आसमान में आज दिखाई देगा बीवर मून, आखिर क्या है इसका मतलब, चंद्र ग्रहण से कैसे है अलग?
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27-11-2023 02:34 PM
वॉशिंगटन: आसमान रहस्यों से भरा है। हमेशा से इंसानों को आसमान में दिखने वाली सबसे बड़ी चीज चांद को लेकर उत्सुकता रही है। नवंबर का महीना आते ही खगोलीय घटनाओं के प्रेमी बीवर मून (Beaver Moon) का इंतजार कर रहे होते हैं। 27 नवंबर 2023 को यह दिखाई देने के लिए तैयार है। नवंबर महीने में होने वाली पूर्णिमा को बीवर मून के नाम से जाना जाता है। सोमवार की रात को यह आकाश में चमकता हुआ दिखाई देगा। आइए जानें बीवर मून के बारे में।
नासा के ग्रह भूविज्ञान भूभौतिकी और भू-रसायन विज्ञान के प्रमुख डॉ. नूह पेट्रो का कहना है, 'आने वाली पूर्णिमा (बीवर मून) हर पूर्णिमा जैसा ही दिखेगा। हालांकि विशिष्ट विशेषताएं हमेशा एक चंद्रमा से दूसरे चंद्रमा में कुछ अलग होती है।' उन्होंने कहा कि स्थानीय मौसम अगर सही है तो इसे देखा जा सकता है। भूमध्य रेखा के उत्तर या दक्षिण दोनों ही तरफ रहने वाले बीवर मून को देख सकेंगे। लगभग एक दिन तक यह एक जैसा ही दिखाई देगा।
कैसे देखें बीवर मून
पेट्रो का कहना है कि बीवर मून देखने के लिए सबसे जरूरी चीज साफ आसमान है। क्योंकि ठंड आ गई है तो कई जगहों पर कोहरे के कारण साफ आसमान होना मुश्किल है। उनका कहना है कि चांद को देखने के लिए किसी भी तरह के उपकरण की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर दूरबीन हो तो नजारा और भी अच्छा हो सकता है। पिछले साल की बात करें तो 8 नवंबर को बीवर मून देखने को मिला था। तब इस दौरान चंद्र ग्रहण भी था, जिसके कारण यह लाल हो गया था।
क्या यह चंद्र ग्रहण है?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक माना जाता है कि उत्तरी अमेरिका में फर व्यापार 1500 से 1800 के दशक तक फलता-फूलता रहा। नवंबर मोटे कोट के लिए ऊदबिलाव को फंसाने का मौसम था, इस कारण इसका नाम बीवर मून पड़ा। बीवर (Beaver) एक अंग्रेजी शब्द है, जिसका हिंदी मतलब ऊदबिलाव है। कुछ लोग इसे चंद्र ग्रहण भी मानने की गलती कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। साल 2023 में दो चंद्र ग्रहण थे। पहला चंद्र ग्रहण 5-6 मई और दूसरा 28-29 अक्टूबर को लगा था।