अमेरिका से डरा कंगाल पाकिस्‍तान ईरान के साथ खत्‍म करेगा गैस डील, अब देगा 18 अरब डॉलर का भारी जुर्माना

Updated on 07-08-2023 02:07 PM
इस्‍लामाबाद: ईरान के बार-बार चेतावनी के बाद आखिरकार पाकिस्‍तान की शहबाज सरकार ने गैस डील पर तेहरान को संदेश भेज दिया है। पाकिस्‍तान अब ईरान के साथ कई अरब डॉलर के गैस पाइपलाइन प्रॉजेक्‍ट को निलंबित करना चाहता है। पाकिस्‍तान ने कहा कि उसे बाहरी कारकों की वजह से ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जो उसके नियंत्रण में नहीं है। दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका ने बहुत कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं और यही वजह है कि वह इस गैस डील को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। पाकिस्‍तान के गैस डील को सस्‍पेंड करने से अब उसे 18 अरब डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना देना पड़ सकता है।

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान ने ईरान को साफ कह दिया है कि जब अमेरिका के प्रतिबंध ईरान के खिलाफ लगे हुए हैं, वह इस प्रॉजेक्‍ट को आगे नहीं बढ़ा पाएगा। पाकिस्‍तान ने कहा कि अगर अमेरिका उसे इस प्रॉजेक्‍ट के साथ आगे बढ़ने की स्‍वीकृति देता है तो वह इस गैस डील को आगे बढ़ा सकता है जो एक दशक से ठंडे बस्‍ते में पड़ी हुई है। पाकिस्‍तान की 24 करोड़ की जनता ऊर्जा के भीषण संकट का सामना कर रही है लेकिन वह अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान के साथ चाहकर भी यह गैस डील नहीं कर पा रहा है।

पाकिस्‍तान पर मंडराया भारी जुर्माने का खतरा


पाकिस्‍तान के पेट्रोलियम राज्‍य मंत्री मुसादिक मलिक ने संसद में दिए अपने बयान में कहा कि पाकिस्‍तान ने ईरान को इस गैस डील को सस्‍पेंड करने के लिए बता दिया है। पाकिस्‍तानी मंत्री ने एक सांसद के सवाल के जवाब में यह बयान दिया था। मंत्री मलिक ने अपनी मजबूरी गिनाते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ लगे अंतरराष्‍ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ईरान-पाकिस्‍तान गैस पाइपलाइन प्रॉजेक्‍ट ठप पड़ गया है। उन्‍होंने कहा कि अगर प्रतिबंध हटते हैं तो इस परियोजना को फिर से शुरू किया जा सकता है।

पाकिस्‍तान के इस फैसले के बाद अब उस पर 18 अरब डॉलर के जुर्माने का खतरा मंडराने लगा है। वह भी तब जब खुद पाकिस्‍तान डिफॉल्‍ट होने की कगार पर है और इस साल उसे अरबों डॉलर का व‍िदेशी कर्ज लौटाना है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने पिछले सप्‍ताह पाकिस्‍तान की यात्रा की थी और इस गैस परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया था। उन्‍होंने कहा था कि यह परियोजना ईरान और पाकिस्‍तान दोनों के ही राष्‍ट्रीय हित में है। ईरान का दावा है कि उसने इस प्रॉजेक्‍ट के तहत अपनी तरफ के 1,150 किमी लंबे गैस पाइपलाइन का निर्माण पूरा कर लिया है। अब पाकिस्‍तान के झटके से ईरान का भड़कना तय माना जा रहा है।


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