बिल ज्यादा आया तो मीटर उखाड़कर बिजली दफ्तर पहुंचे लोग

Updated on 31-07-2026 12:25 PM
रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बिलासपुर समेत कई जिलों में उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिल, ज्यादा रीडिंग और स्मार्ट मीटर के काम करने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।

कई लोगों का दावा है कि पहले हर महीने 1800 से 2000 रुपए तक बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल दोगुना-तीन गुना तक पहुंच गया। इससे मध्यमवर्गीय और नौकरीपेशा परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है।

रायपुर में कुछ बंद घरों के भी हजारों रुपए के बिजली बिल भेज दिए गए। शिकायत मिलने के बाद बिजली कंपनी ने इनमें सुधार किया। बढ़े हुए बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं, जबकि बिजली कंपनी का कहना है कि मीटर और बिलिंग में कोई गड़बड़ी नहीं है।

बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि रीडिंग सही है। उपभोक्ताओं ने जितनी बिजली इस्तेमाल की है, उसी के हिसाब से बिल जारी किया गया है।

बंद फ्लैट में आया हजारों का बिल

रायपुर निवासी मनीष शर्मा ने भावना नगर में फ्लैट लिया है। फ्लैट में कोई भी बल्ब या पंखा नहीं लगा है। फ्लैट हमेशा बंद रहा है। लेकिन इस फ्लैट का बिल बिजली कंपनी के अधिकारियों ने मई महीने में 15 हजार 500 और जून महीने में 32 हजार रुपए भेजा।

मनीष ने मामलें की शिकायत पहले बिजली कंपनी में की लेकिन समाधान नहीं हुआ। मीडिया में मामला सामने आया, तो बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बिल 26 रुपए कर दिया।

रायपुर में शिकायत पहुंची फोरम तक

राजीव नगर में रहने वाले एक उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) का दरवाजा खटखटाया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिना स्पष्ट सहमति के मीटर बदला गया और उसके बाद बिल में अंतर आने लगा।

उपभोक्ता ने पुराने मीटर की जांच, नए मीटर का तकनीकी परीक्षण और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। यह मामला अब फोरम में विचाराधीन है और विभाग की ओर से नियमानुसार जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

कबीरधाम में मीटर उखाड़कर पहुंच गए बिजली दफ्तर

कबीरधाम जिले के पांडातराई क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का विरोध खुलकर सामने आया। कई उपभोक्ताओं ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर बिजली विभाग के कार्यालय में जमा कर दिए।

लोगों का कहना था कि पहले विभाग यह स्पष्ट करे कि स्मार्ट मीटर कैसे काम करता है और बढ़े हुए बिल की शिकायतों का कारण क्या है। विरोध के बाद अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर लोगों से चर्चा करनी पड़ी।

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

बिजली कंपनी के रिटायर्ड अधिकारी पीएन सिंह बताते हैं कि बिजली बिल बढ़ोत्तरी के अलग-अलग कारण है। स्मार्ट मीटर कनेक्शन प्राइवेट नहीं होकर कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, तो इस तरह की दिक्कत नहीं आएगी। स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर कंपनी विशेष नहीं, बल्कि ओपन मार्केट करना चाहिए, ताकि होने वाली समस्याओं पर नियंत्रण लग सके।

CSPDCL ने क्या दावा किया ?

स्मार्ट मीटर को लेकर जारी विवाद के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने दावा किया है कि रायपुर में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली खपत में कमी आई है। विभाग के अनुसार, 3.11 लाख घरेलू उपभोक्ताओं की जून और जुलाई 2026 की तुलना में कुल बिजली खपत 10.85 करोड़ यूनिट से घटकर 7.77 करोड़ यूनिट रही, यानी करीब 28% की कमी दर्ज की गई।

वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं में खपत 44% तक कम होने का दावा किया गया। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर बिजली खपत नहीं बढ़ाते, बल्कि वास्तविक खपत दर्ज करते हैं।

कांग्रेस बोली- महतारी वंदन योजना की रिकवरी

बिजली बिल बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस नेता उपभोक्ताओं से मीटर वापसी का फॉर्म भरवा रहे हैं। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिल को महतारी वंदन योजना की रिकवरी बताया है।

प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी स्मार्ट मीटर योजना प्रदेशवासियों के उपर जबरिया थोपे जाने पर सवाल खड़ा किया है। अकबर ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर केंद्र सरकार की घोषित नीति को छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की मांग करते हुए प्रदेश के भाजपा सांसदों से इस विषय पर स्पष्ट पहल करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं। और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है। उपभोक्ताओं की सहमति या अनुमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर कानूनी है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 August 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना…
 01 August 2026
रायपुर, राष्ट्रपति भवन में  बस्तर के प्रतिनिधिमंडल के लिए एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर से पहुंचे परगना मांझियों, चालकियों, बस्तर पंडुम के…
 01 August 2026
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम से मुलाकात कर धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत बस्तर संभाग के 7 जिलों के…
 01 August 2026
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क संपर्क…
 01 August 2026
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ से 5 लाख मीट्रिक…
 01 August 2026
बैकुंठपुर, कोरिया की ग्राम पंचायत कदमनारा में निर्माणाधीन सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है।अधिकारियों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क पर ही धान की रोपाई…
 01 August 2026
रायपुर, राज्य के आदिवासी और सुदूर के गांवों में डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना 2305 मोबाइल टॉवर से लगेंगे। इससे दूरस्थ, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट…
 01 August 2026
रायपुर, नगर निगम सीमा से लगे ग्रामीण इलाकों में भूमाफिया सस्ती जमीन और भविष्य में निगम सीमा में शामिल होने का झांसा देकर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। भूमाफिया लोगों को…
 01 August 2026
बिलासपुर, बिलासपुर में स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक ली, जिसमें अधिकारियों की कार्यप्रणाली…
Advt.