उपराष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार वेंस बोले:सक्सेस के पीछे पत्नी ऊषा, मुझे बेहतर इंसान बनाया, बचपन की दर्दनाक यादों से उबरने में मदद की

Updated on 18-07-2024 01:47 PM

अमेरिका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी ने 39 साल के जेम्स डेविड वेंस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। अमेरिकी मीडिया TIME के मुताबिक वेंस ने अपनी सक्सेस के पीछे का कारण पत्नी ऊषा को बताया है। उन्होंने बताया कि ऊषा ने उनका हमेशा सपोर्ट किया। 38 साल की ऊषा भारतीय मूल की है।

ऊषा का जन्म और स्कूली शिक्षा सैन डिएगो में हुई। उनके माता-पिता 1980 के दौरान आंध्र से अमेरिका आकर बसे गए थे। अमेरिका में रहने के बावजूद उनके माता-पिता ने वहां की मॉडर्न संस्कृति से प्रभावित हुए बिना उन्हें भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म के अनुसार शिक्षा और संस्कार दिए। बाद में वेंस भी इन संस्कारों से प्रभावित हुए।

ऊषा की मां एक बायोलॉजिस्ट हैं और पिता इंजीनियर। ऊषा कहती हैं कि उन्होंने अपने माता-पिता के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए ही पढ़ाई की है। येल से बैचलर की डिग्री हासिल करने के बाद ऊषा ने गेट्स कैम्ब्रिज स्कॉलरशिप की मदद से कैम्ब्रिज से मास्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री हासिल की।

ऊषा ने 2014 में वेंस से शादी की
इसके बाद उन्होंने दोबारा येल लौट लॉ स्कूल में एडमिशन लिया, जहां उनकी मुलाकात वेंस से हुई। यहां स्टडी के दौरान, दोनों अच्छे दोस्त बने। बाद में दोनों को प्यार हो गया। वेंस सबसे पहले उषा के क्लास असाइनमेंट से प्रभावित हुए थे। वेंस का बचपन परिवार में बिखराव की दर्दनाक यादों में बीता।

ऊषा ने वेंस को इमोशनल सपोर्ट देकर इससे उबारा था। दोनों ने 2014 में शादी की। उनके तीन बच्चे हैं: बेटे- इवान, विवेक और बेटी- मिराबेल। ऊषा ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के लिए क्लर्क के रूप में काम किया। वे मंगर, टोल्स और ऑल्सन नामक कानूनी फर्म में काम में भी काम कर चुकी हैं।

बाइडेन की पार्टी डेमोक्रैटिक की समर्थक समर्थक रह चुकी हैं ऊषा
ऊषा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पार्टी डेमोक्रैटिक की समर्थक रह चुकी हैं। उन्होंने 2014 में डेमोक्रेट्स के रूप में खुद को रजिस्ट्रड किया था। हालांकि, 2018 के बाद उन्होंने अपना राजनीतिक स्पोर्ट बदला।

उन्होंने हमेशा अपने राजनीतिक विचारों को निजी रखा है, लेकिन वे अपने पति के राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण सहारा बनी रही हैं।

पहले ट्रम्प विरोधी थे वेंस
ट्रम्प समर्थक बनने से पहले 2021 तक वेंस उनके कट्टर विरोधी हुआ करते थे। 2016 में एक इंटरव्यू में वेंस ने ट्रम्प को निंदा के योग्य कहा था। उनके स्वभाव और लीडरशिप स्टाइल पर भी सवाल उठाए थे। फिर 2021 में उन्होंने इसके लिए ट्रम्प से माफी मांगी। साथ ही रिपब्लिकन पार्टी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद वे ट्रम्प के करीबी बन गए।

जेडी अमेरिका की मरीन कॉर्प्स में स्पेशल कमांडो के तौर पर काम कर चुके हैं। उनको नाटो विरोधी और इजराइल का कट्टर समर्थक बताया जाता है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बने मुहाफिज-V बख्तरबंद वाहनों को कथित तौर पर सूडान की राजधानी खार्तूम में एक मिलिट्री परेड में देखा गया है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह…
 07 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी अगले हफ्ते की शुरुआत (10 अगस्त) में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे। त्रिवेदी की बांग्लादेश के पीएम से मुलाकात दोनों देशों…
 07 August 2026
बैंकॉक: थाईलैंड के एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार ने बांग्लादेश में आईएसआई के प्रभाव की बात को नकार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि शेख हसीना और उनके बेटे…
 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
Advt.