2021 में दिल्ली में हुई थी यह बैठक
इस संवाद का तीसरा चरण नवंबर 2021 में डोभाल की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में हुआ था। सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है और भारत के अफगानिस्तान से ऐतिहासिक और खास संबंध हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों का कुशलक्षेम और मानवीय आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नयी दिल्ली जरूरत के वक्त अफगानिस्तान के लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगी।
डोभाल ने आतंकवाद को बताया सबसे बड़ा खतरा
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आतंकवाद एक बड़ा खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक स्टेट तथा लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों से निपटने में संबंधित देशों तथा उसकी एजेंसियों के बीच खुफिया और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। डोभाल ने यह भी कहा कि किसी भी देश को आतंकवाद तथा कट्टरपंथ फैलाने के लिए अफगान सरजमीं का इस्तेमाल करने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल पहले अफगान लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए।
