पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की... चुन-चुनकर भारत के दुश्मनों से हाथ मिला रहे हैं ट्रंप, जान लीजिए असली वजह

Updated on 19-05-2025 01:39 PM
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में उन देशों के साथ पींगें बढ़ाई है जिनके साथ भारत के अच्छे रिश्ते नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की शामिल हैं। यह भारत के लिए चिंता का विषय है। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान में ट्रंप की दिलचस्पी केवल क्रिप्टो करेंसी के कारोबार तक ही सीमित नहीं है। उनके सहयोगियों ने हाल ही में इस्लामाबाद के साथ उनके परिवार की कंपनी के लिए क्रिप्टो करेंसी का सौदा किया था। अब एक नई बात सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के कॉलेज के दोस्त जेंट्री बीच ने जनवरी में पाकिस्तान का दौरा किया था। इसके बाद वह बांग्लादेश और तुर्की भी गए थे। फिर उन्होंने मार-ए-लागो में ट्रंप सीनियर और उनके करीबी सहयोगियों को पाकिस्तान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान एक अद्भुत जगह है। वहां दुर्लभ खनिज, तेल, गैस और रियल एस्टेट के क्षेत्र में अरबों डॉलर के सौदे किए जा सकते हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जेंट्री बीच की दो बार मेजबानी की। जेंट्री बीच पहली बार जनवरी में पाकिस्तान आए थे। इस दौरान शरीफ ने उनकी मेजबानी की थी। इस दौरान वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री भी शामिल थे। शरीफ दूसरी बार 11 फरवरी को दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान जेंट्री बीच से मिले। शरीफ ने कई विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और राष्ट्राध्यक्षों के साथ तस्वीरें पोस्ट की थीं। लेकिन जेंट्री बीच उनमें से एक अनजान चेहरा थे। उनकी तस्वीर @PakPMO पर पोस्ट की गई थी।

विवादों से पुराना नाता

जेंट्री बीच ने बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार हैं। यह मुलाकात पाकिस्तानी पीएम से मिलने के एक दिन बाद (29 जनवरी को) हुई थी। ट्रंप के करीबी सहयोगी जेंट्री बीच ने ढाका को तेल और गैस की खोज, एयरोस्पेस, रक्षा और रियल एस्टेट में भारी FDI लाने का वादा किया। शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं।

ट्रंप जूनियर और उनके दोस्त जेंट्री बीच का विवादों से पुराना नाता है। 2018 में द गार्डियन ने लिखा था कि कैसे ट्रंप जूनियर के शिकार के साथी जेंट्री बीच ने डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के चुनाव अभियान के लिए लाखों डॉलर जुटाए थे। इससे उन्हें ट्रंप के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच मिली। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के अधिकारियों पर वेनेजुएला में अमेरिकी प्रतिबंधों को कम करने और वहां अमेरिकी कंपनियों के लिए व्यापार खोलने की योजना बनाने का दबाव डाला।

पाकिस्तान के संसाधनों पर नजर

जेंट्री बीच का पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की में व्यापार की तलाश करना उसी तरह की चिंता पैदा करता है, जैसी वेनेजुएला के लिए प्रतिबंध हटाने की कोशिश करते समय हुई थी। दोनों ही मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा की परवाह किए बिना ट्रंप एंड कंपनी को आकर्षक सौदे की पेशकश की गई थी। यह एक जगजाहिर बात है कि जेंट्री बीच के पिता गैरी को दिवालियापन धोखाधड़ी में दोषी ठहराया गया था।
जब पाकिस्तान पहलगाम में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था, तब जेंट्री बीच 17 अप्रैल को इस्तांबुल में तुर्की के एक ग्रुप टेरा होल्डिंग के साथ दुबई में तेल और खनन के लिए एक संयुक्त उद्यम स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे थे। तीनों देशों में उनका स्वागत ट्रंप के खास आदमी के तौर पर किया गया, जो व्यापार करने आए थे। पाकिस्तान में उन्होंने कहा कि वहां 50 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के दुर्लभ खनिज भंडार हैं। तुर्की को उन्होंने चीन की जगह दुनिया का अगली फैक्ट्री बनाने का प्रस्ताव दिया।

किप्टो काउंसिल

15 मई को, टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर दी थी कि कैसे भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष में डोनाल्ड ट्रंप मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान एक सौदा सामने आया है, जो पाकिस्तान ने हाल ही में वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ किया है। यह एक क्रिप्टो करेंसी का कारोबार है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार की 60% हिस्सेदारी है। यह सौदा पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल ने किया था। इस काउंसिल को जल्दबाजी में शुरू किया गया था। इसने पिछले महीने चेंगपेंग झाओ (CZ) को अपना सलाहकार नियुक्त किया था। झाओ दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज बाइनेंस के फाउंडर हैं। काउंसिल का लक्ष्य इस्लामाबाद को दक्षिण एशिया की क्रिप्टो राजधानी बनाना है।
क्रिप्टो काउंसिल को बने हुए कुछ ही दिन हुए थे, लेकिन वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ने अपने बड़े अधिकारियों को इस्लामाबाद भेजा। इनमें ट्रंप के गोल्फ के साथी स्टीव के बेटे जाचरी विटकॉफ भी शामिल थे। शरीफ ने उनका स्वागत किया। इसके अलावा सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भी उनकी अगवानी की। इसके कुछ दिन बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के शेयरधारकों में ट्रंप के दो बेटे, एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी शामिल हैं। उनके साथ उनके बहनोई जेरेड कुशनर भी हैं। ये सभी आकर्षक व्यापारिक सौदों के लिए अलग-अलग जगहों पर घूम रहे हैं। इन पर व्हाइट हाउस से अपने संबंधों का फायदा उठाने के आरोप लगे हैं।

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