पाकिस्‍तान, श्रीलंका... दुनिया को फंसाने निकला चीन खुद फंसा, बेल्‍ट एंड रोड के देशों को देने पड़े 240 अरब डॉलर

Updated on 28-03-2023 07:25 PM
बीजिंग: चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया में अपनी बादशाह‍त कायम करने के लिए बेल्‍ट एंड रोड परियोजना शुरू की थी। इसके तहत मालदीव, श्रीलंका, पाकिस्‍तान, कंबोडिया जैसे देशों को चीन ने बहुत बड़े पैमाने पर कर्ज दिया। ये देश आर्थिक संकट की वजह से चीन का कर्ज नहीं लौटा पाए और हालत यह हो गई है कि इन्‍हें उबारने के लिए जिनपिंग को फिर से कर्ज देना पड़ रहा है। एक शोध रिपोर्ट के मुताबिक साल 2008 से 2021 के बीच 22 विकासशील देशों को बेलआउट देने के लिए चीन को 240 अरब डॉलर खर्च करने पड़े हैं।

रायटर्स के मुताबिक ये 22 देश अपने यहां बेल्‍ट एंड रोड परियोजना के तहत हुए निर्माण पर आए खर्च को लौटाने में असफल रहे। वर्ल्‍ड बैंक, हावर्ड केनेडी स्‍कूल के शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 से 2021 के बीच में चीन ने इन देशों को 240 अरब डॉलर में से 80 फीसदी कर्ज दिया। इन देशों में मध्‍यम आय वाले देश जैसे आर्जेंटीना, मंगोलिया और पाकिस्‍तान शामिल हैं। दरअसल, चीन ने विकासशील देशों के आधारभूत ढांचे को विकसित करने के नाम पर अरबों डॉलर का कर्ज दिया।

बेल्‍ट एंड रोड के चक्‍कर में फंसे चीनी बैंक


इन देशों में चीन की कंपनियों ने कई ऐसे प्रॉजेक्‍ट बनाए जो उसे देश के लिए सफेद हाथी साबित हुए। चीन ने श्रीलंका के कर्ज नहीं लौटा पाने पर उसका हंबनटोटा बंदरगाह ही 99 साल के लिए ले लिया। लेकिन साल 2016 में चीन ने कर्ज देना कम कर दिया। इसकी वजह यह थी कि चीन को इस निवेश का उतना फायदा नहीं हो रहा था जितना की उसने उम्‍मीद की थी। विश्‍व बैंक के मुख्‍य अर्थशास्‍त्री रह चुके कार्मेन रेइनहार्ट ने कहा कि चीन आखिरकार अपने बैंकों को बचाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से वह अंतरराष्‍ट्रीय बेलआउट के जोखिम वाले बिजनस में घुसा है।
शोध में कहा गया है कि चीन के कर्ज की वजह से इन देशों का विदेशी कर्ज साल 2010 के 5 प्रतिशत से बढ़कर साल 2022 में 60 फीसदी पहुंच गया। चीन को सबसे ज्‍यादा कर्ज आर्जेंटीना को 111.8 अरब डॉलर देना पड़ा। इसके बाद पाकिस्‍तान को 48.5 अरब डॉलर और मिस्र को 15.6 अरब डॉलर देना पड़ा है। वहीं नौ देशों को 1 अरब डॉलर से कम की राशि देनी पड़ी है। इसमें श्रीलंका भी शामिल है। इन देशों के कर्ज नहीं लौटा पाने की वजह से चीनी बैंकों का बैलंस शीट गड़बड़ा रहा था। चीन अभी जांबिया, घाना और श्रीलंका के साथ कर्ज के पुर्नगठन को लेकर बातचीत कर रहा है।

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