फेल हो गया अमेरिका का F-35! आधे से अधिक विमान उड़ने के काबिल नहीं, सरकारी खुलासे से बवाल

Updated on 23-09-2023 04:24 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी वायु सेना के एफ-35 बेड़े के आधे से अधिक विमान किसी भी समय उड़ान भरने के लायक नहीं हैं। यह खुलासा यूएस गवर्मेंट एकाउंटबिलिटी ऑफिस (जीएओ) ने एक नई रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग आधे एफ-35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर्स जो ऑपरेशनल होने वाले हैं, वे उड़ान भरने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें उड़ने लायक बनाने में 1.3 ट्रिलियन डॉलर की लागत आएगी। अमेरिका का दावा है कि एफ-35 दुनिया का सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान है। अमेरिका ने इस विमान को अपने कई मित्र देशों को बेचा भी है। हालांकि, एफ-35 को खरीदने वाले दक्षिण कोरिया ने भी कुछ ऐसी ही शिकायत की थी। दक्षिण कोरिया ने अपनी संसद में बताया था कि एफ-35 की ऑपरेशनल उपलब्धता 40 फीसदी से भी कम है।

55 फीसदी है F-35 की उपलब्धता दर


गुरुवार को जारी जीएओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि एफ-35 बेड़े के मिशन के लिए उपलब्ध करने की दर मार्च 2023 में लगभग 55 फीसदी था, जो कि इसके प्रोग्राम के लक्ष्यों से काफी कम था। एकाउंटबिलिटी ऑफिस ने ऑपरेशनल अनुपलब्धता के इस स्तर को अस्वीकार्य रूप से कम कहा। रिपोर्ट में कहा गया है, रिपेयर करने के लिए डिपो मेंटीनेंस एक्टिविटी की स्थापना में कार्यक्रम निर्धारित समय से पीछे था। इसके परिणामस्वरूप, कंपोनेंट मेंटीनेंस का समय बढ़ रहा है और 10,000 से अधिक पार्ट्स मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे थे। यह वांछित स्तर से ऊपर है।

मेंटीनेंस में 1.3 ट्रिलियन डॉलर का खर्चा


रिपोर्ट में कहा गया है कि टेक्निकल डेटा और ट्रेनिंग की कमी से संगठनात्मक स्तर का मेंटीनेंस भी प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे F-35 बेड़े को चालू रखने और उड़ान भरने के लिए 1.3 ट्रिलियन डॉलर की लागत आएगी, भले ही मरम्मत और रखरखाव की सभी बाधाओं के साथ-साथ विमान की गन, इजेक्टर सीट, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ चल रही डेवलपमेंटल प्रॉब्लम्स ठीक हो जाएं। हालांकि, F-35 प्रोग्राम से जुड़ी कमियों के बावजूद, रिपोर्ट ने यह भी निर्धारित किया कि बाइडन प्रशासन और रक्षा विभाग अमेरिकी सशस्त्र बलों के लिए कुल 2,500 F-35 खरीदने पर 1.7 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

2500 एफ-35 खरीदेगा अमेरिका


यूएस गवर्मेंट एकाउंटबिलिटी ऑफिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दशकों में रक्षा विभाग लगभग 2,500 एफ-35 पर अनुमानित $1.7 ट्रिलियन खर्च करने की योजना बना रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकारा है कि इनमें से अधिकांश धन विमान के संचालन, रखरखाव और मरम्मत पर खर्च किया जाएगा। जीएओ ने कहा कि एफ-35 विमान अब रक्षा विभाग के टेक्टिकल एविएशन फ्लीट के बढ़ते हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें लगभग 450 विमान तैनात हैं। एफ-35 कार्यक्रम की शुरुआत से ही अमेरिका को कई तरह की बड़ी असफलताओं का सामना करना पड़ा है।


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