चंद्रयान की लॉन्चिंग से पहले चीन ने किया नए चंद्रमा मिशन का ऐलान, चांद पर इंसानों को भेजेगा ड्रैगन, जानें प्लान

Updated on 13-07-2023 02:17 PM
बीजिंग: पूरी दुनिया इस समय चांद पर जाना चाहती है। अमेरिका ने आज से 50 साल पहले इंसान को चांद पर भेजा था। भारत चंद्रयान-3 मिशन के जरिए अपना रोवर चांद पर भेजना चाहता है। वहीं चीन चांद पर इंसानों को भेजने वाला दूसरा देश बनना चाहता है। चीनी अधिकारियों नें अपने मानवयुक्त चंद्रमा मिशन से जुड़ी खोज के विवरणों का खुलासा किया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी (CMSA) के उप मुख्य इंजीनियर झांग हैलियन ने बुधवार को वुहान में एक एयरोस्पेस शिखर सम्मेलन में प्लान का खुलासा किया।

हैलियन के मुताबिक यह मिशन 2030 से पहले होने की उम्मीद है। यह चांद पर एक रिसर्च स्टेशन स्थापित करने की परियोजना का हिस्सा है। झांग ने कहा कि चांद पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री रिसर्च स्टेशन के निर्माण करने के बेहतरीन तरीकों का पता लगाएंगे। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक दो लॉन्च वाहन लैंडर और मानवयुक्त अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में भेजा जाएगा और वे एक दूसरे से जुड़ेंगे। डॉकिंग के बाद अंतरिक्ष यान में सवार चीनी अंतरिक्ष यात्री लैंडर में प्रवेश करेंगे जो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा।

ऐसे होगी धरती पर वापसी

रिपोर्ट के मुताबिक चांद पर रहते हुए वे नमूने इकट्ठा करेंगे और कई वैज्ञानिक जांच करेंगे। यहां से बाद में वह फिर लैंडर में जाएंगे जो उड़ान भर कर फिर से अंतरिक्ष यान के साथ जुड़ेगा और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाएगा। चीनी वैज्ञानिक इस समय मिशन से जुड़ी तैयारी कर रहे हैं। वह मूनसूट, मानवयुक्त चंद्र रोवर, मानवयुक्त अंतरिक्ष यान और मून लैंडर समेत सभी उपकरणों को विकसित करने में व्यस्त हैं। हालांकि सरकारी मीडिया ने यह नहीं बताया कि कितने अंतरिक्ष यात्री चांद पर जाएंगे।

2013 में उतारा पहला रोवर

चीन अपने स्पेस प्रोग्राम को तेजी से बढ़ाने में लगा है और चंद्र मिशन इसमें सबसे लेटेस्ट है। चीन स्पेस रेस में देर से आया है, लेकिन इसने तेजी से रफ्तार पकड़ी है। 1970 तक चीन ने अपना एक भी सैटेलाइट लॉन्च नहीं किया था और तब अमेरिका अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेज चुका था। चीन ने 2013 में सफलतापूर्वक चंद्रमा पर एक रोवर उतारा। ऐसा करने वाला वह केवल तीसरा देश बन गया। तब शी जिनपिंग ने कहा कि अंतरिक्ष का सपना चीन को मजबूत बनाने का हिस्सा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 25 September 2026
वॉशिंगटन: वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-चीन समिट ( Donald Trump Xi Jinping Summit ) के दौरान एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की जा रही…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र में बेहद दमदार भाषण दिया है। उन्होंने दुनिया के सबसे मंच पर वैश्विक ताकतों को आइना दिखाते हुए कहा 'हम उस…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अपने संबोधन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर तीखा हमला बोला है। नेतन्याहू ने ममदानी को न्यूयॉर्क…
 25 September 2026
रोम: इटली की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगा दी है। प्रधानमंत्री जॉर्जियो मेलोनी की कैबिनेट ने गुरुवार को इस मामले में आदेश पारित किया है।…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के बीच अहम मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों…
 25 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने यूएपीए (UAPA) कानून के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधा है। करीब 9 साल…
 25 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी को एक अहम यूरोपीय देश का साथ मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा…
 25 September 2026
संयुक्त राष्ट्र: ईरान के राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने परमाणु बम को नापाक बताते हुए उसको बनाने की किसी भी महत्‍वाकांक्षा को पूरी तरह से खारिज किया है। ईरानी राष्‍ट्रपति ने…
 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों का भारत समेत G4 के सभी सदस्यों ने समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान G4…
Advt.