एमपी के सरकारी कॉलेजों में MBBS की 150 सीटें बढ़ीं:निजी में 250 घटी, BDS की भी 50 कम

Updated on 30-07-2025 12:05 PM

मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा के ढांचे में बड़ा फेरबदल हुआ है। साल 2024 की तुलना में 2025 में MBBS और BDS की कुल सीटों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल 2025 में डॉक्टर बनने की पहली सीढ़ी प्रदेश में 150 मेडिकल स्टूडेंट्स कम चढ़ेंगे। इसकी वजह है इस सत्र में MBBS की 100 सीटें और BDS की 50 सीटें कमी होना।

इस साल मध्यप्रदेश में 4 हजार 775 MBBS सीटों पर मेडिकल स्टूडेंट्स को प्रवेश मिलेगा। जबकि बीते साल यह संख्या 4 हजार 875 थी। वहीं, साल 2025 में BDS की 1233 सीटें हैं। जबकि बीते साल यह 1283 थी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन से जारी पहला सीट चार्ट है। अब इस पर आपत्ति और सुझाव आएंगे। जिनके निराकरण के बाद जल्द फाइनल सीट चार्ट जारी किया जाएगा।

सरकारी कॉलेजों में 150 सीटें बढ़ीं साल 2024 में सरकारी कॉलेजों में कुल 2425 सीटें थीं, जो 2025 में बढ़कर 2575 हो गईं। खासतौर पर मंदसौर, सिवनी और नीमच मेडिकल कॉलेजों में 50-50 सीटों की वृद्धि की गई है।

अब इन मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 100-100 सीटें हो गईं हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने से राज्य के विद्यार्थियों को कम शुल्क पर पढ़ाई करने का अधिक मौका मिलेगा।

निजी कॉलेजों में 250 सीटों की कमी इधर, साल 2024 में निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 2450 सीटें थीं, जबकि 2025 में यह घटकर 2200 रह गईं। इसकी वजह है कि नेशनल मेडिकल काउंसिल ने इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की सभी 250 सीटें हटा दी हैं, यह साल कॉलेज के लिए ‘जीरो ईयर’ रहेगा।

इंदौर के ही एलएनसीटी कॉलेज और सेवा-कुंज अस्पताल की भी 50 सीटें घटा दी गई हैं। वहीं, सीहोर के श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेस में 50 MBBS की सीटें बढ़ी हैं।

यह फैसला कॉलेजों की क्षमता और मानकों के आधार पर लिया गया है। हालांकि, निजी कॉलेजों में सीट घटने से ओपन कैटेगरी के अभ्यर्थियों में प्रतिस्पर्धा और कट-ऑफ दोनों बढ़ सकते हैं।

बीडीएस सीटों में मामूली गिरावट बीडीएस सीटों की बात करें तो साल 2024 में निजी डेंटल कॉलेजों में कुल 1283 सीटें थी। जबकि साल 2025 में यह घटकर 1233 रह गईं। ग्वालियर के महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में 100 से घटाकर 50 सीटें कर दी गईं।

सरकारी कॉलेजों में आरक्षण 2025 में सरकारी कॉलेजों में 1817 एमबीबीएस सीटें स्टेट कोटे के तहत हैं। जिसमें 40% अनारक्षित (UR), 20% एसटी, 16% एससी, 14% ओबीसी और 10% ईडब्ल्यूएस श्रेणी को दी गई हैं। यह वितरण पिछले साल की तुलना में समान रहा है।

निजी कॉलेजों में आरक्षण निजी मेडिकल कॉलेजों की स्टेट कोटे की 42 फीसदी सीटों पर आरक्षण लागू होता है। आरक्षण का वितरण सरकारी कॉलेजों जैसा ही रहेगा। वहीं, अन्य 58% सीटें प्रबंधन कोटे के तहत होती हैं, जिनमें कोई आरक्षण लागू नहीं होता।



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