ट्विटर में मस्क के टाइम से टेस्ला शेयरहोल्डर परेशान मस्क बोले- आने वाले दिनों में समय कम होने की उम्मीद

Updated on 17-11-2022 07:14 PM

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने बुधवार को कहा कि वह ट्विटर में अपना समय कम करने की उम्मीद कर रहे हैं। वह सोशल मीडिया कंपनी चलाने के लिए किसी नए लीडर को भी ढूंढ सकते हैं। बुधवार को डेलावेयर कोर्ट में मस्क ने ये बात कही है। एलन मस्क टेस्ला के CEO है और उन्हें 2018 में कंपनी ने 56 अरब डॉलर का पैकेज दिया गया था। कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने मस्क के इस भारी-भरकम पैकेज को अदालत में चुनौती दी है।

मस्क ने हाल ही में 44 बिलियन डॉलर में सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर को भी खरीदा है और वह इन दिनों अपना ज्यादातर समय उसी कंपनी में लगा रहे हैं। टेस्ला के निवेशक मस्क के ट्विटर को बदलने में लगाए जा रहे समय को लेकर चिंतित हैं। इसका टेस्ला के शेयरों पर भी असर दिख रहा है। बुधवार को टेस्ला का शेयर 3.86% गिरकर 186.92 डॉलर पर बंद हुआ। एक महीने में ये स्टॉक 15% और 6 महीने में शेयर करीब 26% टूट चुका है।

एलन मस्क को उनका ये पैकेज स्टॉक ऑप्शन्स के रूप में दिया गया है। मस्क के पास वर्तमान में टेस्ला के 14% शेयर हैं, जिनकी कीमत लगभग 90 बिलियन डॉलर है। उन्होंने इस साल और पिछले साल करीब 30 अरब डॉलर के शेयर बेचे हैं।

ट्विटर रिस्ट्रक्चरिंग में समय की जरूरत
मस्क ने डेलावेयर कोर्ट में कहा, 'ट्विटर के अधिग्रहण के बाद इसे रिस्ट्रक्चर करने के लिए शुरुआत में काफी काम की जरूरत है। लेकिन बाद में मैं इस कंपनी में अपना समय कम करने की उम्मीद कर रहा हूं। मस्क ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ टेस्ला इंजीनियर ट्विटर की इंजीनियरिंग टीमों के मूल्यांकन में मदद कर रहे थे, लेकिन उन्होंने कहा कि यह "स्वैच्छिक आधार" और एक्स्ट्रा टाइम में था।

रिचर्ड टॉर्नेटा ने दायर किया है मुकदमा
टेस्ला के शेयरहोल्डर रिचर्ड टॉर्नेटा ने मस्क पर मुकदमा दायर किया है। टॉर्नेटा ने दावा किया है कि मस्क ने टेस्ला के बोर्ड पर अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल पैकेज की शर्तों को निर्धारित करने के लिए किया था, जिसके लिए उन्हें टेस्ला में फुल-टाइम काम करने की जरूरत नहीं है। इसी कारण वह कई अन्य कंपनियां भी चला रहे हैं। मस्क ने कहा टेस्ला 2017 में संकट में थी और उन्होंने इस पर अपना पूरा ध्यान दिया। तभी ये सैलरी पैकेज तय किया गया था।

संकट के हिसाब से समय का अलॉकेशन
उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे सैलरी पैकेज को स्वीकार नहीं करेंगे जिसके लिए उन्हें घड़ी के हिसाब से काम करने की जरूरत हो। उन्होंने कहा, 'मैं हर समय काफी काम करता हूं। मुझे नहीं पता कि एक पंच क्लॉक क्या हासिल करेगी।' मस्क ने कहा कि वह अपना ध्यान वहां केंद्रित करते हैं जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। संकट के समय में, जहां संकट है, वहां अलॉकेशन बदल जाता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.