'अल्पसंख्यकों को वोटबैंक समझने की प्रवृत्ति छोड़नी होगी' मुरादाबाद दंगे पर जानिए और क्या बोला आयोग

Updated on 09-08-2023 02:10 PM
लखनऊ: 43 साल पहले मुरादाबाद में हुए भीषण दंगे की अब सार्वजनिक हुई जांच रिपोर्ट में अल्पसंख्यक वोटबैंक की राजनीति को लेकर कई अहम सवाल उठाए गए हैं। दंगे की जांच के लिए गठित आयोग ने कहा है, 'अल्पसंख्यकों को आम नागरिक समझने के बाद चुनाव के प्रयोजन के लिए उन्हें वोट की सौदेबाजी की मूल्यवान सामग्री समझेंगे, तो निश्चय ही इसके परिणाम अशुभ होंगे। इस जनसमुदाय से अपना स्वार्थ साधने के लिए इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया गया।'

13 अगस्त, 1980 को मुरादाबाद में ईद की नमाज के दौरान प्रतिबंधित पशु के आने और नमाजियों को 'नापाक' किए जाने की अफवाह फैलाई गई, उस समय वहां 70 हजार से अधिक नमाजी थे। जस्टिस एमके सक्सेना की जांच रिपोर्ट के अनुसार यह अफवाह मुस्लिम लीग के कैंप के पास फैलाई गई। प्रशासन-पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करवाया। प्रशासन जब तक ईदगाह पहुंचता यहां प्रतिबंधित पशु के साथ नमाजियों पर हमले की खबर फैला दी गई। इन अफवाहों ने हिंसा फैलाई और करीब तीन महीने तक मुरादाबाद और आसपास के शहर दंगे की आग में जलते रहे।

दंगों की तैयार की गई जमीन

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यूपी मुस्लिम लीग पार्टी के अध्यक्ष शमीम अहमद इन दंगों की जमीन लंबे समय से तैयार कर रहे थे। 1971 का लोकसभा चुनाव वह हार गए थे, तब भी उन्होंने सांप्रदायिक उपद्रव भड़काने का प्रयास किया था। 1974 में यूपी विधानसभा का चुनाव नजदीकी वोटों से हारने के बाद उन्होंने अल्पसंख्यकों की सहानुभूति हासिल करने की कवायद तेज की। हालांकि, 1977 के विधानसभा चुनाव में मिली भारी हार ने उनकी महत्वाकांक्षाओं को गहरा झटका दिया। मई, 1980 में जब उन्हें फिर विधानसभा का मुस्लिम लीग से टिकट मिला तो ध्रुवीकरण के प्रयास और तेज कर दिए।

अफवाह के तहत रची साजिश

मई में ही एक दलित लड़की के अपहरण और रेप की घटना में शमीम आरोपितों के साथ खड़े हुए और घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। पीड़ित लड़की की शादी के दिन भी बारात को लेकर विवाद पैदा किया गया और इससे दोनों समुदायों में हिंसक स्थिति उपजी। इस घटना की पृष्ठभूमि में प्रतिबंधित पशु की अफवाह रची गई, जिससे शक उसके पालक समुदाय पर जाए। ईद का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि उस दिन जुटान भी बहुत थी और भावनाओं को हवा देना भी आसान था। भगदड़ और गोलीबारी में हुई मौतों ने गुस्से को और भड़काया, जिससे कई की जान गई। आयोग ने रिपोर्ट में साफ कहा है कि कहीं भी प्रतिबंधित पशु आने का कोई सबूत नहीं मिला।

'दंगों के मुकदमों में फैसले कोर्ट से ही हों'

आयोग ने कहा है कि सांप्रदायिक तनाव की जमीन रचने वाले खास राजनीतिज्ञ व स्थानीय नेता होते हैं जो इससे अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का मौका देखते हैं। मुरादाबाद में भी यही हुआ। समुदाय विशेष पर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान ने स्थिति खराब की। साधारण नागारिक कभी भी उपद्रव फैलाने में रुचि नहीं रखते, लेकिन सबसे अधिक नुकसान उनको ही उठाना पड़ता है। आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि दंगों के मामलों में फैसला कोर्ट में ही होना चाहिए। कोई भी मुकदमा वापस नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि इससे अविश्वास व कटुता पनपती है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
पुणे, पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवाड़ में सात आवारा कुत्तों ने चार साल की बच्ची पर हमला कर दिया। बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर पर 80 से ज्यादा…
 11 August 2026
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में क्लीन चिट मिलने के कुछ दिन बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र…
 11 August 2026
गुवाहाटी : 24 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों के विश्लेषण से पता चला है कि केवड़ा का पौधा न केवल हिमालय के निर्माण से पहले का है, बल्कि भारतीय क्षेत्र में…
 11 August 2026
पटना/उज्जैन: तेज प्रताप और अनुष्का यादव से जुड़े विवाद की एक बार फिर चर्चा होने लगी। बेटी उज्जैनी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर उज्जैनी के मामा और अनुष्का के भाई…
 11 August 2026
भागलपुर: बिहार के भागलपुर में पूर्व मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन सैयद शाहनवाज हुसैन ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव…
 11 August 2026
विरार: महाराष्ट्र के विरार में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान गुजरात से मुंबई जा रही एक कार से एक करोड़ रुपये के…
 11 August 2026
लखनऊ: संसद के मॉनसून सत्र में कांग्रेस, सपा समेत समूचा विपक्ष मांग कर रहा है कि गृह मंत्री सदन में आएं और जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज मुद्दे पर…
 10 August 2026
हिसार, इन बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। 1 अगस्त को जींद के रामराय गांव में हुई नौगामा खाप पंचायत में सदस्य वीरेंद्र ढुल ने ये बातें…
 10 August 2026
प्रयागराज: रामपुर जेल में बंद चल रहे वरिष्‍ठ सपा नेता आजम खान अब एक नए मामले में फंस गए हैं। प्रयागराज के दरियाबाद मोहल्‍ले में पार्क की जमीन और उससे…
Advt.