पहाड़ी कोरवा मंझनीन बाई अब आती है अस्पताल, जिन्दगी हुई खुशहाल

Updated on 14-10-2025 12:11 PM

कोरबा। छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे कोरबा जिले से एक प्रेरक कहानी सामने आई है - यह कहानी है पहाड़ी कोरवा जनजाति समाज की श्रीमती मंझनीन बाई की, जिन्हें लोग “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र की प्रतिनिधि के रूप में जानते हैं। कोरबा ब्लाक के ग्राम टोकाभांठा के मंझनीन बाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा। वे एक ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहाँ जंगल ही जीवन का सहारा था। वन उपज एकत्र कर ही उनका परिवार गुज़ारा करता था। शिक्षा के लिए संसाधनों की कमी थी, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कक्षा दसवीं तक अध्ययन पूरा किया। यही पढ़ाई आगे चलकर उनके जीवन में परिवर्तन की कुंजी बनी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कोरबा ने डीएमएफ फंड के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित परिवारों को रोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम उठाया। इसी पहल के अंतर्गत मंझनीन बाई को ग्राम अज़गरबहार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में मानदेय आधार पर नियुक्ति दी गई। उनके पति  किनारे लाल, जो स्वयं दसवीं पास हैं, को भी इसी योजना के तहत पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के हाई स्कूल एतमानगर में भृत्य के पद पर नियुक्ति मिली। अब दोनों पति-पत्नी आत्मनिर्भर हैं और अपने बच्चों व परिवार के लिए एक बेहतर भविष्य गढ़ रहे हैं। अब वह नियमित अस्पताल आती है। यहां नौकरी ने उनकी जिन्दगी में खुशहाली ला दी है।

मंझनीन बाई बताती हैं -“पहले हमारा जीवन बहुत कठिन था। जंगलों में वनोपज पर निर्भर रहना पड़ता था। रोज़ी-रोटी की चिंता हमेशा बनी रहती थी। लेकिन अब जब हमें नौकरी मिली है, तो जीवन में स्थिरता और सम्मान दोनों आए हैं। दो साल से काम कर रही हूँ, और अब भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ गया है।” उनके परिवार में माता-पिता, पाँच बहनें और दो भाई हैं। मंझनीन बाई अब अपने समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा और दृढ़ निश्चय से हर बाधा को पार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उन्हें हर माह 9000 रूपए मानदेय के रूप में मिलता है।

  प्रशासन के इस प्रयास ने न केवल एक परिवार के जीवन में उजाला भरा है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि विकास की असली रोशनी तब तक पूर्ण नहीं होती, जब तक वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक न पहुँचे। स्थानीय पहाड़ी कोरवाओं को रोजगार का अवसर मिलने के बाद समाज में उन परिवारों को भी प्रेरणा मिली है जो स्कूली शिक्षा से दूर हो जाते थे, अब वे परिवार भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने लगे हैं। जिले में कलेक्टर  अजीत वसंत के मार्गदर्शन में पीवीटीजी के 43 लोगों को स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी में मानदेय पर डीएमएफ से नियुक्ति की गई है। 



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 October 2026
छत्तीसगढ़ के रायपुर में तंत्र-मंत्र और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से करीब 150 ग्राम सोने के जेवर और 9 हजार रुपए ठग लिए गए। 3 आरोपी साधुओं…
 01 October 2026
छत्तीसगढ़ में अवैध शराब का कारोबार नया नहीं है, लेकिन 2026 में इसके नए तरीके सामने आए हैं। अब दूसरे राज्यों की शराब सिर्फ यहां लाकर नहीं बेची जा रही,…
 01 October 2026
बिलासपुर । खेतों तक पहुंचती सिंचाई की धार तखतपुर क्षेत्र के किसानों के लिए खेती का मजबूत सहारा बन रही है। आमाचुवा जलाशय और लोवर मनियारी व्यपवर्तन योजना से 2,197…
 01 October 2026
बिलासपुर।  शासन की डिजिटल सेवाओं का लाभ अब आम नागरिकों को घर के नजदीक और सुविधाजनक तरीके से मिल रहा है। विभिन्न शासकीय सेवाओं को सरल और सुगम बनाने के…
 01 October 2026
बिलासपुर । सेवा संकल्प अभियान के सेक्टर गिरधौना के आंगनबाड़ी केंद्र खैरी क्रमांक-2 में आंगन मिलन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार, जनपद सदस्य …
 01 October 2026
बिलासपुर । भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के राज्य चेयरमेन  तोमन साहू की अध्यक्षता में जिला शाखा बिलासपुर की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। उन्होंने जनभागीदारी…
 01 October 2026
बिलासपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगला में जल संरक्षण एवं स्वच्छता को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल स्रोत सुधार, नदी घाट स्वच्छता…
 01 October 2026
बिलासपुर । गंभीर बीमारी के उपचार में होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे समय में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद…
 30 September 2026
रायपुर में गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों की टीम 3 गाड़ियों…
Advt.