ईरान के लिए जासूसी करने वाले 7 इजराइली गिरफ्तार:इनमें एक सैनिक

Updated on 22-10-2024 02:09 PM

इजराइल में ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में 7 इजराइली नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।  इन पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के लिए 2 साल तक जासूसी की और उनके लिए सैकड़ों काम किए।

इजराइल पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह सबसे गंभीर मामलों में से एक है। इसके लिए उन्हें मौत की सजा हो सकती है। ये सभी आरोपी हाइफा या फिर उत्तरी इजराइल के रहने वाले हैं। इसमें से एक सैनिक भी शामिल है, जो कुछ साल पहले सेना छोड़कर भाग गया था। इसके अलावा आरोपियों में 16-17 साल के 2 नाबालिग भी हैं। इनकी पहचान जाहिर नहीं की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दो साल में करीब 600 मिशन पूरे किए। उनका कहना है कि आरोपी पैसे के लालच में ईरान के लिए खुफिया जानकारी इकट्ठा कर रहे थे। इन्होंने इजराइल के सैन्य ठिकानों से लेकर परमाणु हथियार, गोला-बारूद की जानकारी ईरान को दी है। इनकी दी गई जानकारी पर ईरान ने इजराइल में कई जगहों पर हमले भी किए।

आयरन डोम और परमाणु प्लांट की जानकारी जुटाई

संदिग्धों पर तेल अवीव में रक्षा मुख्यालय और नेवातिम और रमत डेविड एयरपोर्ट समेत IFD ठिकानों की तस्वीरें लेने और जानकारी इकट्ठा करने का आरोप है। इन जगहों पर हिजबुल्लाह और ईरान हमले कर चुका है। नेवातिम बेस पर ईरान ने 1 अक्टूबर को दो मिसाइल दागी थीं। वही, रमत डेविड पर हिजबुल्लाह हमला कर चुका है।

इजराइली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक एक बार संदिग्धों ने गैलिली में गुब्बारे से मिलिट्री बेस के ठिकानों की तस्वीरें खीचीं थीं। इस जगह पर लगभग एक महीने बाद अक्टूबर की शुरुआत में हिजबुल्लाह का मिसाइल हमला हुआ था।

पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने आयरन डोम, पोर्ट्स, वायु सेना, जल सेना और हेडेरा पावर प्लांट जैसे जगहों की भी जानकारी जुटाई थी। इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि हमने आरोपियों द्वारा ईरानी एजेंटों के लिए जुटाई गई चीजें जब्त कर ली हैं। इनमें तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं।

तुर्की के मीडिएटर के संपर्क में थे संदिग्ध, उसी ने ईरान को दी जानकारी

इजराइली पुलिस ने कहा कि सभी आरोपी 2 साल तक तुर्की के एक मीडिएटर के संपर्क में थे। उन्होंने सारी खुफिया जानकारी उसी के हवाले से ईरान तक पहुंचाई। आरोपियों को पता था कि उन्होंने जो खुफिया जानकारी दी है, उससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और दुश्मन को मिसाइल हमलों में मदद मिल सकती है।

इजराइल पुलिस के एक अधिकारी ने कहा-

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हम पता कर रहे हैं कि इन खुफिया जानकारियों के भेजे जाने से इजराइल को अब तक कितना नुकसान पहुंचा है। यह भी पता कर रहे हैं कि क्या इन आरोपियों के संबंध PM नेतन्याहू के घर हुए ड्रोन अटैक से भी जुड़े हैं?

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इन जासूसों ने ईरान को इजराइली हथियारों की क्षमता और उसकी सटीकता के बारे में भी जानकारी दी थी। इसके लिए इन आरोपियों को लाखों डॉलर दिए गए। इसमें से कुछ क्रिप्टोकरेंसी के रूप में था, तो कुछ नकद भी दिए गए थे। ऐसा दावा है कि यह नकद रूसी पर्यटकों ने दिए थे।

इजराइली अधिकारियों ने कहा कि संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। वे अदालत से अपील करेंगे कि कार्रवाही पूरी होने तक उन्हें हिरासत में रखा जाए।

इजराइल के मंत्री बोले- गद्दारों को मौत की सजा मिले 

इजराइली खुफिया एजेंसी सिन बेत के अधिकारियों ने यह भी बताया कि मिशन को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने हाई टेक्नीक इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया था। इन संदिग्धों पर कई इजराइली नागरिकों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा करने का आरोप है। इसमें एक हाई रैंक डिफेंस अधिकारी भी है।

सिन बेत ने अधिकारी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। संदिग्ध के पास से उनकी तस्वीर मिली है। खुफिया एजेंसी ने बताया कि इन आरोपियों ने अधिकारी का पीछा किया। यहां तक कि उनके बच्चों पर भी उन्होंने नजर रखी थी। एजेंसी का मानना है कि वे अधिकारी की हत्या करने की कोशिश में जुटे थे।

इन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद इजराइल के खेल मंत्री मिकी जोहर ने उन्हें मौत की सजा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हम अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं। ऐसे में गद्दारों को एक ही सजा मिलनी चाहिए। इसी तरह से हम आगे ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।

इजराइल ने हिजबुल्लाह के पैसे के ठिकाने का खुलासा किया 

इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने हिजबुल्लाह के फाइनेंसिएल ठिकाने के खुलासा होने का दावा किया है। IDF ने कहा कि जिस बंकर में नसरल्लाह मारा गया था, वहां काफी खजाना छुपा है। IDF के मुताबिक, यह सीक्रेट बंकर बेरूत के बीचों-बीच अल साहेल हॉस्पिटल के नीचे है। यह हसन नसरल्ला का बंकर है, जहां अरबों का सोना और नकदी है।

IDF के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा, 'इस बंकर में 50 करोड़ डॉलर की नकदी और सोना रखा हुआ है, इस पैसे का इस्तेमाल लेबनान के तबाह हो चुके इलाके को फिर से बसाने के लिए किया जा सकता है।'

उन्होंने कहा कि इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के इन ठिकानों पर सटीक हमले किए। कड़ी सुरक्षा वाले एक सीक्रेट जगह पर जमीन के नीचे तिजोरी है, जिसमें नकदी और सोने के रूप में अरबों की राशि रखी गई थी। इन पैसों का इस्तेमाल हिजबुल्लाह इजराइल पर हमला करने के लिए कर रहा था। हालांकि, हगारी ने यह नहीं बताया कि हमले में पूरा पैसा बर्बाद हुआ या नहीं।



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