धरा रह जाएगा ट्रंप का टैरिफ! अगले साल 950 अरब तक पहुंच सकता है भारत का एक्सपोर्ट

Updated on 02-01-2026 01:01 PM
नई दिल्ली: भारत कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर रहा है। इससे देश का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 840-850 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके बाद 2026-27 तक यह आंकड़ा लगभग 950 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। निर्यातकों का कहना है कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पश्चिम एशियाई देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और सेवाओं एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे टेक्नोलॉजी-आधारित क्षेत्रों की मजबूती के कारण होगी। हालांकि, बढ़ते टैरिफ और जलवायु परिवर्तन से जुड़े व्यापार प्रतिबंध निर्यात की इस रफ्तार को बनाए रखने में बड़ी चुनौतियां पेश कर सकते हैं।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, "भारतीय निर्यात के लिए सबसे बुरा दौर बीत चुका है और हमें उम्मीद है कि टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 2025-26 में निर्यात 840-850 अरब डॉलर की सीमा में रह सकता है, जबकि 2026-27 में कुल निर्यात 950 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।" डिजिटल सर्विसेज के एक्सपोर्ट के मामले में भारत दुनिया में चौथे पांचवें नंबर पर है। इसमें अमेरिका पहले, यूके दूसरे, आयरलैंड तीसरे और जर्मनी चौथे नंबर पर है।

लाल सागर का संकट

निर्यातकों का यह भी कहना है कि लाल सागर का संकट काफी हद तक सुलझ गया है। साथ ही, उद्योग ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% के भारी टैरिफ को भी अपने हिसाब में एडजस्ट कर लिया है। केंद्र सरकार के एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के समर्थन से भारतीय उद्योग अपने उत्पादों और बाजारों में विविधता ला रहा है। अमेरिका ने पहले भारत पर 25% टैरिफ लगाया था। रूस से तेल का आयात करने के लिए भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है।
टी टी लिमिटेड के एमडी संजय के जैन ने बताया, "अगले साल टेक्सटाइल और निर्यात में कुल मिलाकर 10-20% की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि भारत और यूके के बीच फ्री ट्रेड डील लागू होने वाली है। साथ ही जीएसटी में कटौती, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर के हटने और ड्यूटी फ्री कॉटन जैसी घरेलू पहलों से इस उद्योग में बुनियादी सुधार आएगा।" इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत की तीसरी बड़ी एक्सपोर्ट कैटगरी है।

अब तक एक्सपोर्ट

वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान भारत का कुल निर्यात करीब 562.13 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के 533.16 अरब डॉलर से 5.43% अधिक है। भारत ने 2025 में तीन महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पक्के किए हैं। इनमें यूके और ओमान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करना और न्यूजीलैंड के साथ बातचीत पूरी करना शामिल है। भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के 2026 में लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्यातक अमेरिका के साथ एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते और यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार समझौते में प्रगति को लेकर सतर्क हैं और उनकी उम्मीदें इन पर टिकी हैं।
एक उद्योग पर्यवेक्षक ने कहा, "एफटीए को परिणाम दिखाने में कुछ समय लगता है, जो अगले साल दिखेगा। हालांकि, अमेरिका के टैरिफ से श्रम-गहन क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है। यूरोपीय संघ का बाजार ज्यादा बढ़ नहीं रहा है। पश्चिम एशिया ही निर्यात वृद्धि को गति देगा, ऐसी उम्मीद है।" सेवाओं की बात करें तो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से आईटी (IT) क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।

आगे का हाल

टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनु गुप्ता ने कहा, "अगला साल काफी अनिश्चित लग रहा है, जब तक कि अमेरिकी टैरिफ के मोर्चे पर कुछ न हो जाए क्योंकि अमेरिका हमारा सबसे बड़ा बाजार है। खिलौना निर्माण ओईएम द्वारा किया जाता है, इसलिए कुछ कंपनियों ने टैरिफ के कारण भारत से खिलौने बनाने के लिए आवश्यक औजार, जैसे कि मोल्ड्स वियतनाम और इंडोनेशिया में स्थानांतरित कर दिए हैं।"

निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ टेक्सटाइल के लिए नए बिजनेस को आने से रोकेंगे लेकिन अमेरिका के साथ 50-60% नियमित व्यवसाय बना रहेगा। साथ ही करेंसी के मजबूत होने की उम्मीद है। इसके अलावा न्यूजीलैंड से सस्ते ऊन के आयात से घरेलू टेक्सटाइल उद्योग को मदद मिलेगी।

कच्चा माल

परिधान उद्योग के एक प्रतिनिधि ने कहा, "भारत अपने कई नए एफटीए (FTA) भागीदारों से कच्चा माल खरीदेगा, जिससे इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की चिंताएं दूर हो जाएंगी।" हालांकि, 1 जनवरी, 2026 से यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) के रिपोर्टिंग से भुगतान चरण में जाने के साथ, यूरोपीय संघ में प्रवेश करने वाले भारतीय स्टील और एल्यूमीनियम के हर शिपमेंट पर कार्बन लागत लगेगी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.