पाकिस्तान की शेयर मार्केट को क्या हुआ? भारत को पीछे छोड़ बना दिया रेकॉर्ड, धड़ाधड़ ऊपर जा रहा ग्राफ

Updated on 08-10-2024 12:02 PM
नई दिल्ली: एक तरह जहां भारतीय शेयर मार्केट में पिछले दिनों भारी गिरावट देखी गई तो वहीं चीन की तरह पाकिस्तान की शेयर मार्केट भी रॉकेट बन गई। पिछले कुछ दिनों से यह इतनी तेजी से बढ़ी है कि इसने नया रेकॉर्ड बना दिया। यही नहीं, इसने भारतीय शेयर मार्केट को भी पीछे छोड़ दिया है। सेंसेक्स मंगलवार को जहां 81200 के करीब था तो वहीं पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) का बेंचमार्क KSE100 85 हजार के आंकड़े को पार कर गया।

यह पहली बार है जब KSE100 ने 85 हजार का आंकड़ा पार किया है। हालांकि सेंसेक्स भी 85 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है लेकिन पिछले कुछ दिनों से आई गिरावट के कारण यह फिसलकर 82 हजार से नीचे आ गया है। भारतीय शेयर मार्केट में 27 सितंबर से गिरावट आ रही है। हालांकि आज इसमें कुछ सुधार दिया। मार्केट खुलने के शुरुआती एक घंटे में सेंसेक्स में 150 अंकों से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव जारी था।

कैसी है पाकिस्तान के शेयर मार्केट की स्थिति?


एक दिन पहले यानी सोमवार को पाकिस्तानी शेयर मार्केट के बेंचमार्क KSE100 में 1378 अंकों की बढ़त आई थी, जो 1.65 फीसदी थी। इस बढ़त के साथ यह 84910 पर बंद हुआ था। मंगलवार को जब पाकिस्तान का शेयर बाजार खुला तो इसने फिर से बढ़त बना ली और यह 85 हजार के आंकड़े को पार कर गया। यह पहली बार है जब KSE100 ने 85 हजार का आंकड़ा पार किया है।

कितनी है पाकिस्तान के शेयर मार्केट की वैल्यू?


पाकिस्तान के शेयर मार्केट की वैल्यू 11 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये है। भारतीय मुद्रा में यह वैल्यू करीब 3.33 लाख करोड़ रुपये है। विदेशी निवेशक भी पाकिस्तान की शेयर मार्केट में रुचि दिखा रहे हैं। विदेशी निवेशकों ने पाकिस्तान की शेयर मार्केट में 2.82 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इससे शेयर मार्केट का मार्केट कैप 198 अरब पाकिस्तानी रुपये बढ़ गया है।

क्यों आई पाकिस्तानी मार्केट में तेजी?


  • कई सेक्टर जैसे ऑइल, गैस, बैंकिंग, सीमेंट आदि में बूम आया है जिसकी वजह से पाकिस्तानी मार्केट में तेजी आई।
  • पाकिस्तान को आईएमएफ ने 7 बिलियन डॉलर के कर्ज को भी मंजूरी दी है। इससे भी काफी फर्क पड़ा है।
  • पाकिस्तान की मुद्रास्फीति में कमी आई है। वहीं सरकार ने बेहर आर्थिक नीतियों के लिए भी कुछ योजनाएं बनाई हैं।
  • यील्ड में गिरावट से भी निवेशकों का रुख हाई रिटर्न के लिए शेयर मार्केट की तरफ बढ़ा है।

भारत के मार्केट के मुकाबले काफी पीछे


KSE100 बेशक 85 हजार का आंकड़ा पार कर गया हो, लेकिन भारत के शेयर मार्केट से काफी पीछे है। सेंसेक्स काफी पहले ही 85 हजार का आंकड़ा पार कर गया था। हालांकि चीनी के प्रोत्साहन पैकेज और मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण निवेशकों ने भारतीय मार्केट से पैसा निकालकर चीनी मार्केट में लगा दिया है। इसके कारण भारतीय मार्केट में गिरावट आई है। BSE का मार्केट कैप अभी करीब 454 लाख करोड़ रुपये है। यह पाकिस्तान के मार्केट कैप के मुकाबले 100 गुने से काफी ज्यादा है।

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