छोटे से इजरायल में बड़ी ताकत, बिना इसके नहीं चलता अमेरिका-चीन का काम,जंग के बीच संकट में ग्लोबल इकॉनमी

Updated on 10-10-2023 01:41 PM
नई दिल्ली: इजरायल पर हमास के हमले के बाद से वहां युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस खूनी संघर्ष ने दुनियाभर की चिंता को बढ़ा दिया है। रूस और यूक्रेन युद्ध से पहले ही हिली ग्लोबल इकॉनमी को अब एक और युद्ध ने संकट में डाल दिया है। अगर ये जंग लंबी चली तो दुनियाभर पर इसका असर पड़ेगा। भारत भी इससे अछूता नहीं रह पाएगा। छोटा सा देश इजरायल मात्र 8,019 वर्ग मील में फैला है, लेकिन इसकी इकॉनमी का लोहा बड़े-बड़े देश मानते हैं। चार दशक पहले तक जो देश अलग-अलग आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा था, आज उसके बिना चीन, अमेरिका जैसे देशों का काम नहीं चलता है। जो देश कभी कठिनाइयों से जूझ रहा था, उसने कुछ ही सालों में खुदको मजबूत बना लिया। कभी संसाधनों की गंभीर कमी के चलते आर्थिक संकट का सामना करने वाला ये देश मजबूत इकॉनमी के साथ खड़ा है और हमास के आंतकियों का सामना कर रहा है।

​इजरायल की इकॉनमी​

क्षेत्रफल के मामले में छोटा सा यह देश टेक्नोलॉजी के मामले में बड़े-बड़े देशों को पछाड़ रहा है। इजरायल की कुल जीडीपी 43.45 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था का 0.23 फीसदी है। इसकी प्रति व्यक्ति आय 48.4 लाख रुपए है, जो दुनिया में 13वें नंबर पर आती है। जनसंख्या करीब 92 लाख है। इजरायल की मोटी कमाई निर्यात से होती है। यह देश सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका को करता है। चीन जैसे देश भी इजरायल के टेक्नॉलिजी के कायल हैं। हीरे , इंटीग्रेटेड सर्किट, रासायनिक उत्पाद, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम युक्त उर्वरक, मेडिकल इक्विपमेंट्स, अन्य उपकरण और पोटाश का सबसे ज्यादा निर्यात होता है। इजरायल की कुल जीडीपी में 40 फीसदी हिस्सेदारी तो सिर्फ एक्सपोर्ट से है।

​अमेरिका और चीन को इजरायल की जरूरत​

इजरायल सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट अमेरिका के साथ करता है। इजरायल के कुल एक्सपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी 26.5 फीसदी की है। वहीं अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा निर्यात वो चीन को करता है। कुल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 7.8 फीसदी है। इसका बाद फिलीस्तानी क्षेत्र में 6.4 फीसदी , भारत से 4.4 फीसदी, जर्मनी से 3.4 फीसदी, आयरलैंड से 3.36 फीसदी, ब्रिटेन से 3.35 फीसदी , नीदरलैंड से 3.2 फीसदी, तुर्की से 3.1 और ताइवान से 2.6 फीसदी का निर्यात है। अमेरिका और इजरायल के बीच हर साल 17 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट होता है तो वहीं चीन से 5.04 फीसदी का कारोबार होता है।

​इजरायल की मजबूत इकॉनमी का दुनिया से माना लोह ​

इजरायल बड़े देशों के साथ कारोबार कर रहा है। अगर बात इजरायल के फॉरन रिजर्व की करें तो ये अगस्त 2023 में ये 16.8 लाख करोड़ था। इस मामले में यह यूके और यूएई जैसे देशों को भी पछाड़ रहा है। इजरायल की इकॉनमी के सेहत का हाल जानने की कोशिश करें तो ये तीन सेक्टर्स में बंटा हुआ है। पहला कृषि, दूसरा इंडस्ट्री और तीसरा सर्विसेज। इजरायल की डायमंड इंडस्ट्री दुनिया के मेन सेंटर्स में से एक है। इस देश की जीडीपी जिन सेक्टर्स पर निर्भर करती है, उनमें हाई टेक्नोलॉजी गुड्स एंड सर्विसेज, फार्मास्यूटिक्लस,पोटाश और फॉस्फेट मुख्य हैं। इतना ही नहीं यह देश मेटल साइंस, कैमिकल प्रोडक्ट, प्लास्टिक, कटे हुए डायमंड, फाइनेंशियल सर्विसेज, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और कपड़ों से खूब पैसा कमाता है।

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