आलोट विधायक बोले-माफी मांगना मेरा स्वभाव नहीं:पार्टी के नोटिस पर कहा-विधायक के नाते अपनी बात रखी, तथ्यों के साथ पार्टी को जवाब दूंगा

Updated on 24-03-2025 02:18 PM

उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए जमीनों के अधिग्रहण के मामले पर आलोट से बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने 18 मार्च को विधानसभा में मामला उठाया था। इस मामले को लेकर बीजेपी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा है।

इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार को दलित और किसान विरोधी बताया है। वहीं, विधानसभा पहुंचे चिंतामणि मालवीय ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद वे तथ्यों के साथ पार्टी को जवाब देंगे। भास्कर ने पूछा कि क्या अपने बयान पर माफी मांगेंगे? इसके जवाब में मालवीय ने कहा- ये मेरा स्वभाव नहीं।

मालवीय बोले- मैंने जो कहा वो सदन के अंदर का विषय आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने नोटिस मिलने पर कहा- मैं भारतीय जनता पार्टी का प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हूं। मैंने जो कहा वो सदन के अंदर का विषय है। विधायक का विशेषाधिकार है कि जनसमस्याओं को सदन को अवगत कराने का ये विषय है। पार्टी का नोटिस मुझे नहीं मिला है।

जीतू पटवारी के समर्थन देने की बात पर मालवीय ने कहा- इसका जवाब कांग्रेस देगी। ये मेरा विषय नहीं हैं।

नोटिस की हार्ड कॉपी मिलेगी तो पार्टी को जवाब दूंगा मालवीय ने कहा- नोटिस जब भी हार्ड कॉपी में मिलेगा तो पार्टी को जवाब दूंगा। ये मेरा और पार्टी का आंतरिक विषय है। मैं अपनी बात पर अडिग हूं। क्योंकि उज्जैन में 13 अखाड़ों ने मना किया है। परसों जो बैठक हुई थी, उसमें अखाड़ों ने लिखित में दिया है कि हमको जमीन की जरूरत नहीं है। हमारे पास जमीन है। इसलिए सिंहस्थ की परिस्थिति विशेष है और उस पर मैं अडिग हूं।

विधानसभा में बात रखने पर नोटिस देने के सवाल पर मालवीय ने कहा- ये संगठन समझे, क्योंकि मुझे नोटिस मिला नहीं हैं। जब मिलेगा तो उसके बिन्दुओं पर प्रॉपर जवाब दूंगा। तथ्यों से अवगत कराऊंगा।

अखाड़ों को जरूरत नहीं तो अधिग्रहण किसके लिए? मालवीय ने कहा कि जब अखाड़ों को ही जमीन की जरूरत नहीं हैं, तो आप किसके लिए अधिग्रहण कर रहे हो। ये विचार मैंने सदन के सामने रखा है। ये एक विधायक का विशेषाधिकार है कि वो जनता की भावनाओं से सदन और सरकार को अवगत कराए। मेरा जो बयान है वही अंतिम है। जो कुछ कहना था वो सदन में कह दिया।

पटवारी बोले- दलित विधायक की आवाज BJP दबा रही बीजेपी विधायक को नोटिस देने के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- जेपी नड्डा ने चिंतामणि मालवीय को नोटिस दे दिया, क्योंकि उन्होंने जनप्रतिनिधि का दायित्व निभाया।

सब जानते हैं कि मोहन सरकार में हर तरह का माफिया सिर चढ़कर तांडव मचा रहा है। सरकार पर भूमाफिया का कब्जा हो गया। उज्जैन में किसानों की जमीन सिंहस्थ के लिए बिना नियम, नोटिस अधिग्रहण की जा रही है। किसानों ने परेशानी के लिए प्रदर्शन किया।

ये जमीन दादागीरी से अहंकार में छीनी जा रही है पटवारी ने कहा कि चिंतामणि मालवीय को साधुवाद देता हूं। उन्होंने सदन में अपनी बात विनम्रता से रखी। उन्हें बीजेपी ने नोटिस दे दिया। एक दलित जनप्रतिनिधि ने किसानों की बात की तो उसे दबाने की कोशिश हो रही है।

दिल्ली में किसानों के आंदोलन को मोदी की सरकार ने कुचल दिया। एमपी में किसानों की आवाज उठाने पर एक दलित जनप्रतिनिधि को नोटिस दे दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि अगर कोई दलित परिवार का जनप्रतिनिधि आवाज उठाएगा तो बीजेपी उसको कुचल देगी। बीजेपी दलित और किसान विरोधी है। ये जमीन दादागीरी से अहंकार में छीनी जा रही है।

ककैलाश, पटेल, गोविंद, सारंग को नोटिस क्यों नहीं? पटवारी ने ये भी कहा कि यही बात कैलाश विजयवर्गीय ने कही होती तो क्या बीजेपी उन्हें नोटिस देने की हिम्मत करती? जनता को भिखारी बताने वाले प्रहलाद पटेल को नोटिस क्यों नहीं दिया? परिवहन घोटाले में घिरे मंत्री गोविंद राजपूत और नर्सिंग में जिनके मंत्री रहते घोटाले हुए उन विश्वास सारंग को बीजेपी ने नोटिस दिया क्या?

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ये भाजपा का इंटरनल मामला है। लेकिन, मैं समझता हूं यदि कोई विधायक विधानसभा में अपनी बात कह रहा है, किसानों के मुद्दे उठा रहा है तो मैं समझता हूं कि तत्काल उनकी बात सुननी चाहिए। किसानों को विश्वास में लेकर जमीन अधिग्रहण करना चाहिए। मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार बढ़ाकर देना चाहिए।

अजय बोले- यहां की सरकार तो केंद्र सरकार चला रही पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चुरहट से कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने कहा कि चिंतामणि मालवीय भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। उन्होंने विधानसभा में कोई प्रश्न पूछा था। बीजेपी की सरकार और मुख्यमंत्री जी, जिनको उज्जैन की जमीनों से बड़ा प्रेम है, उन्होंने पार्टी के माध्यम से मालवीय जी को नोटिस दे दिया।

अजय सिंह ने कहा कि जब पर्ची से मुख्यमंत्री बनता है, जिसको उम्मीद भी न हो तो आप क्या सोच रहे हैं, कौन चला रहा है। यह तो केंद्र सरकार चला रही है। यह तो नाम मात्र के मुख्यमंत्री हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 August 2026
 भोपाल, कांग्रेस अपने जमीनी संगठन को दुरुस्त कर राज्यों के साथ दिल्ली में वापसी की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस का कमजोर बूथ मैनेजमेंट और निचले स्तर पर संगठन न होना…
 14 August 2026
भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भोपाल में 14 अगस्त को भारत की विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा की संस्था ‘कर्मश्री’ के…
 14 August 2026
भोपाल । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की वीडियो कान्फ्रेंसिंग से चल रही सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिए वीडियो स्क्रीन पर रोबोट की तस्वीर लगाने…
 14 August 2026
 भोपाल । प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग सरपंच और पंच के चुनाव भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से…
 14 August 2026
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को अब अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध…
 14 August 2026
भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में पसरे अतिक्रमणों पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अमले ने लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई…
 14 August 2026
भोपाल। केंद्रीय जेल भोपाल का एक बंदी गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल से हथकड़ी निकालकर फरार हो गया। जेल प्रहरी ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल की दीवार फांदते…
 14 August 2026
भोपाल। पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित तोतलादोह जलाशय में कथित अवैध मछली शिकार और संगठित कारोबार की शिकायत को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय…
 14 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बहुमंजिला इमारतों (हाईराइज बिल्डिंग्स) के निर्माण की राह अब बेहद आसान होने जा रही है। राज्य सरकार वर्ष 2012 के लगभग 14 साल पुराने भूमि विकास…
Advt.