अफगानिस्तान में महिलाओं को घरों में कैद करने की कोशिश:तालिबान ने पढ़ाई रोकी, बालिग महिलाओं के मस्जिद में जाने पर भी रोक

Updated on 23-12-2022 06:10 PM

अफगानिस्तान में तालिबान शासन महिलाओं के अधिकारों का बर्बरतापूर्वक दमन कर रहा है। बीते साल अगस्त में तालिबान ने सत्ता पर कब्जा करने के बाद ही शिक्षा, नौकरियों और उनकी आवाजाही पर प्रतिबंध लगाकर महिलाओं को घरों में कैद करने के लिए नियमों में बदलाव करने शुरू कर दिए थे।

फैसले लागू करने मौलवियों का सहारा लिया
दुनिया को दिखाने के लिए अपने फैसले लागू करने के लिए मौलवियों का सहारा लिया। उनकी सरकारी और प्राइवेट नौकरियों पर रोक लगवा दी। आगे बढ़ने से रोकने के लिए तालिबान सुरक्षाबलों ने महिलाओं को डराया, धमकाया, हिरासत में लेने से लेकर अगवा तक किया गया।

अफगानिस्तान की महिला अधिकार कार्यकर्ता खदीजा अहमदी ने बताया कि तालिबान ने महिलाओं को जज या वकील के रूप में कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोक दिया है। सत्ता पर कब्जा करने से पहले अफगानिस्तान में लगभग 300 महिला जज थीं। तालिबान के चलते इन सभी को देश से निकलना पड़ा।

हजारों परिवार पाकिस्तान, ईरान, तुर्की जा चुके
खदीजा के मुताबिक तालिबान का रवैया महिलाओं की सामाजिक स्थिति और मनोवैज्ञानिक रूप से गंभीर है। तालिबान महिलाओं को दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में स्थापित करना चाहता है। विशेष रूप से युवा पुरुषों और लड़कों को वर्चस्ववादी और महिलाओं को घर और अपने काम में उपयोग की वस्तु बना देना चाहता है।

प्रतिबंधों के चलते हजारों परिवार महिलाओं को लेकर पाकिस्तान, ईरान और तुर्की जैसे पड़ोसी देशों में जा चुके हैं। पाकिस्तान उन देशों में शीर्ष पर है, जहां हाल के महीनों में बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थी पहुंचे हैं। अधिकांश छात्र अब पाकिस्तान में पढ़ रहे हैं।

शिक्षकों को आदेश- किसी उम्र की लड़की को न पढ़ाएं
तालिबान ने लड़कियों को यूनिवर्सिटी में पढ़ने पर रोक लगाने के बाद अब महिलाओं को पूरी तरह शिक्षा से दूर करने वाला कदम उठाया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, तालिबान ने लड़कियों के प्राथमिक स्कूलों में जाने पर रोक लगा दी है। शिक्षकों से कहा गया है कि वे अब किसी भी उम्र की लड़कियों को नहीं पढ़ा पाएंगे। शिक्षा मंत्रालय व शरिया कानून लागू करने वाले मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक में इस पर फैसला लिया गया।

बालिग महिलाएं मस्जिद में भी नहीं जा सकेंगी
तालिबान ने एक और सख्ती की है। उसने वयस्क महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। महिला अधिकार कार्यकर्ता खदीजा के मुताबिक तालिबान के आने के बाद अफगानिस्तान में जो सुधार 20 साल में हुए थे, अब उन पर अंकुश लग चुका है। इससे एक दिन पहले ही लड़कियों को यूनिवर्सिटी में पढ़ने से रोकने के आदेश के खिलाफ कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। सबसे ज्यादा छात्र कांधार व जलालाबाद में हुए।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 09 June 2026
अंकारा/एथेंस: तुर्की की मीडिया ने उन खबरों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि ग्रीस भारत के साथ अपना रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है। ग्रीस की मीडिया में…
 09 June 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बड़े पैमाने पर हिंसा और बवाल हुआ है। पुलिस के प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने के बाद हिंसक झड़पे हुई हैं। कई शहरों…
 09 June 2026
ढाका: बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने कहा है कि भारत से व्यापार में उनका देश भारी घाटे में है। वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तदिर ने सोमवार को देश की…
 09 June 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर पाकिस्तान को जमकर घेरा है। अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा के दौरान यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत के…
 09 June 2026
वॉशिंगटन डीसी, अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया है। बॉस्टन कोर्ट ने कहा…
 08 June 2026
ढाका: बांग्लादेश के जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि भारत अगर जबरदस्ती लोगों को सीमा के अंदर भेजता रहा तो द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। उनका कहना…
 08 June 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षाबलों ने खूनी खेल खेला है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई हैं, जिसमें 27…
 08 June 2026
स्टॉकहोम: भारत ने परमाणु बम बनाने के मामले में पाकिस्तान को काफी पीछे छोड़ दिया है। दुनिया भर में हथियारों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस…
 08 June 2026
काठमांडू: पिछले हफ्ते नई दिल्ली में नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने का भव्य स्वागत किया गया था। उनका दौरा खत्म होने के अगले ही दिन…
Advt.