प्रगणक (जातीय जनगणना करने वाली) सोनी शर्मा मोहनपुर गांव में जाति गणना करने गई थीं। अन्य जाति के लोगों ने उनका सहयोग किया, लेकिन लोहार समाज के लोगों ने उनका विरोध करते हुए इसका बहिष्कार किया।
लोहार की तरह ठठेरा समाज की भी है मांग
लोहार समाज की तरह ठठेरा समाज भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने और जातीय जनगणना का बहिष्कार करने की ओर बढ़ रहा है। सत्यनारायण प्रसाद, बिहार राज्य ठठेरा संघ के प्रदेश महामंत्री, ने कहा कि अगर ठेठरा समाज की स्थिति ठीक नहीं है। इस समाज पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। इस वजह से लोग आज भी बदतर जीवन जी रहे हैं। ऐसे में ठठेरा समाज को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाए।लोकसभा में जदयू अध्यक्ष सह सांसद ललन सिंह ने एक बार ठठेरा जाति को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि प्रदेश में 85 प्रतिशत ठठेरा जाति के लोग बहुत गरीब हैं। उन्हें जीने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
सत्यनारायण प्रसाद ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि अगर ठठेरा समाज को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल नहीं किया जाता है तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा। उनका कहना था कि ठठेरा समाज को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए आयोग को पत्र भेजा गया था। इस पर आयोग ने अनुमति मिल गई। हालांकि इस संदर्भ में मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र पर अबतक कोई जवाब नहीं आया है।
