अमेरिका में ऐसा क्या हुआ कि भारत में शेयर बेचने के बजाय खरीदने लगे FPI

Updated on 27-11-2023 03:24 PM
नई दिल्ली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर और अक्टूबर में भारतीय इक्विटी में जमकर बिकवाली की थी लेकिन नवंबर में तस्वीर बदल गई। एफपीआई ने नवंबर में भारतीय शेयरों में 378 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। इसका मुख्य कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट है। आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने अक्टूबर में 24,548 करोड़ रुपये और सितंबर में 14,767 करोड़ रुपये मूल्य की भारतीय इक्विटी की बिकवाली की थी। इससे पहले एफपीआई मार्च से अगस्त तक पिछले छह महीनों में लगातार भारतीय शेयर खरीद रहे थे। इस अवधि में 1.74 लाख करोड़ रुपये की खरीद हुई।

कुल मिलाकर 2023 के लिए रुझान अच्छा बना हुआ है। इस वित्त वर्ष में अभी तक एफपीआई ने 96,340 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यस सिक्योरिटीज इंडिया में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज रिसर्च के रणनीतिकार हितेश जैन ने कहा, ‘हमारा मानना है कि आने वाले समय में एमर्जिंग मार्केट्स में जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार तथा अमेरिका में जोखिम-मुक्त प्रतिफल में गिरावट से एफपीआई भारत की ओर आकर्षित होंगे।’ आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने इस महीने (24 नवंबर तक) भारतीय शेयरों में 378.2 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

क्यों हो रहा है ऐसा

विदेशी निवेशक इस महीने चार दिन लिवाल रहे और शुक्रवार को 2,625 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा, ‘अक्टूबर के मध्य में अमेरिका में महंगाई में उम्मीद से बेहतर गिरावट ने बाजार को यह मानने का विश्वास दिला दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसके परिणाम स्वरूप अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी से गिरावट आई है और 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड प्रतिफल अक्टूबर मध्य में पांच प्रतिशत से घटकर अब 4.40 प्रतिशत हो गया।’

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के सह निदेशक एवं शोध प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘अनिश्चित वैश्विक कारक भारत के शेयर बाजारों में विदेशी निवेश की दिशा तय कर रहे हैं।’ सितंबर में एफपीआई ने बिकवाली की सिलसिला शुरू किया था। इसके पीछे अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, बॉन्ड प्रतिफल में तेजी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और इजराइल-हमास संघर्ष से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की अहम भूमिका रही थी। इस साल अब तक अक्टूबर में घरेलू इक्विटी बाजार में एफपीआई का कुल निवेश 6,381 करोड़ रुपये और ऋण बाजार में 12,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 September 2026
मुझे लगने लगा था कि भारत का अपना पहला ग्रीन-फील्ड शहर बनाने का सपना शायद ही सच हो पाए। उस समय मैं दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर विकास कॉरपोरेशन (DMIDC) का सीईओ…
 18 September 2026
नई दिल्ली: 3000 रुपये की नौकरी, किंडरगार्टन का छोटा कमरा और फिर हजारों करोड़ की कंपनी... यह कहानी है पीयूष सोमानी की, जिन्होंने बेहद साधारण शुरुआत के बावजूद टेक्नोलॉजी की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। इस दौरान निवेशक शेयरों की खरीदारी और बिक्री करते हैं। इस बीच आज शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत तेजी…
 18 September 2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप में कोहराम मचा हुआ है। 125 अरब डॉलर के इस ग्रुप पर कंट्रोल को लेकर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा…
 18 September 2026
नोएडा: ऑयल सेक्टर की महारत्न कंपनी Oil India Ltd (OIL) का नाम तो सुना ही होगा। यह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मिनिस्ट्री के तहत काम करती है। कंपनी ने…
 18 September 2026
नई दिल्ली: अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी Apple के लेटेस्ट आईफोन 18 Pro और Pro Max की बिक्री आज से शुरू हो गई है। कंपनी के भारत में छह स्टोर…
 18 September 2026
नई दिल्ली: देश की कई सारी बीमा कंपनियां कई प्रकार की बीमा सुविधा देती हैं। मेडिकल इंश्योरेंस से लेकर लाइफ इंश्योरेंस तक, वाहनों के बीमा से लेकर पूरे परिवार के…
 17 September 2026
नई दिल्ली: भारत में ज्वेलरी को सिर्फ निवेश के बजाय रोजमर्रा की फैशन एक्सेसरी के तौर पर देखने का आइडिया लेकर इशेंद्र अग्रवाल ने 2019 में ज्वेलरी कारोबार में कदम…
 17 September 2026
नई दिल्ली: देश के विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्था के पास कई प्रकार की लोन सुविधाएं होती हैं। इनमें पर्सनल लोन से लेकर के एजुकेशन लोन, होम लोन से लेकर…
Advt.