पन्नू का राइट हैंड, भारत के खिलाफ जहर... कौन है कनाडा के मंदिर में हुए हमले के केस में गिरफ्तार हुआ इंद्रजीत गोसल

Updated on 10-11-2024 06:40 PM
ओटावा: कनाडा के ब्रैम्पटन में बीते हफ्ते (3 नवंबर) को हिंदू सभा मंदिर में हिंसा हुई थी। मंदिर में हिंसा की तस्वीरें सामने आने के बाद इसकी भारत में भी काफी चर्चा है और शीर्ष नेताओं ने घटना की निंदा की। हिंसा और मारपीट के इस मामले में जो सबसे अहम चेहरा उभरकर सामने आया है, वो इंद्रजीत गोसल है। ब्रैम्पटन निवासी 35 वर्षीय इंद्रजीत गोसल को ग्रेटर टोरंटो एरिया में मंदिर पर हमले में कनाडा की पुलिस ने आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था।

गोसल को गिरफ्तारी के कुछ देर बाद पील रीजनल पुलिस (पीआरपी) ने शर्तों के तहत रिहा कर दिया। गोसल को ब्रैम्पटन में ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस के सामने पेश होना होगा। टोरंटो स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, गोसल प्रतिबंधित गुट सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) का कॉर्डिनेटर है। उसे कनाडा में खालिस्तान जनमत संग्रह कराने वाले सबसे प्रमुख व्यक्ति माना जाता हैं।

गोसल के नाम की चर्चा क्यों?


इंद्रजीत गोसल के बारे में भारत में चर्चा की बड़ी वजह उसका संगठन और पन्नू से रिश्ता है। गोसल का संगठन एसएफजे भारत में बैन है तो उसे एसजेएफ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का लेफ्टिनेंट माना जाता है। पन्नू को भी भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया हुआ है। जून, 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद गोसल को सिख्स फॉर जस्टिस का मुख्य कनाडाई ऑर्गेनाइजर बनाया गया था। निज्जर भी खालिस्तानी आतंकी थी, जिसकी हत्या का आरोप कनाडा सरकार ने बार-बार भारत पर लगाया है।
कनाडाई पुलिस ने कहा था कि गोसल भी उन 13 लोगों में से था, जो खालिस्तान समर्थक होने की वजह से आपराधिक हिंसा का निशाना बना। पुलिस ने उसको चेताया भी था। ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर में हिंसा के मामले में भी एसएफजे ने दावा किया है कि प्रदर्शन के दौरान गोसल को निशाना बनाया गया, जो उस समय एक कांसुलर शिविर की मेजबानी कर रहा था। इस दौरान टोरंटो स्थित वाणिज्य दूतावास के भारतीय अधिकारी परिसर में मौजूद थे।

गोसल को अपने आक्रामक बयानों के लिए भी जाना जाता है। पिछले महीने गोसल ने कहा था कि खालिस्तान बनाने के लिए मरना भी पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेगा। गोसल ने कहा था कि मौत उसे डराती नहीं है। गोसले की पन्नू के साथ तस्वीरें आती रही हैं तो वह अक्सर खालिस्तानी झंडे के साथ भी दिखता रहा है। भारत विरोधी बयान देना उसकी आदत का हिस्सा है। पन्नू और गोसल दोनों भारत के लिए जहर उगलते रहे हैं।

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