मंत्रियों के बंगले हों या सरकारी कार्यालय, यदि बिजली चाहिए तो अग्रिम भुगतान करना होगा

Updated on 05-11-2025 01:02 PM
भोपाल : मंत्रियों के बंगले हों या सरकारी कार्यालय, यदि बिजली चाहिए तो अग्रिम भुगतान करना होगा। प्रदेश के सरकारी भवनों में अब प्री पेड मीटर लगाने पर बिजली तभी मिलेगी जब अग्रिम भुगतान कर रिचार्ज करवाया जाएगा। इसके लिए वल्लभ भवन मंत्रालय से लेकर तहसील स्तरीय सरकारी कार्यालयों तक में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से मिले दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह कार्य किया जा रहा है

10 हजार का एक प्रीपेड स्मार्ट मीटर, प्रदेश में लगेंगे 55 लाख

10 हजार रुपये का एक प्रीपेड स्मार्ट मीटर है। प्रदेश में कुल 55 लाख मीटर लगाए जाएंगे। इनमें घरेलू उपभोक्ता भी शामिल हैं। इस कार्य पर मप्र में 15 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे। इन प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बिजली लेने के लिए मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज करना होगा।
पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए केंद्र सरकार की आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य किए जा रहे हैं। वितरण कंपनियों द्वारा संभाग, जिला व ब्लाक मुख्यालयों के शासकीय कार्यालयों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

45,191 शासकीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं

योजनांतर्गत प्रदेश में 45,191 शासकीय कार्यालयों के विद्युत कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसमें से 18,177 कनेक्शनों पर प्रीपेड बिलिंग की सुविधा शुरू हो गई है। वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अलावा प्रीपेड स्मार्ट मीटर मंत्रियों के बंगलों में भी लगेंगे।

छह-छह माह विद्युत बिल भुगतान लंबित रहता है

मप्र में कुल 413 नगर निकाय हैं। यहां छह -छह माह से विद्युत बिल भुगतान लंबित रहता है। कई बार तो साल भर का विद्युत बिल भुगतान न होने पर विद्युत वितरण कंपनियों को निकायों को नोटिस जारी करना पड़ता है। निकायों को विद्युत बिल भुगतान के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी जाती है, लेकिन समय पर राशि न मिलने से कई बार बिल भुगतान लंबित रहता है।
निकायों के अलावा पंचायतों की भी यही स्थिति
निकायों के अलावा पंचायतों की भी यही स्थिति हैं। अब अगर समय पर बिल भुगतान नहीं किया तो विद्युत प्रवाह रोक दिया जाएगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, महिला बाल विकास विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का लगभग 800 करोड़ रुपये का बकाया है। अन्य विभागों को मिलाकर कुल शासकीय विभाग का 1300 करोड़ रुपये का बिल भुगतान बकाया है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 12 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा बाधक नहीं बने। उन्होंने निर्देश दिए कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी…
 12 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर 15 अगस्त 2026 को होने वाले स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे…
 12 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 500 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और राहत कार्य जारी है। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के…
 12 August 2026
भोपाल। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाले अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भोपाल मंडल…
 12 August 2026
 भोपाल। रविवार शाम से हुई बारिश ने छोला क्षेत्र की उड़िया बस्ती के रहवासियों की परेशानी बढ़ा दी। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक कई घरों में पानी घुसने लगा।…
 12 August 2026
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था और बिगड़ते शहरी ढांचे को लेकर पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजी) पवन जैन ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल…
 12 August 2026
भोपाल। कजली खेड़ा थाना क्षेत्र स्थित फाटापान बाबाझिरी पिकनिक स्पाट पर दोपहर में पिकनिक मनाने गए पुराने भोपाल के सात युवक अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण एक…
 12 August 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल स्थित राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायजा…
 12 August 2026
भोपाल। कांग्रेस के प्रकोष्ठ और विभागों को पांच अगस्त को भंग किए जाने के बाद अब इसी सप्ताह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को भी भंग किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष,…
Advt.