म्यांमार से छूटे हरियाणा के युवक की कहानी:थाइलैंड में नौकरी के बहाने चीन के ठगों को सौंपा

Updated on 15-03-2025 01:52 PM

म्यांमार में चीन के साइबर माफिया के चंगुल से छूटकर लौटे 540 भारतीयों में जींद के भी 3 युवक हैं। इनमें एक जींद शहर तो 2 सफीदों से हैं। इन युवाओं को थाइलैंड में डेटा एंट्री ऑपरेटर की जॉब का लालच दिया गया। मगर, थाइलैंड से इन्हें म्यांमार के पहाड़ी क्षेत्र में बनी बड़ी बिल्डिंग में बंधक बनाकर साइबर ठगी कराई गई।

जो युवक मना करते, उनके साथ मारपीट की जाती थी। उसके बाल-नाखून नोचे जाते। टॉयलेट जाने पर पानी नहीं देते थे। सही काम करने पर इन्सेंटिव देते तो ड्यूटी पर एक मिनट भी लेट होने और टारगेट पूरा न करने पर जुर्माना लगाने के साथ टार्चर करते थे।

जींद के युवक की जुबानी, पूरी कहानी

1. एजेंट ने कहा- थाइलैंड में नौकरी मिलेगी, वहां चीनी ठगों को सौंपा म्यांमार से लौटे जींद के नवीन ने बताया कि उसका करनाल के गगसीना गांव के एजेंट से संपर्क हुआ था। उसने बताया कि थाइलैंड में एक कंपनी में डेटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी है। वहां पर 60 हजार रुपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा। एजेंट ने उससे डेढ़ लाख रुपए लेकर उनको टूरिस्ट वीजा पर 23 सितंबर 2024 को थाइलैंड भेज दिया। थाइलैंड पहुंचने पर एजेंट ने उसे चीन के साइबर ठगों को सौंप दिया।

2. 50 एकड़ में बनी बिल्डिंग में ले गए, स्टॉक मार्केट का काम बताया इसके बाद वह लोग उनको कियान सिटी से दूर थाइलैंड व म्यांमार की सीमा पर बनी नदी पार करवाकर पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 50 एकड़ में बने क्षेत्र में ले गए। यहां बनी बिल्डिंगों के चारों तरफ काफी ऊंची चारदीवारी बनी हुई है। शुरुआत में उनको बताया कि उनकी कंपनी स्टॉक मार्केट में काम करती है और पूरे विश्व के लोगों से निवेश करवाने का काम करती है। इस काम के लिए 60 हजार रुपए महीना वेतन दिया जाएगा।

3. आधी सेलरी दी, डॉलर डलवाकर हड़प लेते, फिर ID चेंज कर देते एक माह तक 60 हजार रुपए महीने सैलरी देने के बाद टारगेट पूरा नहीं होने की बात कहकर सैलरी को घटाकर 30 हजार रुपए महीना कर दिया। मुझे कुछ ही दिन में ये एहसास हो गया था कि यह लोग साइबर ठगी का काम करते हैं। मैं जिन लोगों के पास काम रहा था, वह क्रिप्टो करेंसी में निवेश का काम करवाते थे।

उनको सोशल मीडिया पर अमेरिका के लोगों से संपर्क किया जाता था। जब सामने वाला व्यक्ति निवेश करने के लिए तैयार हो जाता था तो ठगी करने वाले लोग अपने वॉलेट में यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) डॉलर डलवा लेते और उस राशि को हड़प लेते। एक बार फ्रॉड करने के बाद तुरंत आईडी चेंज कर दी जाती और उन्हें दूसरा टास्क दे दिया जाता।

4. झपकी भी आई तो सारी सैलरी काट जुर्माना लगा देते अगर उनके पास कोई कर्मचारी ऐसा करने से मना करता तो उसके साथ मारपीट की जाती। उसे प्रताड़ित किया जाता। मेरे साथ भी कई बार मारपीट की गई। शुरुआत में एक छुट्टी दी गई और 12 घंटे काम लिया गया लेकिन बाद में 18-18 घंटे काम लेने लगे। एक मिनट भी लेट होने, काम करते समय नींद की झपकी आने पर पूरे महीने की सेलरी काट फाइन लगा देते।

5. काम छोड़ने वाले से 6 लाख मांगते, मोबाइल जमा करा लेते अगर कोई काम नहीं करना चाहता और वहां से जाना चाहता तो उससे 6 लाख रुपए मांगे जाते। कंपनी में लगभग 500 से अधिक भारतीयों को बंधक बनाया हुआ था। कंपनी में कंप्यूटर सिस्टम दिया हुआ था, उसी पर फेसबुक के जरिए लोगों को फंसवाते। ज्यादा लोगों के साथ फ्रॉड करने पर इन्सेंटिव देते और टारगेट पूरा नहीं होने पर फाइन करते। उनका मोबाइल जमा करवा लिया जाता था। उनका फोन टेप किया जाता था। वह फंसे हुए हैं, इसकी जानकारी देने वालों को जाने से मारने की धमकी देते थे।

बाहर कैसे निकले, डेढ़ माह चली प्लानिंग, शाह से भी बात हुई नवीन ने बताया कि हम लोगों के साथ साइबर फ्रॉड नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने बाहर निकलने की प्लानिंग बनानी शुरू की। डेढ़ माह तक वह मिलकर बाहर निकलने का प्लान बनाते रहे। उसी दौरान उनका संपर्क हैदराबाद के मधुकर रेड्डी से हुआ। उसके एंबेसी से लेकर राजनीति में अच्छे लिंक थे, इसलिए मधुकर की मदद से इंडियन एंबेसी से संपर्क साधा गया।

10 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी उनके ग्रुप के लोगों की बात हुई। इंडियन एंबेसी ने कहा कि उनकी मदद की जाएगी, कुछ दिन इंतजार करें। इससे वह हौंसले में आ गए। 20 फरवरी को उनके पास मैसेज आया कि अब उन्हें रेस्क्यू करने के लिए आ रहे हैं। 20 फरवरी की शाम को उन्होंने काम छोड़ दिया और बिल्डिंग के बाहर बैठ गए।

इस पर वहां की प्राइवेट आर्मी ने उन्हें प्राइवेट जेल में डाल दिया। 21 को सुबह आर्मी आ गई और उनका रेस्क्यू शुरू कर दिया गया। 22 फरवरी तक रेस्क्यू चला। इसके बाद आर्मी के जहाज की सहायता से बार्डर पर लाया गया। यहां दस्तावेज जांचने के बाद उन्हें गाजियाबाद लाया गया। यहां से जींद तक गाड़ी में लाया गया।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बने मुहाफिज-V बख्तरबंद वाहनों को कथित तौर पर सूडान की राजधानी खार्तूम में एक मिलिट्री परेड में देखा गया है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह…
 07 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी अगले हफ्ते की शुरुआत (10 अगस्त) में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे। त्रिवेदी की बांग्लादेश के पीएम से मुलाकात दोनों देशों…
 07 August 2026
बैंकॉक: थाईलैंड के एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार ने बांग्लादेश में आईएसआई के प्रभाव की बात को नकार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि शेख हसीना और उनके बेटे…
 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
Advt.