प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

Updated on 23-06-2025 01:27 PM

बीजापुर ।  बीजापुर जिले के ग्राम तुमनार में 21 जून 2025 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के लाभों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो इस मिशन के प्रति उनकी रुचि और जागरूकता को दर्शाता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम  का संचालन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया जिसमें उप संचालक कृषि बीजापुर,   पी एस कुशरे, और सहायक संचालक कृषि,  कृष्ण कुमार सिंहा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंकज कुमार नेताम मुख्य वक्ता और प्रदर्शनकर्ता के रूप में शामिल थे। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें बीज उत्पादन, प्राकृतिक खाद जैसे घनजीवामृत, बीजामृत, जीवामृत, निमाहस्र और ब्रह्मास्त्र के निर्माण, और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाव के उपाय शामिल थे।

 पी एस कुशरे द्वारा बीज उत्पादन और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों पर चर्चा किया गया उन्होंने  किसानों को बीज उत्पादन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन पर जोर दिया, जो न केवल लागत प्रभावी है बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।  कुसरे ने रासायनिक खेती के हानिकारक प्रभावों, जैसे मिट्टी की उर्वरता में कमी, जल प्रदूषण, और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव और केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो रहे हैं, जो मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। श्री कुशरे ने प्राकृतिक खेती को अपनाने के लाभों पर जोर देते हुए कहा, प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है, बल्कि यह किसानों की लागत को कम कर उनकी आय में वृद्धि भी करती है। यह पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

घनजीवामृत, बीजामृत, जीवामृत, निमास्त्र अग्नी अस्त्र, ब्रम्हास्त्र, पचपर्णीसार और दसपर्णीअर्क का जीवंत प्रदर्शन- सहायक संचालक कृषि,  कृष्णकुमार सिंहा ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण इनपुट्स, जैसे बीजामृत जीवामृत घनजीवामृत नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र के निर्माण की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों को दिखाया कि कैसे गोबर, गौमूत्र, और अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके ये जैविक खाद और बीज उपचार सामग्री तैयार की जा सकती हैं। बीजामृत, जो बीज उपचार के लिए उपयोग होता है, और जीवामृत, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है, दोनों को बनाने की प्रक्रिया को किसानों ने बड़े ध्यान से देखा और समझा।

 कृष्ण कुमार सिंहा ने बताया, बीजामृत और जीवामृत जैसे प्राकृतिक इनपुट्स न केवल सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि ये मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं और फसलों की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं। इनके उपयोग से किसान रसायनमुक्त खेती की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं।

कार्यक्रम में तुमनार के किसानों ने बढ़ चढ़कर हिसा लिया। किसानों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में गहरी रुचि दिखाई। कई किसानों ने प्रशिक्षण के दौरान सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम और भी जीवंत और संवादात्मक बन गया।  

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम तुमनार में इस तरह के और भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हों। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर मॉडल प्रदर्शन फार्म स्थापित करने और कृषि सखियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने की योजना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, कृषक मित्र, कृषि सखी एवं समस्त किसान सम्मिलित हुए ।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 August 2026
गरियाबंद। लाइवलीहुड कॉलेज गरियाबंद में 10 अगस्त 2026 को Sewing Machine Operator कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (PVTG) की 19 भुंजिया युवतियों को सिलाई मशीन…
 13 August 2026
रायपुर।छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन…
 13 August 2026
रायपुर। 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोककला, संस्कृति और परंपराओं के लिए यह गौरव का…
 13 August 2026
दुर्ग। दुर्ग विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में आज आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव शामिल हुए। उन्होंने तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर राष्ट्रभक्ति…
 13 August 2026
दुर्ग। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बोरी थाना क्षेत्र में कोटपा अधिनियम 2003 के तहत बड़ी चालानी कार्रवाई की गई है। उक्त कार्रवाई कलेक्टर…
 13 August 2026
दुर्ग। खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय…
 13 August 2026
रायपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन तक पहुँचाने 211 वाहिनी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), थनौद, नया रायपुर द्वारा आज, 13 अगस्त को…
 13 August 2026
रायपुर। बस्तर तिरंगा यात्रा के तहत नारायणपुर से शुरू हुई बाइक तिरंगा यात्रा बुधवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में बारसूर पहुंची। बारसूर…
 13 August 2026
भिलाई। छत्तीसगढ़ के पहले और प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने अपने परिवार के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हरेली पर्व मनाया। उन्होंने अपने निवास…
Advt.