पाकिस्‍तान फिर भीख मांग रहा लेकिन हमें छोड़नी होगी आदत...दोस्‍तों ने छोड़ा साथ तो शहबाज शरीफ को आई अक्‍ल

Updated on 06-02-2023 05:58 PM
इस्‍लामाबाद: आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को यह बात मानी कि उनका देश बड़ी वित्‍तीय चुनौती का सामना कर रहा है। शरीफ ने इसके साथ ही यह भी कहा कि अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के साथ सात अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए हर नियम को देखा जा रहा है। आईएमएफ का एक प्रतिनिधिनदल इस समय पाकिस्‍तान में है और नौ फरवरी को देश के भविष्‍य पर फैसला लिया जाएगा। इस दल का नेतृत्‍व नैथन पोर्टर कर रहे हैं। शहबाज ने जो कुछ कहा कि उसके मुताबिक देश जहां कहीं से भीख मांग सकता है, मांग रहा है।
आईएमएफ पर टिकी नजरें
शरीफ सरकार ने पिछले हफ्ते से ही आईएमएफ के साथ बातचीत जारी रखी हैं। पाकिस्‍तान को बेलआउट पैकेज का रिव्‍यू करना जरूरी है और वह तभी कंगाली से बच सकता है। यह बात भी काफी अहम है कि आईएमएफ के रिव्‍यू के साथ ही शहबाज सरकार ने एलपीजी के दामों में 30 फीसदी का इजाफा कर दिया है। साथ ही बिजली की कीमतों में भी कम से कम छह रुपए प्रति यूनिट इजाफे का फैसला किया है। पिछले हफ्ते शहबाज शरीफ ने कहा था कि आईएमएफ के प्रतिनिधिदल की तरफ से वित्‍त मंत्री इशाक डार और उनकी टीम के सामने बहुत ही मुश्किल स्थिति पेश की जा रही है।

हर नियम परखता आईएमएफ
शहबाज ने कहा कि आईएमएफ हर नाजुक और सख्‍त नियम को देख रहा है, चाहे वह वित्‍त हो, वाणिज्‍य हो या फिर बिजली सेक्‍टर हो, वह हर समय सबकुछ देख रहे हैं और हर छूट पर उनकी नजर है। प्रधानमंत्री शहबाज के मुताबिक देश की इस समय भीख मांग रहा है। उनकी मानें तो हमेशा के लिए इस स्थिति को रोकना पड़ेगा। शहबाज की मानें तो नागरिकों को जिंदा रहना होगा लेकिन सिर्फ उस तरह से जैसे बाकी देश के लोग रहते हैं न कि हर समय भीख मांगकर गुजरा करना है।

भीख मांगने की गंदी आदत
शहबाज के मुताबिक 75 साल हो गए हैं औ देश की स्थिति ऐसी ही है और अब इसे बदलना होगा। प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि अब भीख मांगने की बुरी आदत छोड़नी होगी जिसकी लत देश को लग चुकी है। मगर यह सिर्फ तभी हो सकेगा जब जनता महंगाई से लड़ेगा और साथ ही अपने संसाधनों को पैदा करने की कसम खाएगी। पाकिस्‍तान ने 22 बार आईएमएफ से कर्ज लिया है। पाकिस्‍तान के हालात ऐसे हैं कि यहां की सबसे बड़ी रिफाइनरी को बंद हो गई है। देश में डॉलर खत्‍म हो गया है और अब जब तक कच्‍चा तेल नहीं आता तब तक कुछ नहीं हो सकता है। आईएमएफ की तरफ से जो कर्ज मांगा गया है, वह इस स्थिति में नाकाफी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आईएमएफ का यह कर्ज ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 September 2026
नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
 22 September 2026
न्यूयॉर्क: अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। न्यूयॉर्क पहुंचते ही अराघची को विरोध का सामना करना पड़ा है। अराघची सोमवार दोपहर को…
 22 September 2026
पेरिस/नई दिल्ली: फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान शक्ति प्रदर्शन करने के लिए दुनिया के मिशन पर निकला है और ये करीब 40 हजार किलोमीटर का सफर तय कर बहुत जल्द भारत…
 22 September 2026
वॉशिंगटन: इटली के इतिहासकार Antonio Gramsci ने कहा था, ‘पुरानी दुनिया मर रही है और नई दुनिया जन्म लेने के लिए संघर्षरत है।’ मौजूदा समय कुछ ऐसा ही दिख रहा…
 22 September 2026
वॉशिंगटन: वाइट हाउस ने सोमवार को 'ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन' लॉन्च किया है। यह 24/7 चलने वाला डिजिटल वीडियो स्ट्रीम है जिसमें ट्रंप प्रशासन की घोषणाएं, राष्ट्रपति के बयान…
 22 September 2026
रियाद: पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो छवि पेश कर रहे हैं और देश के अंदर की जो गंभीर सच्चाई है उनमें जमीन-आसमान का…
 22 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूसी तेल खरीदने पर भारत जैसे देशों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी पर अमेरिका के पूर्व अधिकारी ने सवाल उठाए हैं। अमेरिकी विदेश…
 21 September 2026
बीजिंग/इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत ने इस महीने चीन-पाकिस्तान की तरफ से 'पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग' पैक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान ने इसे एक 'महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया है और उसका…
 21 September 2026
काठमांडू: भारत की आयात पर सख्ती के चलते नेपाल को नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली के सेफगार्ड ड्यूटी (सुरक्षा शुल्क) लगाने से पिछले वित्त वर्ष में नेपाल के स्टील निर्यात…
Advt.