'भारत और पाकिस्तान युद्ध में हमने मध्यस्थता की', अमेरिका के बाद अब चीन ने किया दावा

Updated on 31-12-2025 11:39 AM
बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने भी भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य टकराव में मध्यस्थता का दावा किया है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा कि चीन ने मई में भारत-पाकिस्तान तनाव में मध्यस्थता की थी। भारत ने बार-बार तीसरे पक्ष के मध्यस्थता के दखल को खारिज किया है और डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों का विरोध किया है। भारत का कहना रहा है कि 7 से 10 मई के दौरान चले सैन्य टकराव का समाधान दोनों देशों की सेनाओं के डीजीएमओ के बीच सीधी बातचीत के माध्यम से हुआ था।

बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर संगोष्ठी में वांग ने कहा, “इस साल, द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से किसी भी समय की तुलना में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष अधिक बार भड़के। भू-राजनीतिक उथल-पुथल लगातार फैलती जा रही है।” उन्होंने कहा, “स्थायी शांति स्थापित करने के लिए, हमने एक वस्तुनिष्ठ और तर्कसंगत रुख अपनाया है, और लक्षणों और मूल कारणों दोनों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।”

चीनी विदेश मंत्री ने किया दावा

चीनी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 'टकराव वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए इसी चीनी नजरिए को अपनाते हुए हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान के परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इजरायल के बीच मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की।' वांग यी की टिप्पणी मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के महीनों बाद आई हैं। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस्लामाबाद के उकसावे के बाद में इसे पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों तक बढ़ा दिया गया था।

भारत ने खारिज किया है दावा

भारत ने लगातार मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है और कहा है कि 88 घंटे तक चला सैन्य टकराव किसी तीसरे पक्ष के दखल के बिना सीधे दोनों देशों के मिलिट्री कम्युनिकेशन के जरिए सुलझाया गया था। 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने बाहरी मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया था। नई दिल्ली ने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मामलों में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है।

सैन्य टकराव में चीन की भूमिका पर सवाल

भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान चीन की भूमिका पर सवाल उठे हैं। खास तौर पर पाकिस्तान की दी गई सैन्य सहायता को को लेकर चीन आलोचना के घेरे में रहा है। चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है और 80 प्रतिशत से ज्यादा सैन्य उपकरण देता है। कूटनीतिक मोर्चे पर चीन ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन संयम बरतने की अपील की थी। इसके साथ ही भारत की एयरस्ट्राइक पर दुख जताया था।

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