गुब्बारा हमारा, अमेरिका का नहीं, मलबा लौटाओ... इनकार सुनते ही भड़क उठा चीन, जमकर धमकाया

Updated on 08-02-2023 05:59 PM
बीजिंग: अमेरिका ने चीन को जासूसी गुब्बारे का मलबा लौटाने से इनकार किया है। अमेरिका ने कहा है कि वह गुब्बारे के मलबे को जांच के लिए इकट्ठा कर रहा है। इसको चीन को सौंपने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उधर चीन ने कहा कि वह अमेरिका द्वारा संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को नष्ट किए जाने के मामले में दृढ़ता से अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करेगा। पहले से दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर तनाव है। गुब्बारा प्रकरण के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इस सप्ताह बीजिंग का अपना दौरा रद्द कर दिया, जिसे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा था।
चीन का दावा- मौसम की जानकारी वाला था गुब्बारा
चीन का दावा है कि यह मौसम विज्ञान अनुसंधान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला गुब्बारा था, लेकिन उसने यह बताने से इनकार कर दिया कि यह किस सरकारी विभाग या कंपनी का था। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को दोहराया कि मानव रहित ''एयरशिप'' (गुब्बारे) से कोई खतरा नहीं था और यह भटककर अमेरिकी हवाई क्षेत्र में पहुंचा। माओ ने मामले में 'जरूरत से ज्यादा टिप्पणी करने' और तट से दूर अटलांटिक महासागर में शनिवार को गुब्बारे को मार गिराने के लिए अमेरिका की आलोचना की।
मलबा पाने के लिए बैचैन हुआ चीन
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन मलबा वापस चाहता है, उन्होंने केवल इतना कहा कि गुब्बारा चीन का था। माओ ने कहा कि गुब्बारा अमेरिका का नहीं था। चीन सरकार अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करना जारी रखेगी। शुरुआत में चीन ने गुब्बारे के अमेरिकी हवाई क्षेत्र में पहुंचने पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि यह भटककर वहां पहुंचा तथा अमेरिकी क्षेत्र में इसके पहुंचने पर अफसोस प्रकट किया। बाद में चीन ने अमेरिका के बारे में कड़ी टिप्पणी की। ताइवान, व्यापार, प्रौद्योगिकी प्रतिबंध, और दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे के चलते दोनों देशों में पहले से तनाव है।

अमेरिकी दूतावास में दर्ज करवाई आपत्ति
चीन ने कहा है कि उसने बीजिंग में अमेरिकी दूतावास के समक्ष एक औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई, जिसमें वाशिंगटन पर ''जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया'' करने और अंतरराष्ट्रीय कानून, नियम-कायदे की भावना का गंभीर उल्लंघन करने'' का आरोप लगाया। जापान से कोस्टा रिका समेत अन्य देशों में भी ऐसे गुब्बारे दिखे जिसके चीन के होने का संदेह है या पुष्टि हुई है।
ताइवान में भी देखा गया रहस्यमयी गुब्बारा
ताइवान में मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि रहस्यमयी सफेद गुब्बारों को पिछले दो वर्षों में कम से कम तीन बार क्षेत्र में देखा गया। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कभी भी इन गुब्बारों का जुड़ाव चीन से नहीं बताया। हालांकि अमेरिका में चीनी गुब्बारा की मौजूदगी के बाद इन क्षेत्रों में पूर्व में दिखे गुब्बारों को लेकर बहस शुरू हो गई है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 September 2026
नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
 22 September 2026
न्यूयॉर्क: अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। न्यूयॉर्क पहुंचते ही अराघची को विरोध का सामना करना पड़ा है। अराघची सोमवार दोपहर को…
 22 September 2026
पेरिस/नई दिल्ली: फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान शक्ति प्रदर्शन करने के लिए दुनिया के मिशन पर निकला है और ये करीब 40 हजार किलोमीटर का सफर तय कर बहुत जल्द भारत…
 22 September 2026
वॉशिंगटन: इटली के इतिहासकार Antonio Gramsci ने कहा था, ‘पुरानी दुनिया मर रही है और नई दुनिया जन्म लेने के लिए संघर्षरत है।’ मौजूदा समय कुछ ऐसा ही दिख रहा…
 22 September 2026
वॉशिंगटन: वाइट हाउस ने सोमवार को 'ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन' लॉन्च किया है। यह 24/7 चलने वाला डिजिटल वीडियो स्ट्रीम है जिसमें ट्रंप प्रशासन की घोषणाएं, राष्ट्रपति के बयान…
 22 September 2026
रियाद: पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो छवि पेश कर रहे हैं और देश के अंदर की जो गंभीर सच्चाई है उनमें जमीन-आसमान का…
 22 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूसी तेल खरीदने पर भारत जैसे देशों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी पर अमेरिका के पूर्व अधिकारी ने सवाल उठाए हैं। अमेरिकी विदेश…
 21 September 2026
बीजिंग/इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत ने इस महीने चीन-पाकिस्तान की तरफ से 'पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग' पैक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान ने इसे एक 'महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया है और उसका…
 21 September 2026
काठमांडू: भारत की आयात पर सख्ती के चलते नेपाल को नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली के सेफगार्ड ड्यूटी (सुरक्षा शुल्क) लगाने से पिछले वित्त वर्ष में नेपाल के स्टील निर्यात…
Advt.