गर्लफ्रेंड को देने के लिए नहीं मिले फूल तो खोल ली दुकान, आज कई देशों में है बिजनस, बना दी अरबों की कंपनी

Updated on 06-12-2023 02:23 PM
नई दिल्ली : विकास गुटगुटिया वह शख्स है, जिसे अपनी गर्लफ्रेंड को देने के लिए मार्केट में फूल नहीं मिले थे, तो उन्होंने फूलों का बिजनस ही शुरू कर दिया। यह बिजनस इतना फला-फूला कि आज उनकी कंपनी का करोड़ों का टर्नओवर है। गुटगुटिया ने सिर्फ 5,000 रुपये के साथ फूलों का बिजनस शुरू किया था। लेकिन यह उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि कारोबार ने दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की की। अब वे अपनी कंपनी को 500 करोड़ रुपये के टार्गेट तक पहुंचाना चाहते हैं।

दिल्ली के मार्केट में नहीं मिले फूल

बिजनस शुरू करने की हर किसी की एक कहानी होती है। लोग कहीं ना कहीं से प्रेरणा लेकर ही स्टार्टअप शुरू करते हैं। लेकिन विकास गुटगुटिया की कहानी दिलचस्प है। उन्होंने बताया था कि यह 1994 से पहले की कहानी है। वे अपनी प्रेमिका को फूल देना चाहते थे। लेकिन दिल्ली के मार्केट में उन्हें ऐसे फूल या गुलदस्ता नहीं मिला, तो उन्हें पसंद आ सके। विकास ने देखा कि फुटपाथ के फूल मुर्झाए हुए रहते थे। यहीं से उन्हें फूलों का बिजनस करने का आइडिया आया।

5,000 रुपये से शुरू किया फूलों का बिजनस


विकास ने फूलों की दुकान डालने की सोची। उन्होंने साल 1994 में फूल व गिफ्ट सेंटर शुरू किया। उन्होंने सिर्फ 5,000 रुपये से अपने बिजनस की शुरुआत की। धीरे-धीरे काम चलने लगा तो उन्हें एक पार्टनर मिल गया। इस पार्टनर ने उनके बिजनस में 2.5 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट किया। निवेश मिलते ही विकास के बिजनस को पंख लग गए। उन्होंने अपने बिजनस का विस्तार किया। उन्होंने दिल्ली में साउथ एक्सटेंशन में महज 200 वर्ग फुट जगह में चार लोगों के साथ पहला फर्न्स एन पेटल्स स्टोर खोला।

फुटपाथ के सस्ते फूलों से कंपटीशन नहीं था आसान

विकास ने एक बार बताया था कि फुटपाथ पर बिकने वाले सस्ते फूलों का मुकाबला करना और उनके दबदबे को तोड़ना आसान नहीं था।

विकास ने बड़ी ही मेहनत से ग्राहक बनाए थे। विकास ने एयरकंडीशंड दुकान खोली। यहां फूल एकदम ताजा रहते थे। साथ ही उन्होंने सामान्य फूल नहीं बल्कि गुच्छों और पुष्पहारों को भी डिजाइनर लुक दिये। इससे विकास को कॉरपोरेट सेक्टर से भी ऑर्डर मिलने लगे।

आज कई देशों में है ब्रांच

इसके बाद विकास ने अपनी एक वेबसाइट शुरू की। यहां उन्हें फूलों, गुलदस्तों और डिजाइनर पुष्पहारों के अच्छे खासे ऑर्डर मिलने लगे। लेकिन साल 2009 में उन्हें करीब 25 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। नुकसान से विकास ने बहुत से सबक लिए। धीरे-धीरे उनका कारोबार 200 करोड़ का हो गया। आज दुनिया के कई देशों में उनकी कंपनी की ब्रांच है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है। यह रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों और संवाद की अटूट कड़ी है। साल 1903 में ब्रिटिश काल के दौरान भारत…
 19 September 2026
नई दिल्ली: टाटा संस में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप ने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग का समर्थन किया है। इस ग्रुप के पास टाटा…
 19 September 2026
मुंबई: अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार के गुजराज एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी या GEDA एक प्रोत्साहक पॉलिसी बनाई है। इसका नाम गुजरात इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025…
 19 September 2026
नई दिल्ली: कमाई तो सभी कर रहे हैं, लेकिन आपकी सैलरी जितनी भी हो, उसमें से बचत करना अधिकतर लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कई लोगों के साथ…
 19 September 2026
नई दिल्ली: देश में वरिष्ठ नागरिकों यानी कि सीनियर सिटीजन के लिए कई सारी योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें सरकारी से लेकर प्राइवेट संस्थाएं तक शामिल होती हैं। इन योजनाओं…
 19 September 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 108 डॉलर के पार पहुंच गई थी। उसके बाद इसमें कुछ गिरावट आई है लेकिन यह अब भी 100 डॉलर प्रति बैरल…
 18 September 2026
मुझे लगने लगा था कि भारत का अपना पहला ग्रीन-फील्ड शहर बनाने का सपना शायद ही सच हो पाए। उस समय मैं दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर विकास कॉरपोरेशन (DMIDC) का सीईओ…
 18 September 2026
नई दिल्ली: 3000 रुपये की नौकरी, किंडरगार्टन का छोटा कमरा और फिर हजारों करोड़ की कंपनी... यह कहानी है पीयूष सोमानी की, जिन्होंने बेहद साधारण शुरुआत के बावजूद टेक्नोलॉजी की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। इस दौरान निवेशक शेयरों की खरीदारी और बिक्री करते हैं। इस बीच आज शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत तेजी…
Advt.