चीन का विदेशी संबंध कानून क्या है, पश्चिमी प्रतिबंधों के खिलाफ कैसे बनेगा ढाल, जानें सब कुछ

Updated on 30-06-2023 07:29 PM
बीजिंग: चीन ने अमेरिकी काट्सा कानून (CAATSA Act) की कॉपी करते हुए पहला विदेशी संबंध कानून बनाया है। इस कानून के जरिए चीन अपने देश के खिलाफ काम करने वाले संगठनों और लोगों को प्रतिबंधित कर सकेगा। चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी ने गुरुवार को कहा कि उनके देश ने अपना पहला विदेशी संबंध कानून बनाया है, जो पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के लिए 'निवारक' के रूप में कार्य करेगा और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करेगा। चीनी विदेशी कानून प्रवर्तन गतिविधियों पर चिंताओं के बीच चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति द्वारा बुधवार को पारित नया कानून एक जुलाई से प्रभावी होगा। नया कानून वैश्विक सुरक्षा, विकास और सभ्यता पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की विदेश नीति पहलों को कानून के तौर पर बढ़ावा देने को भी सुनिश्चित करता है।


चीन का विदेशी संबंध कानून क्या है

कानून का एक अनुच्छेद कहता है, ''कोई भी संगठन या व्यक्ति यदि कोई ऐसा कार्य करता है जो इस कानून के तहत या अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की दृष्टि से चीन के राष्ट्रीय हितों के लिए नुकसानदेह हो तो उसे कानून द्वारा जिम्मेदार ठहराया जाएगा।'' सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने नये कानून के एक अन्य अनुच्छेद का हवाला देते हुए कहा है, ''पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास को खतरे में डालने वाले उन कृत्यों का मुकाबला करने या प्रतिबंधात्मक उपाय करने का अधिकार है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून या अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नियंत्रित करने वाले मौलिक मानदंडों का उल्लंघन करते हैं।''

चीन को विदेशी संबंध कानून से क्या उम्मीद


नये कानून का बचाव करते हुए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के विदेश मामलों के आयोग कार्यालय के निदेशक वांग ने कहा कि यह (कानून) प्रतिबंधों के लिए एक 'निवारक' के रूप में कार्य करेगा और बीजिंग की महत्वाकांक्षाओं तथा बढ़ती मुखर विदेश नीति की चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर चीन की संप्रभुता की रक्षा के लिए इसकी तत्काल आवश्यकता है।

चीन के खिलाफ उठ रही आवाजों से डरे हैं जिनपिंग
राष्ट्रपति जिनपिंग के प्रमुख विदेश नीति सलाहकार वांग ने बृहस्पतिवार को कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली में प्रकाशित एक लेख में कहा है, ''चीन अप्रत्याशित कारकों की बढ़ती संख्या का सामना कर रहा है और उसे 'विदेशी संघर्षों' के लिए अपने कानूनी 'टूलबॉक्स' का लगातार विस्तार करना चाहिए।''

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों का भारत समेत G4 के सभी सदस्यों ने समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान G4…
 24 September 2026
वॉशिंगटन: भारत 'मिडिल पावर्स' (मध्यम दर्जे की ताकतों) के एक नए मल्टीलेटरल (बहुपक्षीय) ग्रुप में शामिल हुआ है। यह ग्रुप पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म (P4M) है। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने…
 24 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने मक्का समझौते के जरिए सऊदी अरब और तुर्की के साथ रक्षा संबंध मजबूत किए हैं। साथ ही खाड़ी देशों की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने की उसकी…
 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भारत के दोस्त ने साइप्रस ने तुर्की को करारा जवाब दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति ने निकोस क्रिस्टोलाइट्स ने महासभा को संबोधित…
 24 September 2026
तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की न्यूयॉर्क में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ सीधी बातचीत पर तेहरान में कट्टरपंथी भड़क गए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड…
 24 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर दुनिया के सामने सिंधु जल संधि (IWT) का मामला उठाया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने OIC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
Advt.