पहली बार समिति में धान विक्रय- किसान घनश्याम राठिया का बढ़ा आत्मविश्वास

Updated on 22-11-2025 12:21 PM

कोरबा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनी है। राज्य सरकार द्वारा आदान सहायता सहित सर्वाधिक मूल्य ने किसानों के बीच अभूतपूर्व उत्साह पैदा किया है। खरीदी केंद्रों में उपलब्ध सुव्यवस्थित सुविधाएँ, त्वरित तुलाई, सुरक्षित और डिजिटल भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को निश्चिंत कर दिया है। सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि इस वर्ष किसान भारी संख्या में खरीदी केंद्रों में पहुँच रहे हैं और अपनी उपज को बेचने के लिए उत्साहित हैं।

यही उत्साह कोरबा जिले के ग्राम कोई के किसान  घनश्याम राठिया में भी देखा जा सकता है। उनके पास कुल 06 एकड़ कृषि भूमि है और वे इस वर्ष पहली बार सहकारी समिति के माध्यम से अपना धान बेचने जा रहे हैं। उन्होंने शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं, बढ़े हुए समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से प्रेरित होकर अपना धान करतला मंडी के उपार्जन केंद्र में बेचने का निर्णय लिया है।

श्री राठिया बताते हैं कि सरकार ने किसानों के लिए जो व्यवस्था की है, वह पहले से कहीं बेहतर है। सर्वाधिक मूल्य मिलने से उनकी मेहनत का सही मूल्य सुनिश्चित हुआ है। समिति में तुलाई की प्रक्रिया आसान है, कर्मचारी सहयोगी हैं और भुगतान भी शीघ्रता से मिलता है। उन्होंने कहा कि पहली बार समिति में धान बेचने को लेकर मन में संकोच था, लेकिन व्यवस्था देखकर पूरा भरोसा उत्पन्न हुआ है कि किसान सही हाथों में हैं।

कोरबा जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में साफ-सफाई, पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, तुलाई मशीनों की समय पर जांच, पर्याप्त स्टाफ, सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत निवारण की सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। शासन का उद्देश्य यह है कि किसी भी किसान को खरीदी के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और वह सम्मानपूर्वक अपनी उपज बेच सके। किसानों की सुविधा के लिए भुगतान प्रक्रिया को पूर्णतया डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे राशि समय पर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच सके। इस वर्ष खरीदी शुरू होते ही किसानों की बढ़ती उपस्थिति यह प्रमाण है कि शासन की तैयारियाँ सफल और प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। किसान बताते हैं कि इस बार खरीदी में किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने से उनका उत्साह और भी बढ़ा है।

श्री राठिया ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों ने किसान समुदाय को नई मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि इस बार की खरीदी व्यवस्था देखकर ऐसा लग रहा है कि सरकार वास्तव में किसानों के साथ खड़ी है। अब उन्हें विश्वास है कि समिति के माध्यम से धान बेचने का निर्णय सबसे सही है और आगे भी वे अपनी उपज समिति के माध्यम से ही विक्रय करेंगे।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 September 2026
रायपुर में गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों की टीम 3 गाड़ियों…
 30 September 2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नवविवाहिता की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले पति, देवर और सास ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद पट्टे…
 30 September 2026
महाराष्ट्र से झारखंड और ओडिशा जाने वाले ट्रेन यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक बदलने का काम किया जाएगा। यह काम सीनी-राजखरसावां…
 30 September 2026
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रोफेसर ने कॉलेज की छात्राओं से अश्लील डिमांड की है। शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान कॉलेज की छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रोफेसर जेपी…
 30 September 2026
रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में इन दिनों छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एंड एंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्क्लेव में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से युवा…
 30 September 2026
छत्तीसगढ़ के 100 से ज्यादा अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज किए जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसके…
 30 September 2026
रायपुर ।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान की भावना जनभागीदारी और सेवा के माध्यम से…
 29 September 2026
रायपुर (वीएनएस)। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल और दलदली क्षेत्र में सेवा, पोषण और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘सेवा संकल्प अभियान’…
 29 September 2026
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के 10वें प्रांतीय सम्मेलन में बिलासपुर के कवि एवं डेटा साइंटिस्ट डॉ. अंकुर शुक्ला ‘खावर’ को छत्तीसगढ़ी भाषा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा…
Advt.