बीजेपी-कांग्रेस MLA ने जताई नाराजगी:जल जीवन मिशन में गड़बड़ी; पीएचई मंत्री बोलीं – 'हम खुद नाले का पानी पीते थे, समय लगेगा'

Updated on 23-03-2025 02:12 PM

मध्यप्रदेश के 51 हजार से अधिक गांवों में हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने वाली जल जीवन मिशन योजना में ठेकेदारों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों के विधायक आवाज उठा रहे हैं।

बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने बीते शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने पाइपलाइन की खराब गुणवत्ता और सड़कों की मरम्मत न होने पर सवाल खड़े किए।

पीएचई विभाग अब व्यवस्था में बदलाव करने जा रहा है ताकि ठेकेदारों द्वारा की जा रही गड़बडिय़ों पर रोक लगाई जा सके।

2027 तक हर घर को मिलेगा नल से जल: पीएचई मंत्री

पीएचई मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 2027 तक 100% काम पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में 76% कार्य प्रगति पर है। गिरते जल स्तर को देखते हुए सरकार डैम बनाकर जल संकट का समाधान कर रही है और इन्हें जल जीवन मिशन से जोड़कर हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने ठेकेदारों की लापरवाही और पाइपलाइन में खामियों पर कहा कि स्थिति पहले से बेहतर हुई है। अधिकारी और विधायक मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं, और जहां भी गड़बडिय़ां मिल रही हैं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्यप्रदेश के 51,154 गांवों में से 18,000 से अधिक गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो चुकी है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास जारी है और सरकार इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई

पीएचई मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि जल जीवन मिशन में यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो जानकारी दें, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक 10 से 12 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनसे वसूली की गई है।

मंत्री ने कहा कि ठेकेदारों के काम का थर्ड-पार्टी मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। जब तक उनकी गुणवत्ता की पुष्टि नहीं होगी, तब तक भुगतान नहीं किया जाएगा।

51 हजार गांवों में पानी पहुंचाना जादू नहीं मुंगावली विधायक और पूर्व पीएचई राज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी व्यापक योजना को पूरा करने में समय लगता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में इस मिशन की घोषणा कर इसे तत्काल लागू किया, लेकिन 51 हजार से अधिक गांवों तक जल पहुंचाना एक दिन का कार्य नहीं है।

राजस्व मंत्री के इलाके में जल संकट बिसनखेड़ी गांव में जलसंकट को लेकर स्थानीय विधायक और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा- नल जल योजना से हम पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

वहां हमने ट्यूबवैल के लिए मशीन भेजी थी लेकिन, आपसी विवाद में बोरिंग नहीं हो पाई। आने वाले समय में हम नया ट्यूबवैल लगाएंगे।



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