जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रबंधन के लिए निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन) के गठन की स्वीकृति

Updated on 18-08-2026 06:21 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन तथा दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 734 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। पिछले बीस वर्षों में प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि की गयी है।प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और तकनीकी प्रगति को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के आगामी वर्षों में निर्बाध संचालन के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके साथ ही, महिला कल्याण को प्राथमिकता देते हुए 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये, 'मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना' के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये की वित्तीय निरंतरता को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अधोसंरचना विस्तार के लिए 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये, कृषि शिक्षा व अनुसंधान के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।

'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश को जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति दी है। मध्य प्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस मिशन को एकीकृत, वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है।

नमन मिशन की प्रबंधन संरचना

'नमन मिशन' को म.प्र. सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा, जो पूर्व में गठित मंत्रिमंडल समिति, अन्तर्विभागीय कार्यकारिणी समिति और राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की प्राथमिकताओं व अनुश्रवण तंत्र को समाहित कर सुदृढ़ कार्ययोजना पर कार्य करेगा।नमन मिशन का प्रशासनिक ढांचा त्रि-स्तरीय रखा गया है।

मुख्यमंत्री करेंगे साधारण सभा की अध्यक्षता

सर्वोच्च साधारण सभा की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे और इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष तथा 19 सहभागी विभागों के मंत्रीगण सदस्य होंगे। इसके अलावा साधारण सभा में नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन क्षेत्र के अधिकतम 10 प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी नामांकित किए जाएंगे। वहीं, मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव उपाध्यक्ष और संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) कार्यकारिणी के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। इस कार्यकारिणी समिति में IISER, IIT, IRMA, NIH, IIFM, ICAR और NEERI जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को भी जोड़ा गया है।

मिशन का होगा मजबूत वित्तीय ढांचा

मिशन के सुचारू संचालन और परियोजनाओं के निष्पादन के लिए एक मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार किया गया है। नर्मदा संरक्षण व विकास कार्यों के लिए 'निर्मल एवं अविरल नर्मदा मिशन निधि' के तहत राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, वन विभाग की कैम्पा (CAMPA) निधि से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का उपयोग किया जाएगा तथा आपवादिक परिस्थितियों में प्रचलित योजनाओं से भिन्न कार्यों के लिए 5 वर्षों में राज्य बजट से 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मिशन में सीएसआर (CSR) फंड, केंद्रीय सहायता और पीपीपी (PPP) मॉडल के माध्यम से भी जन-सहयोग जुटाया जाएगा।

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेगी वैज्ञानिक मूल्यांकन

तकनीकी दक्षता के लिए गठित की जा रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) एक टेक-इंजन और नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगी। यह इकाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस (GIS), रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों का उपयोग कर नदी स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 August 2026
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्म जयंती वर्ष के पावन अवसर पर भोपाल स्थित श्री…
 18 August 2026
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने नई दिल्ली में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सोसाइटी की 97वीं वार्षिक आम बैठक में शामिल हुए। श्री सुब्रमण्यम…
 18 August 2026
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर ठगी के नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों के विरुद्ध तकनीकी संसाधनों, साइबर विशेषज्ञता एवं अंतरराज्यीय समन्वय के साथ लगातार प्रभावी…
 18 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फेक न्यूज़ के जमाने में हम नेक न्यूज़ वाले बने। पत्रकारिता में सत्ता का विरोध ठीक है, लेकिन देश विरोध नहीं होना…
 18 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और जीवनदायिनी माँ नर्मदा के…
 18 August 2026
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा, विकसित भारत की आधारशिला है। उन्हें स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाना समय की मांग है। युवाओं को समसामयिक परिस्थितियों के अनुरूप सजग…
 18 August 2026
भोपाल, भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) द्वारा जुलाई महीने के कार्यों, आंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के बाद देशभर के प्रमुख पदाधिकारियों का 'रिपोर्ट कार्ड' जारी किया गया है।इस रिपोर्ट कार्ड…
 18 August 2026
भोपाल, मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला आज मोहन सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता…
 18 August 2026
भोपाल, राजधानी भोपाल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में शामिल ई-बसों की मंगलवार से संख्या बढ़ जाएगी। 10 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर और उतरेंगी। इसके बाद इनकी संख्या 20 हो जाएगी।…
Advt.