रूस के सीरिया छोड़ते ही यूक्रेन की विद्रोहियों से दोस्ती:यूक्रेनी विदेश मंत्री ने जुलानी से की मुलाकात, जेलेंस्की बोले- हम वहां स्थिरता लाएंगे

Updated on 01-01-2025 02:37 PM

सीरिया में असद के भागने और रूस का दबदबा खत्म होने के बाद यूक्रेन वहां एक्टिव हो गया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंद्री सिबिहा ने सोमवार को सीरियाई विद्रोहियों के नेता अबु मोहम्मद अल जुलानी से मुलाकात की।

इसके बाद सीरिया के विदेश मंत्री असद हसन अल शिबानी ने कहा कि वे यूक्रेन के साथ रणनीतिक साझेदारी चाहते हैं। शिबानी ने कहा, "सीरिया और यूक्रेन के लोगों ने एक तरह के कष्ट झेले हैं।"

वहीं, यूक्रेन ने वादा किया है कि वे सीरिया में पहले से ज्यादा सहायता सामग्री भेजेंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, "सालों तक रूस की दखलंदाजी के बाद हम सीरिया में स्थिरता लाने में मदद कर सकते हैं।" इससे पहले यू्क्रेन ने शुक्रवार को सीरिया में 500 टन अनाज भेजने की घोषणा की थी।

सीरिया में पहली बार महिला सेंट्रल बैंक की हेड बनी 

असद के देश छोड़ने के बाद से सीरिया कई तरह के बदलावों से गुजर रहा है। विद्रोहियों के समर्थन वाली सरकार ने पहली बार एक महिला को देश के सेंट्रल बैंक का हेड बनाया है।

मयासा सैबरिन देश की पहली महिला गवर्नर होंगी। उनके पास फाइनेंशियल सेक्टर में काम करने का 15 साल का अनुभव है।

असद के भागने से सीरिया में कैसे खत्म हुआ रूस-ईरान का दबदबा 

पश्चिमी एशिया में सीरिया रूस का सबसे भरोसेमंद पार्टनर था। 2011 में बशर के खिलाफ विद्रोह के बाद से ही रूस और ईरान ने बशर को हर तरह की सैन्य, आर्थिक व रणनीतिक मदद देता रहा है।

2016 में सीरिया में असद रूस और ईरान के समर्थन से ही ताकतवर हुए। उन्होंने अलेप्पो पर कब्जे के बाद हमा और होम्स जीत लिया।

2022 में यूक्रेन में जंग शुरू हो गई और रूस वहां व्यस्त हो गया। इसके चलते रूस ने अपने सैनिकों को सीरिया से निकाल लिया।

फिर 2023 में इजराइल और हमास के बीच जंग शुरू हुई। नतीजा ये हुआ कि ईरान और हिजबुल्लाह जो सीरिया में असद की मदद कर रहे थे वे अब उन पर ध्यान नहीं दे पाए।

हसन नसरल्लाह की मौत के बाद हिजबुल्लाह कमजोर हो गया। इसी का फायदा उठाकर जुलानी ने सीरियाई सेना पर हल्ला बोल दिया और 11 दिन में राष्ट्रपति का तख्तापलट कर दिया।

अब हालात बदल गए हैं, अमेरिका ने जुलानी पर रखा 85 करोड़ का ईनाम हटा लिया है, आतंकियों की सूची में शामिल होने के बावजूद अमेरिका जुलानी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रहा है। अमेरिका ने सिर्फ इतना कहा है कि वे सीरिया में शांति चाहते हैं।

'मिडिल ईस्ट आई' की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार नहीं चाहती कि तुर्किये, सीरिया को पूरी तरह से कंट्रोल करे। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि अमेरिका, HTS के सीधे संपर्क में है। ब्लिंकन ने HTS को अलकायदा से सबक लेने की भी चेतावनी दी।

वहीं, सीरियाई विद्रोहियों के लीडर ने सऊदी अरब से नजदीकियों के संकेत दिए हैं। जुलानी ने कहा है कि सीरिया के भविष्य बनाने में सऊदी का अहम रोल होगा।




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