कारगिल युद्ध में भारत की विजय पर दुनिया को था संशय, हमारे जांबाज सैनिकों ने पलट दी थी बाजी

Updated on 26-07-2023 12:28 PM
भोपाल। कारगिल युद्ध में भारत की विजय पर पूरी दुनिया को संशय था, क्योंकि पाकिस्तान ने इसकी तैयारी पहले ही कर ली थी और बेहद विषम भौगोलिक स्थिति में वे बेहतर मोर्चे पर थे। भौगोलिक स्थिति के कारण हमारे सैनिकों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी वीरता और शौर्य के आगे दुश्मन को घुटने टेकने पड़े थे। आखिर हमारे जांबाज सैनिक विजयी होकर ही लौटे।

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। विजय दिवस की पूर्व संध्या पर नवदुनिया ने सेवानिवृत एवं अनुभवी सैन्य अधिकारियों से बात की। सैन्य अधिकारियों के अनुसार कारगिल युद्ध में भारत की विजय की बड़ी वजह सैनिकों का जज्बा था। सैनिकों ने भारत माता की रक्षा के लिए वह कर दिखाया, जिसे दुनिया असंभव मान रही थी। पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मघाती हमलों का जवाब हमारी सेना ने पुरजोर ढंग से दिया। सैनिकों ने अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया, लेकिन भारतमाता की आन, बान और शान को कम नहीं होने दिया। इस युद्ध में भारत के 527 सैनिकों को बलिदान देना पड़ा था। कर्नल नारायण पारवानी के अनुसार कारगिल युद्ध दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर लड़ा गया ऐतिहासिक युद्ध था।

शूरवीरों ने असंभव को संभव कर दिखाया

कारगिल की विजय भारतीय सेना के अफसरों और जवानों की वीरता, साहस और बलिदान की अमर कथा है। पाक सेना ने 1999 की शुरुआत में ही छद्म वेश में घुसपैठ शुरू कर दी। भारतीय सेना और गुप्तचर एजेंसियां इसका आकलन सही ढंग से नहीं कर सकीं। इसका लाभ पाकिस्तान की सेना को मिला, इस कारण प्रारंभ में हमारी सेना को बहुत परेशान होना पड़ा। हमारे वीरों को बलिदान देना पड़ा लेकिन पाक की करतूतों का पता चलने के बाद सेना ने अद्भुत साहस और वीरता का परिचय देकर विश्व मंच पर अपनी मजबूती के झंडे गा़ड़ दिए।
- नारायण पारवानी, सेवानिवृत कर्नल

कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की सेना को भौगोलिक स्थिति का लाभ मिला। पाक ने युद्ध की पूरी तैयारी काफी समय पहले ही कर ली थी। इसकी खबर हमें बाद में मिली। भारतीय सेना को पता चला कि पहाड़ियों पर पाक सेना ने बंकर बना लिए हैं। इसका पता लगाने के लिए भारत की एक टुकड़ी ऊपर पहुंची लेकिन पाक ने हमला कर दिया। कई सैनिकों को युद्ध की शुरुआत में ही बलिदान देना पड़ा। बाद में भारतीय सेना ने योजनाबद्ध ढंग से युद्ध लड़ा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 12 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा बाधक नहीं बने। उन्होंने निर्देश दिए कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी…
 12 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर 15 अगस्त 2026 को होने वाले स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे…
 12 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 500 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और राहत कार्य जारी है। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के…
 12 August 2026
भोपाल। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाले अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भोपाल मंडल…
 12 August 2026
 भोपाल। रविवार शाम से हुई बारिश ने छोला क्षेत्र की उड़िया बस्ती के रहवासियों की परेशानी बढ़ा दी। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक कई घरों में पानी घुसने लगा।…
 12 August 2026
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था और बिगड़ते शहरी ढांचे को लेकर पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजी) पवन जैन ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल…
 12 August 2026
भोपाल। कजली खेड़ा थाना क्षेत्र स्थित फाटापान बाबाझिरी पिकनिक स्पाट पर दोपहर में पिकनिक मनाने गए पुराने भोपाल के सात युवक अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण एक…
 12 August 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल स्थित राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायजा…
 12 August 2026
भोपाल। कांग्रेस के प्रकोष्ठ और विभागों को पांच अगस्त को भंग किए जाने के बाद अब इसी सप्ताह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को भी भंग किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष,…
Advt.