क्या सीरियाई लोग टूटे पैरों पर भीख मांगें... भूकंप में मदद न मिलने पर भड़के बसर अल असद, जानें क्या कहा

Updated on 10-02-2023 07:16 PM
दमिश्क: तुर्की और सीरिया में आए भीषण भूकंप ने तबाही मचा रखी है। अब तक दोनों देशों में 17000 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। आशंका जताई जा रही है कि मौत का आंकड़ा अभी और ज्यादा बढ़ सकता है। दोनों देशों में अभी भी कई इलाके ऐसे हैं, जहां तक राहत और बचाव की टीमें नहीं पहुंच पाई है। इस भूकंप से सबसे ज्यादा तबाही तुर्की में मची है, हालांकि सीरिया में भी हालात काफी खराब हैं। दुनियाभर के 70 से अधिक देशों ने तुर्की को राहत सामग्री और बचाव टीमें भेजी हैं, हालांकि, सीरिया को उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। इसी को लेकर सीरिया के राष्ट्रपति बसर अल असद ने गुस्से का इजहार किया है।

    पश्चिमी देशों पर भड़के बसर अल असद


    सीरियाई राष्ट्रपति बसर अल असद ने ट्वीट कर लिखा कि पश्चिम का कहना है कि उन्होंने सहायता नहीं भेजी क्योंकि हमारी सरकार ने "इसके लिए नहीं कहा।" क्या ढही हुई इमारतों और मरने वाले लोगों की तस्वीरें काफी नहीं हैं? या क्या वे चाहते हैं कि सीरियाई लोग टूटे पैरों पर भीख मांगें? असद ने इस ट्वीट को अरबी में भी शेयर किया है। सीरिया पहले से ही इस्लामिक स्टेट के आतंक से तबाह है। इस बीच भूकंप ने सीरियाई लोगों की परेशानी को और ज्यादा बढ़ा दिया है।

    अलेप्पो में भूकंप ने मचाई है तबाही


    सीरिया सरकार के कब्जे वाले शहर अलेप्पो में, बचावकर्मियों ने शहर में ढही हुई एक इमारत से गुरुवार को सात लोगों को जिंदा बाहर निकाला और 44 शव बरामद किए। ऐसा ही हाल तुर्की की सीमा से सटे कई इलाकों का है। सीरिया में सुरक्षा कारणों से संयुक्त राष्ट्र को छोड़कर अधिकतर एजेंसियां राहत और बचाव कार्य नहीं चला रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग ही मलबों के नीचे दबे लोगों को बचाने के काम में जुटे हैं।

    सीरिया को मदद क्यों नहीं भेज रहे पश्चिमी देश


    सीरिया में बसर अल असद लंबे समय से राष्ट्रपति के पद पर काबिज हैं। पिछले साल हुए चुनाव में भी असद की जीत हुई थी। तब पश्चिमी देशों ने आरोप लगाया था कि सीरियाई चुनाव में जमकर धांधली हुई और असद की जीत संदेहास्पद है। ऐसे में अमेरिका के नेतृत्व वाले देशों ने असद को राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मान्यता नहीं दी। असद को रूस का करीबी समझा जाता है। उन्होंने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ युद्ध में भी रूस की मदद की और अमेरिका का विरोध किया। इसी कारण अमेरिकी सेना को सीरिया छोड़कर बाहर जाना पड़ा था।

    अन्य महत्वपुर्ण खबरें

     01 August 2026
    ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
     01 August 2026
    मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
     01 August 2026
    मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
     01 August 2026
    मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
     31 July 2026
    ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित चीनी दूतावास में 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ मनाया गया है। इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बांग्लादेश…
     31 July 2026
    तेलअवीव/तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेनई ने अपने पिता की अयातुल्‍ला की हत्‍या के बाद सत्‍ता तो संभाल ली है लेकिन उन्‍हें इस हमले के बाद किसी ने…
     31 July 2026
    इस्लामाबाद: फारूक खान उर्फ कमांडर फारूक सुधन की पीओके में प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी की चपेट में आने से मौत हो गई है। वो पहले पाकिस्तान के…
     31 July 2026
    काठमांडू: नेपाल के दक्षिणपूर्वी तराई-मधेस क्षेत्रों जैसे कोशी और मधेस प्रांत में दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद हिंसा फैल गई है। ये क्षेत्र भारत की सीमा…
     31 July 2026
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार…
    Advt.