ईवी मैन्युफैक्चरिंग में भारत को बड़ा ठिकाना बनाने की तैयारी, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

Updated on 16-03-2024 01:32 PM
नई दिल्ली: भारत को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा ठिकाना बनाने के मकसद से सरकार ने शुक्रवार को एक EV पॉलिसी को मंजूरी दी। इसके तहत भारत में कारखाने लगाने के लिए ग्लोबल कंपनियों को इंसेंटिव और टैक्स रियायतें दी जाएंगी। बड़ी शर्त यह रखी गई है कि निवेश कम से कम 4150 करोड़ रुपये का होना चाहिए और निवेश के 3 साल के भीतर प्रोडक्शन शुरू हो जाना चाहिए। यह पॉलिसी टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों की नजर में भारत का आकर्षण बढ़ा सकती है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने बताया कि मिनिमम इनवेस्टमेंट 50 करोड़ डॉलर का होना चाहिए, लेकिन इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है। पॉलिसी में कहा गया है कि कंपनी को रियायतें लेने के लिए निवेश की घोषणा के 3 साल के भीतर भारत में प्रोडक्शन शुरू करना होगा और इसके बाद तीसरे साल तक 25 पर्सेंट और पांच वर्षों में 50 पर्सेंट डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन का लेवल हासिल करना होगा।

जो कंपनियां EV बनाने के कारखाने लगाएंगी, उन्हें कम कस्टम्स ड्यूटी पर कुछ कारें आयात करने की इजाजत भी दी जाएगी। हालांकि इंपोर्ट की जाने वाली ऐसी कारों पर कस्टम्स ड्यूटी में कुल छूट की एक सीमा होगी। यह सीमा या तो किए गए निवेश के बराबर होगी या 6484 करोड़ रुपये तक होगी। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कींम के तहत 6484 करोड़ रुपये का अधिकतम इंसेंटिव दिया जाता है। मिनिस्ट्री ने बताया कि निवेश या इस रकम में जो भी कम हो, उतने के बराबर ड्यूटी छूट मिलेगी।

ग्लोबल कंपनियों पर है नजर

मिनिस्ट्री ने कहा कि इस पॉलिसी के तहत अगर 80 करोड़ डॉलर या इससे अधिक निवेश किया गया, तो हर साल अधिकतम 8000 EV के हिसाब से अधिकतम 40 हजार EV तक के इंपोर्ट की इजाजत होगी। अगर कोई कंपनी सालाना इंपोर्ट कोटे का उपयोग नहीं कर पाएगी, तो वह इसे कैरी ओवर भी कर सकेगी। कंपनी को अगर इंपोर्ट पर कस्टम्स ड्यूटी में छूट लेनी हो तो उसे इनवेस्टमेंट कमिटमेंट के सपोर्ट में बैंक गारंटी देनी होगी। अगर डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन और मिनिमम इनवेस्टमेंट की शर्तें पूरी नहीं की जाएंगी, तो यह बैंक गारंटी सरकार भुना लेगी। मिनिस्ट्री ने कहा कि यह पॉलिसी इस सोच के साथ बनाई गई है कि EV सेगमेंट में जानीमानी वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया जा सके।

देसी कंपनियों के सामने चुनौती

इस पॉलिसी के चलते देश में टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों को टेस्ला जैसी ग्लोबल कंपनियों से चुनौती मिलेगी। अमेरिकी कंपनी टेस्ला लंबे समय से टैरिफ कंसेशन की मांग कर रही है, जिसके जरिए 40 हजार डॉलर से कम की कारों पर कस्टम्स ड्यूटी 70 प्रतिशत तक कम की जाए और इससे ज्यादा दाम की कारों पर पूरी ड्यूटी माफ कर दी जाए। उसने भारत में कारखाना लगाने के लिए यह शर्त रखी थी। हालांकि पिछले दिनों कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने साफ किया था कि भारत विदेशी कंपनियों के हिसाब से अपनी नीतियां नहीं बनाएगा और यहां के कानून और टैरिफ रूल्स ऐसे होंगे, जो दुनियाभर की EV कंपनियों को आकर्षित करें।

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा

यह पॉलिसी मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगी। EV के मामले में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी, जिससे ग्राहकों को लेटेस्ट टेक्नॉलजी मिलेगी। प्रोडक्शन बढ़ने के साथ इसकी कॉस्ट घटेगी। EV का उपयोग बढ़ने पर क्रूड ऑयल इंपोर्ट पर देश की निर्भरता कम होगी। प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। ध्यान केवल यह रखना होगा कि ग्लोबल कंपनियों के सामने देसी कंपनियों को उचित नीतिगत सहयोग भी मिले।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों और संवाद की अटूट कड़ी है। साल 1903 में ब्रिटिश काल के दौरान भारत…
 19 September 2026
नई दिल्ली: टाटा संस में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। इस ग्रुप के पास टाटा…
 19 September 2026
मुंबई: अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार के गुजराज एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी या GEDA एक प्रोत्साहक पॉलिसी बनाई है। इसका नाम गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025…
 19 September 2026
नई दिल्ली: कमाई तो सभी कर रहे हैं, लेकिन आपकी सैलरी जितनी भी हो, उसमें से बचत करना अधिकतर लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कई लोगों के साथ…
 19 September 2026
नई दिल्ली: देश में वरिष्ठ नागरिकों यानी कि सीनियर सिटीजन के लिए कई सारी योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें सरकारी से लेकर प्राइवेट संस्थाएं तक शामिल होती हैं। इन योजनाओं…
 19 September 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 108 डॉलर के पार पहुंच गई थी। उसके बाद इसमें कुछ गिरावट आई है लेकिन यह अब भी 100 डॉलर प्रति बैरल…
 18 September 2026
मुझे लगने लगा था कि भारत का अपना पहला ग्रीन-फील्ड शहर बनाने का सपना शायद ही सच हो पाए। उस समय मैं दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर विकास कॉरपोरेशन (DMIDC) का सीईओ…
 18 September 2026
नई दिल्ली: 3000 रुपये की नौकरी, किंडरगार्टन का छोटा कमरा और फिर हजारों करोड़ की कंपनी... यह कहानी है पीयूष सोमानी की, जिन्होंने बेहद साधारण शुरुआत के बावजूद टेक्नोलॉजी की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। इस दौरान निवेशक शेयरों की खरीदारी और बिक्री करते हैं। इस बीच आज शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत तेजी…
Advt.