महाविनाशक परमाणु पनडुब्बियों पर 368 अरब डॉलर क्‍यों लुटा रहा ऑस्‍ट्रेलिया, जानें चीन को घेरने का ऑकस प्‍लान

Updated on 14-03-2023 10:13 PM
वॉशिंगटन: जापान से लेकर ऑस्‍ट्रेलिया तक दादागिरी दिखा रहे चीनी ड्रैगन को करारा जवाब देने के लिए अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन ने कमर कस ली है। ऑकस डील के तहत ऑस्‍ट्रेलिया अमेरिका और ब्रिटेन की मदद से 8 सबमरीन खरीदने जा रहा है। इसके लिए ऑस्‍ट्रेलिया अगले तीन दशक में 368 अरब डॉलर खर्च करने जा रहा है। ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्‍बानीज, अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रिषि सुनक ने मंगलवार को ऐलान किया कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली ये सभी सबमरीन ऑस्‍ट्रेलिया के एड‍िलेड में बनाई जाएंगी। इस डील के बाद ऑस्‍ट्रेलिया दुनिया का ऐसा सातवां देश बन जाएगा जो परमाणु पनडुब्बियां संचालित करता है। आइए जानते हैं कि ऑस्‍ट्रेलिया क्‍यों इस तरह की महाडील करने जा रहा है...
    अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन ने चीन से बढ़ते खतरे से निपटने के लिए साल 2021 में ऑकस सैन्‍य समझौता किया था। इसके बाद इस परमाणु पनडुब्‍बी डील को लेकर बातचीत चल रही थी। यह डील ऐसे समय पर हुआ है जब चीन दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक ताकत बन चुका है। चीन के युद्धक जहाजों की संख्‍या अमेरिका से भी ज्‍यादा हो चुकी है। चीन अब ताइवान पर कब्‍जा करने की तैयारी कर रहा है और जापान से लेकर ऑस्‍ट्रेलिया तक को आंखें दिखा रहा है। ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने इसे देश के रक्षा क्षमता के इतिहास में सबसे बड़ा कदम करार दिया है। ऑकस के इस ऐलान से चीन बुरी तरह से भड़का हुआ है।

    समुद्र में वर्षों तक छिपी रह सकती है पनडुब्‍बी


    चीन ने कहा है कि वह इस परमाणु पनडुब्‍बी डील का पुरजोर तरीके से विरोध करता है। चीन ने कहा कि ऑकस में शामिल ये तीनों ही देश 'शीत युद्ध की मानसिकता' को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे क्षेत्र में खतरा और ज्‍यादा बढ़ने जा रहा है। वहीं ऑस्‍ट्रेलिया ने कहा कि उसकी पनडुब्‍बी परमाणु ऊर्जा से जरूर चलेगी लेकिन इसका मतलब यह नहीं हैं कि वे परमाणु बम लेकर मिशन पर निकलेंगी। सबमरीन या तो डीजल-इलेक्ट्रिक हो या फिर परमाणु ऊर्जा से चलने वाली, इनसे परमाणु हथियारों को लॉन्‍च किया जा सकता है। हालांकि बाइडन ने सोमवार को जोर देकर कहा था कि ऑस्‍ट्रेलिया की सबमरीन में कोई भी परमाणु बम नहीं होगा।
    इसके बाद भी ऑस्‍ट्रेलिया क्‍यों परमाणु पनडुब्‍बी हासिल करना चाहता है, इसके पीछे बड़ी वजह है। डीजल इलेक्ट्रिक सबमरीन में डीजल इंजन लगा होता है जो इलेक्ट्रिक मोटर को ऊर्जा देता है ताकि सबमरीन पानी में आसानी से रास्‍ता तय कर सके। लेकिन इंजनों को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा की जरूरत होती है, इसकी वजह से यह जरूरी हो जाता है कि सबमरीन एक निश्चित अंतराल के बाद समुद्र की सतह पर वापस आए और उसमें फिर से ऊर्जा भरी जा सके। जब एक सबमरीन गहरे समुद्र से बाहर आती है तो उसे डिटेक्‍ट करना आसान होता है और घातक हथियारों की मदद से उसे तबाह किया जा सकता है। वहीं इससे उलट परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्‍बी कई महीनों तक पानी में आसानी से रह सकती है।

    ब्रिटेन से ज्‍यादा घातक होगी ऑस्‍ट्रेलियाई पनडुब्‍बी


    अमेरिकी पनडुब्‍ब‍ियों में तो इतनी ऊर्जा होती है कि उन्‍हें वर्षों तक फिर से ऊर्जा भरने की जरूरत नहीं होती है। इन सबमरीन में एक परमाणु रिएक्‍टर लगा होता है। इसकी वजह से यह पनडुब्‍बी बहुत लंबे समय तक आसानी से पानी के अंदर छिपी रहती है और पकड़ में नहीं आती है। इस दौरान चालक दल को केवल खाना और पानी की ही जरूरत होगी। यही नहीं प्‍लान के मुताबिक अमेरिका खासतौर पर ऑस्‍ट्रेलिया की पनडुब्बियों को ऐसी तकनीक से लैस करने जा रहा है जिससे वे ज्‍यादा मिसाइलें दाग सकेंगी। इस तरह से अमेरिका ऑस्‍ट्रेलिया, ब्रिटेन, जापान की मदद से हिंद महासागर में चीन को चौतरफा घेरने की तैयारी में जुट गया है।

    अन्य महत्वपुर्ण खबरें

     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा…
     23 September 2026
    इस्लामाबाद: भारत, आतंकवाद का हवाला देकर सिंधु जल संधि को एकतरफा सस्पेंड नहीं कर सकता है। ये कहना है विलेम वैन ड्यूरसेन का जो एक सीनियर डच इंडिपेंडेंट वॉटर मैनेजमेंट…
     23 September 2026
    वॉशिंगटन: 23 सितम्बर को धरती पर एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसके चलते दिन और रात बराबर होंगे। इसे उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुरुआत का संकेत…
     23 September 2026
    संयुक्‍त राष्‍ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद में सुधार करने की जोरदार अपील की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि…
     23 September 2026
    मॉस्को: रूसी तेल खरीदने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के 100 फीसदी टैरिफ को लेकर रूसी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और पश्चिमी देश 'भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने की…
     22 September 2026
    नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
    Advt.