PM बोले-2014 में बैंकिंग सिस्टम डूबने की कगार पर था:कोशिश करें कि देश की नीतियों पर ग्लोबल संकट का असर न पड़े

Updated on 01-04-2024 01:37 PM

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आज अपनी 90वीं एनिवर्सरी मना रहा है। इस मौके पर मुंबई में आयोजित स्मृति समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'आज भारत का रिजर्व बैंक एक ऐतिहासिक प्रणाव पर पहुंचा है। एक संस्थान के रूप में RBI आजादी के पहले और आजादी के बाद दोनों ही कालखंड का गवाह है। दुनिया में RBI की पहचान उसके प्रोफेशनलिज्म और कमिटमेंट की वजह से बनी है।'

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने रिजर्व बैंक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'इस समय जो लोग RBI से जुड़े हैं उन्हें मैं बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं। आज आप जो नीतियां बनाएंगे, जो काम करेंगे उनसे RBI के अगले दशक की दिशा तय होगी। यह दशक इस संस्थान को उसके शताब्दी वर्ष तक ले जाने वाला दशक है।

आज भारत का बैंकिंग सिस्टम एक मजबूत और टिकाऊ प्रणाली
प्रधानमंत्री ने कहा- मैं जब 2014 में रिजर्व बैंक के 80 वें वर्ष के कार्यक्रम में आया था, तब हालात एकदम अलग थे। भारत का पूरा बैंकिंग सेक्टर समस्याओं और चुनौतियों से जूझ रहा था। NPA को लेकर भारत के बैंकिंग सिस्टम की स्थिरता और उसके भविष्य को लेकर हर कोई आशंका से भरा हुआ था।

हालात इतनी खराब थी कि देश के पब्लिक सेक्टर बैंक देश की आर्थिक प्रगति को जरूरी गति नहीं दे पा रहे थे। हम सभी ने वहां से शुरूआत की और आज भारत के बैंकिंग सिस्टम को दुनिया में एक मजबूत और टिकाऊ प्रणाली माना जा रहा है। जो बैंकिंग सिस्टम कभी डूबने की कगार पर था, वो बैंकिंग सिस्टम अब प्रॉफिट में आ गया है और क्रेडिट में रिकॉर्ड ग्रोथ दिखा रहा है।

PM बोले- हमारी नीति, नियति और निर्णयों से बैंकिग सेक्टर में इतना बड़ा परिवर्तन आया
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आप भी जानते हैं कि सिर्फ 10 साल में इतना बड़ा परिवर्तन आना इतना आसान नहीं था। यह बदलाव इसलिए आया क्योंकि हमारी नीति, नियति और निर्णयों में स्पष्टता थी। यह बदलाव इसलिए आया क्योंकि हमारे प्रयासों में दृढ़ता और इमानदारी थी। आज देश देख रहा है जब नियति सही होती है तो नीति सही होगी है। जब नीति सही होती है तो निर्णय सही होते हैं और जब निर्णय सही होते हैं तो नतीजे सही मिलते हैं।'

उन्होंने कहा,'कैसे बैंकिग सिस्टम मजबूत हुआ यह एक का स्टडी विषय है। हमने कोई भी सिरा ऐसा नहीं था, जिसे ऐसे ही छोड़ दिया हो। पब्लिक सेक्टर बैंक की स्थिति सुधारने के लिए हमने करीब साढ़े 3 लाख करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन किया और साथ ही गवर्नेंस से संबंधी कई रिफॉर्म भी किए।'

शक्तिकांत दास आउट ऑफ द बॉक्स सोचने में माहिर
प्रधानमंत्री ने कहा- MSME पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की बैकबोन जैसी है। ऐसे सारे सेक्टर में अलग अलग कर्ज की जरूरत होती है। कोरोना के समय हमने MSME के लिए जो क्रेडिट गारंटी स्कीम चलाई थी उसने इस सेक्टर को बहुत मजबूती दी है। RBI को भी आगे आउट ऑफ द बॉक्स पॉलिसी के बारे में सोचना होगा... और मैं देखता हूं, शक्तिकांत दास आउट ऑफ द बॉक्स सोचने में माहिर हैं।

पिछले 10 साल में जो हुआ वो तो सिर्फ ट्रेलर है
सरकार की उपलब्धियों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा- बीते 10 सालों में हमने सेंट्रल बैंकिग सिस्टम और अंतिम पायदान के बीच खड़े व्यक्ति के कनेक्ट को हायलाइट किया है। गरीबों का फाइनेंशियल इंक्लूजन आज इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। आज देश में 52 करोड़ जन-धन अकाउंट हैं, इनमें 55% से ज्यादा खाते महिलाओं के नाम पर हैं।

इसी फाइनेंशियल इंक्लूजन का प्रभाव एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर में देख सकते हैं। आज 7 करोड़ से ज्यादा किसान और मछसी से जुड़े बिजनेस वाले लोगों और पशुपालक के पास किसान क्रेडिट कार्ड हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में जो हुआ वो तो सिर्फ ट्रेलर है। अभी तो बहुत कुछ करना है, अभी तो हमें देश को बहुत आगे लेकर जाना है।

अगले 10 साल में भारत की आर्थिक आत्म निर्भरता को बढ़ानी है
डिजिटल पेमेंट से छोटे बिजनेस की और रेडी-पटरी वालों की इनकम भी अब ट्रांसपेरेंटली दिखाई देने लगी है। अब इस जानकारी का इस्तेमाल करते हुए हमें उन्हें फाइनेंशिलय इंपावर करना है। हमें मिल कर अगले 10 साल में एक और काम करना है। हमे भारत की आर्थिक आत्म निर्भरता को बढ़ानी है। हमें कोशिश करनी है, देश की पॉलिसी किसी भी ग्लोबल संकट से प्रभावित ना हो।

आज भारत ग्लोबल GDP ग्रोथ में 15% के साथ ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बन रहा है। इसलिए हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि हमारा रुपया ग्लोबली एक्सेसिबल भी और ग्लोबली एक्सेप्टेबल भी हो।

कई देशों का प्राइवेट सेक्टर कर्ज उनकी GDP का दोगुना पहुंची
आज दुनिया भर एक नया ट्रेंड देखने को मिला है- बहुत ज्यादा आर्थिक विस्तार और बहुत ज्यादा कर्ज । कई देशों का प्राइवेट सेक्टर कर्ज तो उनकी GDP के दोगुने तक पहुंच गया है। कई देश ऐसे हैं जिनके कर्ज का लेवल तो पूरी दुनिया को प्रभावित करता है।

रिजर्व बैंक को इस पर भी एक स्टडी करनी चाहिए। भारत के ग्रोथ के जितने प्रोस्पेक्ट्स और पोटेंशियल हैं, उसको ध्यान में रखते हुए क्रेडिट की अवेलेबिलिटी कितनी होनी चाहिए और उसे कैसे सस्टेनेबल तरीके से मैनेज करना चहिए इसे मॉडर्न सेनारियो में सोचना बहुत जरूरी है।

RBI गवर्नर बोले - उभरते रुझानों का एनालिसिस कर जरूरी पॉलिसी के लिए कदम उठाया जा रहा
इससे पहले RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, 'एक संस्था के रूप में RBI का विकास भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के अधिनियमन जैसे पाथब्रेकिंग सट्रक्चरल रिफॉर्म और हाल के वर्षों में फ्लेग्जिबल इन्फ्लेशन टारगेटिंग को अपनाने से हमें बैंकिंग सिस्टम में चुनौतियों से निपटने और प्राइस स्टेबिलिटी को अधिक प्रभावी ढंग से बनाए रखने में मदद मिली है।

आज की दुनिया में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए रिजर्व बैंक लगातार उभरते रुझानों का एनालिसिस कर रहा है और बदलते समय के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए जरूरी पॉलिसी के लिए कदम उठा रहा है।'



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों और संवाद की अटूट कड़ी है। साल 1903 में ब्रिटिश काल के दौरान भारत…
 19 September 2026
नई दिल्ली: टाटा संस में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। इस ग्रुप के पास टाटा…
 19 September 2026
मुंबई: अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार के गुजराज एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी या GEDA एक प्रोत्साहक पॉलिसी बनाई है। इसका नाम गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025…
 19 September 2026
नई दिल्ली: कमाई तो सभी कर रहे हैं, लेकिन आपकी सैलरी जितनी भी हो, उसमें से बचत करना अधिकतर लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कई लोगों के साथ…
 19 September 2026
नई दिल्ली: देश में वरिष्ठ नागरिकों यानी कि सीनियर सिटीजन के लिए कई सारी योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें सरकारी से लेकर प्राइवेट संस्थाएं तक शामिल होती हैं। इन योजनाओं…
 19 September 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 108 डॉलर के पार पहुंच गई थी। उसके बाद इसमें कुछ गिरावट आई है लेकिन यह अब भी 100 डॉलर प्रति बैरल…
 18 September 2026
मुझे लगने लगा था कि भारत का अपना पहला ग्रीन-फील्ड शहर बनाने का सपना शायद ही सच हो पाए। उस समय मैं दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर विकास कॉरपोरेशन (DMIDC) का सीईओ…
 18 September 2026
नई दिल्ली: 3000 रुपये की नौकरी, किंडरगार्टन का छोटा कमरा और फिर हजारों करोड़ की कंपनी... यह कहानी है पीयूष सोमानी की, जिन्होंने बेहद साधारण शुरुआत के बावजूद टेक्नोलॉजी की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। इस दौरान निवेशक शेयरों की खरीदारी और बिक्री करते हैं। इस बीच आज शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत तेजी…
Advt.