। इसलिए जानकार कहते हैं कि क्रिप्टो में निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च कर लें। किसी ऐसे शख्स से जानकारी लें जो पहले से इसमें निवेश कर रहा हो।

क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी एक तरह की डिजिटल या वर्चुअल करेंसी है। यह लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल करती है। यह एक ऐसे नेटवर्क पर आधारित है जिस पर किसी का कंट्रोल नहीं है। मतलब, इसे कोई एक व्यक्ति या संस्था नहीं चलाती है। बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी का कोई भौतिक रूप नहीं होता। यह सिर्फ एक डिजिटल लेजर पर मौजूद होती है जिसे ब्लॉकचेन कहते हैं। जैसे आप रुपयों से डिजिटल पेमेंट करते हैं, वैसे ही क्रिप्टोकरेंसी से भी सामान और सर्विस के लिए पेमेंट कर सकते हैं। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि जिसे आप पेमेंट कर रहे हैं, वह इसे स्वीकार करे।

क्रिप्टोकरेंसी से आप सीधे लेन-देन कर सकते हैं। इसमें बैंक जैसे किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती। यह सुरक्षा और पहचान के लिए पब्लिक और प्राइवेट कीज का इस्तेमाल करती है। लेन-देन का रेकॉर्ड एक पब्लिक लेजर पर दर्ज होता है जिसे ब्लॉकचेन कहते हैं। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। आज 5000 से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं। बिटकॉइन सबसे पहली और सबसे ज्यादा प्रचलित क्रिप्टोकरेंसी है।

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