रूस की 'अजेय' परमाणु मिसाइल ब्यूरवेस्टनिक, अमेरिका तक कर सकती है वार, पुतिन ने पश्चिम को दी नई टेंशन

Updated on 05-09-2024 02:21 PM
मॉस्को: दो अमेरिकी शोधकर्ताओं ने रूस की 9M370 ब्यूरवेस्टनिक मिसाइल की डेप्लॉयमेंट साइट का पता लगाया है। प्लैनेट लैब्स से सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए शोधकर्ताओं ने परमाणु हथियार स्टोरेज फैसिलिटी के पास कंस्ट्रक्शन साइट पहचान की है। इसे वोलोग्दा-20 और चेब्सारा के रूप में जाना जाता है, जो मॉस्को के उत्तर में 475 किमी की दूरी पर है। ये फैसिलिटी पहले रूस की भूमि-आधारित मिसाइलों के परमाणु पेलोड के स्टोरेज के लिए थी, अब इस साइट को ब्यूरवेस्टनिक मिसाइल का घर बनाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यहां पर इस मिसाइल की लॉन्च साइट बनाई गई है। रूस के इस मिसाइल को तैनात करने की रिपोर्ट अमेरिका और पश्चिम की टेंशन को बढ़ा रही है।

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 9M370 ब्यूरवेस्टनिक रूसी शस्त्रागार में सबसे विवादास्पद हथियारों में से एक है। मार्च 2018 में पुतिन ने पहली बार खुलासा किया गया था कि मिसाइल को परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह परमाणु-संचालित इंजन से ऑपरेटिड है, जो सैद्धांतिक रूप से इसे असीमित रेंज देता है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के अनुसार, ब्यूरवेस्टनिक की रेंज सीमा 20,000 किमी (12,400 मील) तक हो सकती है, जो इसे रूसी क्षेत्र के भीतर से दुनिया में कहीं भी लक्ष्य पर हमला करने की अनुमति देती है।

ब्यूरवेस्टनिक के बारे में दुनिया को सीमित जानकारी


ब्यूरवेस्टनिक की सटीक तकनीकी विशिष्टताओं के बारे में बहुत कम जानकारी है। ऐसा माना जाता है कि मिसाइल को एक छोटे ठोस-ईंधन रॉकेट से लॉन्च किया जाता है, जो फिर एक लघु परमाणु रिएक्टर वाले इंजन में हवा चलाती है। यह रिएक्टर हवा को गर्म कर देता है और आवश्यकता पड़ने पर मिसाइल को कई दिनों तक हवा में रहने में सक्षम बनाता है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ब्यूरवेस्टनिक को ग्राउंड-आधारित ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (टीईएल) वाहनों से लॉन्च किया जा सकता है।

राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष खुफिया केंद्र (NASIC) की 2020 की रिपोर्ट कहती है कि अगर इस मिसाइल को सफलतापूर्वक तैनात किया जाता है तो रूस को अंतरमहाद्वीपीय-रेंज क्षमता वाला एक अनूठा हथियार मिल जाएगा। मिसाइल की कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता इसे यह वर्तमान मिसाइल रक्षा प्रणालियों से भी बचाता है। इससे यह रूस के रणनीतिक शस्त्रागार के लिए एक शानदार हथियार बन जाता है। हालांकि कई पश्चिमी विशेषज्ञ मिसाइल की रणनीतिक खूबियों को लेकर संशय में हैं। इनका मानना है कि ब्यूरवेस्टनिक रूस की मौजूदा परमाणु क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं करता है, जिसमें पहले से ही अमेरिकी मिसाइल रक्षा को कमजोर करने की क्षमता शामिल है।

मिसाइल की सफलता दर के बारे में क्या जानकारी है?


रूस की ये मिसाइल अपनी प्रभावशाली क्षमता के बावजूद तकनीकी कठिनाइयों और खराब परीक्षण रिकॉर्ड रखती है। 2016 के बाद से इसके कम से कम 13 परीक्षण किए गए हैं, जिनमें से केवल दो में इसे आंशिक सफलता मिली है। 2019 में ये अपने टेस्ट में बुरी तरह से फेल हुई, जब एक विस्फोट के कारण व्हाइट सी में विकिरण रिसाव हुआ और पांच रूसी परमाणु विशेषज्ञ मारे गए। ऐसे में ये सवाल है कि क्या ब्यूरवेस्टनिक को तैनात किया जा सकता है। दरअसल ब्यूरवेस्टनिक उन्नत रणनीतिक हथियारों के एक व्यापक समूह का हिस्सा है जिसे रूस विकसित कर रहा है। रूस इन सुपर हथियारों के जरिए अपनी वैश्विक सैन्य स्थिति को मजबूत कर रहा है।


ब्यूरवेस्टनिक का विकास तकनीकी और कूटनीतिक दोनों तरह की चुनौतियों से भरा हुआ है। पुतिन ने दावा किया है कि मिसाइल दुनिया में बेजोड़ है लेकिन फिर भी सवाल है कि क्या कभी मिसाइल को इस्तेमाल किया जा सकता है। पश्चिमी विशेषज्ञों को लंबे समय से संदेह है कि मिसाइल का इस्तेमाल हो सकता है। कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि इसकी तैनाती में अभी भी एक दशक का समय लगेगा।

अमेरिका की टेंशन क्यों बढ़ा रही है ये मिसाइल


पूर्व अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी थॉमस कंट्रीमैन इस मिसाइल को मूर्खतापूर्ण हथियार प्रणाली कहते हुए आलोचना करते हैं। वह इसे विनाशकारी दुर्घटनाओं की संभावना वाली मिसाइल के साथ ही इसके उड़ान रूट पर रेडियोधर्मी संदूषण के खतरे के लिए आगाह करते हैं। अमेरिका की चिंता इसलिए भी है क्योंकि ब्यूरवेस्टनिक का विकास और तैनाती न्यू स्टार्ट संधि, अंतिम शेष यूएस-रूस हथियार नियंत्रण समझौते के तहत प्रतिबंधित नहीं है, जो 2026 में खत्म हो रही है। रूस ने अनियंत्रित परमाणु हथियारों की होड़ की आशंकाओं को बढ़ाते हुए संधि के विस्तार के लिए बातचीत में अपनी भागीदारी भी निलंबित कर दी है।

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