आर्मीनिया को हथियार देकर नए युद्ध को भड़का रहे... भारत के दोस्त फ्रांस पर अजरबैजानी राष्ट्रपति आगबबूला
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22-11-2023 01:12 PM
बाकू: भारत के बाद अब फ्रांस के आर्मीनिया को घातक हथियार देने पर अब अजरबैजान बौखला गया। अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने फ्रांस पर आरोप लगाया है कि वह आर्मीनिया को नए हथियार देकर दक्षिणी काकेकस इलाके में नए युद्ध की आधारशिला तैयार कर रहे हैं। अलियेव ने एक सम्मेलन में दिए अपने भाषण में सबसे ज्यादा फ्रांस पर निशाना साधा। इससे पहले पिछले महीने फ्रांस ने आर्मीनिया को घातक हथियार देने पर अपनी सहमति जताई थी। इससे पहले भारत ने भी आर्मीनिया को पिनाका रॉकेट सिस्टम की सप्लाई की थी और अब घातक तोप खरीदने का भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है। अजरबैजान को तुर्की और पाकिस्तान से हथियार मिलते हैं।
अजरबैजानी राष्ट्रपति अलियेव ने कहा, 'फ्रांस ने न केवल भूतकाल में बल्कि वर्तमान समय में भी अपने उपनिवेशों के साथ हमारे क्षेत्र दक्षिणी काकेकस को भी अस्थिर किया है। ऐसा वह अलगाववादी मानसिकता और अलगाववादियों को समर्थन देकर कर रहा है।' उन्होंने कहा, 'आर्मीनिया को हथियार देकर उसने अपनी सैन्य नीति को लागू कर दिया है। फ्रांस ने आर्मीनिया की उन ताकतों को बढ़ावा दिया है जो अपने खोए हुए इलाकों को ताकत के बल पर हासिल करना चाहते हैं। साथ हमारे इलाके में एक नए युद्ध की शुरुआत की आधारशिला रख दी है।'
अजरबैजान ने आर्मीनिया को हराया, कराबाख पर कब्जा
अजरबैजान के राष्ट्रपति अलियेव के इस बयान पर फ्रांस ने भी पलटवार किया है। राजनयिक सूत्रों ने कहा कि फ्रांस, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ मिलकर दक्षिणी काकेकस इलाके में एक न्यायोचित और स्थायी शांति की दिशा में काम कर रहा है। यह संप्रभुता और सीमा के सम्मान के सिद्धांत पर आधारित होगा। आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच पिछले तीन दशक में दो बार युद्ध हो चुका है लेकिन अलियेव को इस साल सितंबर महीने में उस समय बड़ी सफलता मिल गई जब उन्होंने कराबाख इलाके पर फिर से कब्जा कर लिया।
नागर्नो कराबाख पर आर्मीनिया मूल के लोग 1990 के दशक से स्वतंत्र तरीके से रहते थे। इसके बाद से अब तक 1 लाख आर्मीनियाई मूल के लोग आर्मीनिया में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। अजरबैजान इस जीत के बाद अपनी शर्तों पर आर्मीनिया के साथ डील करना चाहता है और उसने पश्चिमी देशों खासकर फ्रांस और अमेरिका की कड़ी आलोचना की है। इन देशों में बड़ी तादाद में आर्मीनिया मूल के लोग रहते हैं और वे आर्मीनिया के प्रति सहानुभूति रखते हैं। अजरबैजान पर फ्रांस ने नकारात्मक साइबर अभियान चलाने का आरोप लगाया है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बाद अब अलियेव ने अब फ्रांस पर औपनिवेशिक देशों में खूनी हिंसा करने का आरोप लगाया है।